2026 में अमेरिकी ब्याज दरों के प्राइस trajectory को लेकर Federal Reserve और फाइनेंशियल मार्केट्स के बीच फासला काफी बढ़ गया है। जहां Fed फिलहाल कटौती को लेकर सतर्क है, वहीं मार्केट इस साल दो से तीन रेट कट की उम्मीद कर रहे हैं।
इस अंतर के पीछे एक दिलचस्प विरोधाभास है: President Donald Trump की कम ब्याज दरों की मांग उन्हीं की राजनीति को खतरे में डालने वाली महंगाई के चलते कमजोर पड़ सकती है।
मार्केट्स मिड ईयर तक रेट कट्स पर दांव लगा रहे हैं
Prediction market प्लेटफॉर्म Polymarket के मुताबिक, जनवरी FOMC (Federal Open Market Committee) मीटिंग में रेट कट की संभावना सिर्फ 12% है। ज्यादातर पार्टिसिपेंट्स यही मान रहे हैं कि इस महीने रेट्स में कोई बदलाव नहीं होगा।
लेकिन लॉन्ग-टर्म नजरिए में तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है। अप्रैल तक रेट कट की संभावना बढ़कर 81% हो जाती है और जून तक ये 94% तक पहुंच जाती है। पूरे साल के लिए, दो कटौती वाला विकल्प सबसे ज्यादा (24%) संभावनाओं में है, उसके बाद तीन (20%) और चार कट (17%) हैं। यानी कुल मिलाकर दो या उससे ज्यादा कट की संभावना 87% से भी ज्यादा है।
CME FedWatch tool, जो रेट फ्यूचर्स में छिपी उम्मीदों को दिखाता है, भी लगभग ऐसा ही संकेत देता है। जनवरी में रेट्स होल्ड रहने की संभावना 82.8% है, जो Polymarket से मिलती-जुलती है। जून तक कम से कम एक कटौती की संभावना 82.8% और दिसंबर तक दो से तीन रेट कट्स की संभावना 94.8% है।
मार्केट की राय एकदम क्लियर है: जनवरी में होल्ड, साल के पहले हिस्से में रेट कट की शुरुआत, और दिसंबर तक दो से तीन कटौती।
Fed Hawks ने जल्दबाज़ी से किया इनकार
लेकिन Fed के अंदर एक अलग स्टोरी बन रही है। 4 जनवरी को Philadelphia Fed President Anna Paulson ने संकेत दिए कि आगे की रेट कट्स शायद “साल के थोड़े बाद” ही सही होंगी।
Paulson, जो 2026 FOMC की वोटिंग मेंबर हैं, ने कहा “थोड़ी और एडजस्टमेंट्स फंड्स रेट में साल के बाद सही रहेंगी” — लेकिन ये तभी होगा जब inflation घटे, लेबर मार्केट स्थिर हो और ग्रोथ करीब 2% के आस-पास हो जाए। उन्होंने मौजूदा पॉलिसी को “थोड़ी सख्त” बताया, यानी ये अभी भी inflation कम करने के लिए काम कर रही है।
उनकी यह बात, मार्केट के पहले छमाही में कटौती की उम्मीदों के बिल्कुल उलट है। Fed के सख्त रुख वाले ग्रुप का साफ संदेश है: जल्दी किसी रेट कट की उम्मीद मत रखिए।
December FOMC: कमिटी में मतभेद
दिसंबर FOMC मीटिंग ने दिखा दिया कि Fed अब कितना बंट चुका है।
कमिटी ने रेट्स में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की, जिससे टारगेट रेंज अब 3.5-3.75% हो गई है। लेकिन वोटिंग 9-3 पर रुकी, जो पिछली बार की 10-2 वोटिंग से भी ज्यादा है। दो मेंबर, Schmid और Goolsbee ने रेट्स को स्थिर रखने का समर्थन किया। वहीं दूसरी तरफ, Miran — जिन्हें आमतौर पर Trump सरकार के करीब माना जाता है — इन्होंने 50-बेसिस-प्वाइंट की कटौती की बात रखी।
डॉट प्लॉट ने और भी दिलचस्प/खुलासा करने वाली Story बताई। जहां मीडियन प्रोजेक्शन के मुताबिक 2026 में सिर्फ एक कटौती दिखाई गई, वहीं डिस्ट्रीब्यूशन काफी अलग था। सात अधिकारियों ने कहा कि कोई कटौती नहीं होगी, जबकि आठ ने दो या इससे ज्यादा कटौती की संभावना जताई। सबसे सoft प्रोजेक्शन के अनुसार रेट्स 2.125% तक गिर सकते हैं।
Fed के ऑफिशियल गाइडेंस के अनुसार सिर्फ एक कटौती होगी। लेकिन मार्केट्स दो कटौती के हिसाब से प्राइसिंग कर रही हैं। आखिर ये अंतर क्यों है?
Markets डव्स पर दांव क्यों लगा रहे हैं: Trump फैक्टर
मार्केट्स Fed की ताकतवर (hawkish) गाइडेंस को मानने से क्यों इनकार कर रही हैं? इसका सबसे बड़ा कारण है President Donald Trump।
Trump ने फिर से ऑफिस में आने के बाद से Fed पर लगातार रेट्स कम करने का दबाव डाला है। दिसंबर FOMC वोटिंग — जिसमें Trump से जुड़े अधिकारी ने आक्रामक रेट कट के लिए बोला — ये भी इसी दिशा को दिखाता है।
और भी जरूरी बात, Fed Chair Jerome Powell का कार्यकाल 2026 में खत्म हो रहा है। उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति का अधिकार President के पास है। मार्केट के जानकारों का मानना है कि Trump फिर सरकार में आते हैं तो वो ऐसे को चुनेंगे, जो उनकी loose Monetary Policy की सोच के साथ हो।
स्ट्रक्चरल फैक्टर्स भी इस सोच को मजबूत बनाते हैं। Fed का इतिहास रहा है कि जब labor मार्केट कमजोर होता है तो वो रेट कट की तरफ जाता है। FOMC में मतभेद बढ़ते जा रहे हैं। और टैरिफ पॉलिसीज़ के चलते इकोनॉमिक ग्रोथ धीमी पड़ने की चिंता भी बढ़ रही है, जिससे Monetary easing का दबाव बनता है।
मार्केट्स का दांव सीधा है: Trump का दबाव और संभावित इकोनॉमिक स्लोडाउन अंत में Fed को रेट काटने पर मजबूर करेगा।
मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की कमजोरी बनी मंदी
यहीं मुख्य विडंबना है। Fed पर प्रभाव डालने के लिए Trump को पोलिटिकल पूंजी चाहिए होती है। लेकिन ये पूंजी मंदी (inflation) की वजह से कम हो रही है।
हालिया पोल के मुताबिक, Trump की आर्थिक नीति पर approval रेटिंग गिरकर सिर्फ 36% रह गई है। PBS/NPR/Marist सर्वे में 57% लोगों ने उनकी आर्थिक नीति को नापसंद किया। CBS/YouGov पोल बताता है कि 50% अमेरिकन मानते हैं कि Trump की पॉलिसीज़ के चलते उनकी वित्तीय स्थिति और खराब हुई है।
इसकी सबसे बड़ी वजह है तेज़ी से बढ़ती कीमतें। Bureau of Labor Statistics के डेटा के अनुसार, जुलाई 2020 से अब तक ग्राउंड बीफ की कीमतों में 48% की बढ़ोतरी हो चुकी है, वहीं McDonald’s Big Mac मील की कीमत 2019 में $7.29 से बढ़कर 2024 में $9.29 से ज्यादा हो गई है। Egg प्राइस तो और भी ज्यादा वोलाटाइल रही हैं—दिसंबर 2019 से दिसंबर 2024 के बीच करीब 170% तक बढ़ी हैं। affordability अब सबसे अहम आर्थिक चिंता बन गई है। NPR/PBS न्यूज़/Marist पोल के मुताबिक, 70% अमेरिकन मानते हैं कि उनके इलाके में average परिवार के लिए cost of living अब “not affordable” है, जो जून में 45% था।
यह असंतोष वोटिंग बॉक्स में भी दिखने लगा है। पिछले नवंबर न्यूयॉर्क सिटी के मेयर इलेक्शन में डेमोक्रेटिक स्टेट असेंबलीमैन Zohran Mamdani affordability को बढ़ाने के मुद्दे पर चुनकर आए। Virginia और New Jersey में भी डेमोक्रेटिक कैंडिडेट्स ने cost-of-living राहत के वादों के साथ गवर्नरशिप जीती है।
अब नवंबर में midterm चुनाव आने वाले हैं और 30 से ज्यादा रिपब्लिकन हाउस मेंबर पहले ही दोबारा चुनाव न लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। पॉलिटिकल एनालिस्ट्स अब Republican हार और Trump के लिए एक कमजोर, lame-duck स्थिति की आशंका जता रहे हैं।
तीन विकल्प, कोई आसान रास्ता नहीं
Monetary Policy और चुनावी राजनीति का intersection 2026 के लिए तीन संभावित scenarios दिखाता है—और इनमें से कोई भी Trump को उनका सब कुछ नहीं दिलाता।
Scenario 1: Inflation ऊपर बनी रहती है। Trump पर राजनीतिक खतरा बढ़ जाता है, midterms हार सकते हैं और उनकी स्थिति और भी कमजोर हो सकती है। Inflation हाई होने पर Fed के पास रेट घटाने का कोई बड़ा कारण नहीं रहेगा और Trump की पहुंचे कमजोर पड़ी जाएगी।
Scenario 2: इकॉनमी में तेज गिरावट आती है। Trump के लिए सियासी झटका और भी बड़ा होगा क्योंकि वीक इकॉनमी के लिए वोटर उन्हें दोषी मानेंगे। हालांकि, Fed के पास ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए रेट कम करने की वजह होगी।
Scenario 3: Soft landing, inflation moderated Trump की राजनीतिक स्थिति बेहतर हो सकती है क्योंकि आर्थिक चिंता घटेगी। लेकिन इकोनॉमी अच्छा performance दे रही होगी तो Fed को रेट घटाने की जरूरत नहीं होगी।
इनमें से किसी भी scenario में Trump को दोनों – राजनीतिक मजबूती और कम इंटरेस्ट रेट – नहीं मिल सकते। ये दोनों लक्ष्य आपस में टकरा रहे हैं।
वो डेटा जो सब कुछ तय करेगा
आने वाले आर्थिक आंकड़े ही तय करेंगे कि Fed की पॉलिसी क्या होगी और Trump की राजनीतिक किस्मत किस करवट बैठेगी।
Consumer Price Index (CPI): CPI कम हुआ तो रेट कट करने की मजबूत वजह मिलेगी और Trump को राजनीतिक राहत मिलेगी। लेकिन अगर CPI बढ़ा, तो Fed पर पाबंदी बढ़ेगी और प्रशासन के खिलाफ वोटरों की नाराज़गी और तेज़ हो जाएगी।
Producer Price Index (PPI): उपभोक्ता कीमतों का एक महत्वपूर्ण इंडिकेटर है Producer Price Index (PPI)। अगर PPI गिरता है तो इससे आगे चलकर CPI में भी गिरावट के संकेत मिलते हैं। वहीं, अगर PPI बढ़ता है, तो ये दिखाता है कि टैरिफ से जुड़ी प्राइस प्रेशर फिजिकल रूप से असर दिखा रहे हैं।
Employment data (NFP, unemployment rate): अगर लेबर मार्केट कमजोर होता है तो Fed पर रेट कट का दबाव बढ़ेगा — लेकिन इससे Trump के आर्थिक रिकॉर्ड को भी नुकसान पहुंचेगा। अगर रोजगार स्थिर रहता है तो Fed को अपनी सतर्क पोजिशन बनाए रखने का मौके मिलेगा।
निष्कर्ष
Fed 2026 में एक रेट कट का संकेत दे रहा है। लेकिन Paulson जैसे hawkish एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ये कट भी शायद साल के दूसरे हिस्से तक न आए। इसके बावजूद, मार्केट्स उम्मीद कर रही हैं कि Trump का दबाव और Powell के बाद की टीम की वजह से Fed को 2 से 3 रेट कट्स करने पड़ सकते हैं।
यहां एक बड़ा पैराबॉक्स है: लगातार inflation की वजह से Trump की political पोजिशन कमजोर होती है, जिससे Fed पर उनका दबाव भी घट जाता है। यानी, जिन हालातों में रेट कट्स की सबसे ज्यादा जरूरत Trump को है, उन्हीं हालातों में ये आर्थिक रूप से सही नहीं होंगे — या उनकी मांग करने की ताकत ही Trump के पास नहीं रहेगी।
“It’s the prices, stupid” वाली बात Trump, Fed और मार्केट के सभी लोगों पर लागू होती है। आखिरकार, inflation और employment डेटा ही मिलकर तय करेंगे कि US के interest rates का रास्ता क्या होगा और नवंबर के मिडटर्म चुनावों का रिजल्ट क्या आएगा। Trump दोनों चीजें — political बचाव और कम रेट्स — चाहते हैं, लेकिन economy शायद ही ये लक्ज़री दे सके।