Trump प्रशासन के ड्राफ्ट नियम, जिनमें सभी ग्लोबल AI चिप एक्सपोर्ट्स के लिए US अप्रूवल ज़रूरी है, की वजह से Nvidia का शेयर 1.8% गिरा, AMD 2.2% गिरा, और Micron 3.4% गिर गया; वहीं AI से जुड़े क्रिप्टो टोकन भी साथ में नीचे आ गए।
Pentagon ने अलग से Anthropic को “सप्लाई चैन रिस्क” बताया है, यह अमेरिका की किसी घरेलू टेक कंपनी को ऐसी डिज़िग्नेशन देने के मामलों में पहली बार है।
क्यों है यह ज़रूरी:
- Nvidia और AMD AI एक्सीलेरेटर्स (GPU) के डॉमिनेंट सप्लायर हैं — ये ग्राफ़िक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स वो हैं, जो दुनियाभर के डेटा सेंटर्स की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल्स को ट्रेन और रन करने के लिए यूज़ होते हैं।
- AI चिप एक्सपोर्ट्स पर US का लाइसेंसिंग गेट वॉशिंगटन को सीधा कंट्रोल देता है कि कौन सा देश AI इन्फ्रा बना सकता है, जिससे ग्लोबल डेटा सेंटर इन्वेस्टमेंट प्लान्स बदल सकते हैं।
- ब्यूरोक्रेटिक बाधाओं के कारण प्रोजेक्ट डिलेज़ की वजह से यूरोप, मिडल ईस्ट और एशिया में चल रही बिलियन डॉलर्स के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स की कमिटमेंट पर ब्रेक लग सकता है।
- AI से लिंक्ड क्रिप्टो टोकन्स पर लगातार प्रेशर है, क्योंकि बैक्ड-फ्री (unconstrained) AI इन्फ्रास्ट्रक्चर के ग्रोथ को लेकर इन्वेस्टर्स का कॉन्फिडेंस अब वीक हो गया है।
डिटेल्स:
- ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, लगभग हर AI एक्सीलेरेटर के ग्लोबल एक्सपोर्ट से पहले कंपनी को Commerce Department से अप्रूवल लेना पड़ेगा, ये जानकारी Bloomberg के अनुसार है।
- 1,000 Nvidia GB300 GPU तक की शिपमेंट को फास्ट रिव्यू मिलेगा; बड़े क्लस्टर के लिए प्री-क्लियरेंस और हो सकता है कि साइट-विजिट भी करनी पड़े।
- 2,00,000 से ज़्यादा GB300 GPU की डिप्लॉयमेंट्स — जैसे NScale का Microsoft के साथ कॉन्ट्रैक्ट — के लिए होस्ट-गवर्नमेंट एग्रीमेंट्स और US के “मैचिंग” इन्वेस्टमेंट्स की जरूरत होगी।
- Kobeissi Letter ने X (Twitter) पर 5 मार्च 2025 को Pentagon द्वारा Anthropic डिज़िग्नेशन की रिपोर्ट दी।
- Bittensor (TAO), Near Protocol (NEAR), Render और Virtuals Protocol (VIRTUAL) करीब 5% गिर गए इस न्यूज़ के बाद।
बड़ा पिक्चर:
- यह ड्राफ्ट, Biden के AI डिफ्यूज़न रूल को रिवर्स करता है, जिसे Trump अधिकारियों ने बहुत ज्यादा बोझिल बताया था, लेकिन लाइसेंसिंग सिस्टम से अब कंपेरेबल या उससे भी ज्यादा दिक्कत आ सकती है।
- देशों के पास अब दो ऑप्शन हैं: US चिप्स, जो वॉशिंगटन के अप्रूवल प्रोसेस के तहत हैं, या Huawei एक्सीलेरेटर्स, जिसे US ने अमेरिकी ट्रेड पाबंदियों के उल्लंघन की चेतावनी दी है।
- Trump पहले भी चिप एक्सपोर्ट कंट्रोल्स की धमकी डिजिटल सर्विसेज टैक्स विवादों में EU के साथ दबाव बनाने के लिए दे चुके हैं।