इस हफ्ते, Bitcoin, गोल्ड और सिल्वर में निवेश करने वाले निवेशक अमेरिका के महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतों पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं, जो मार्केट सेंटीमेंट और एसेट प्राइस को प्रभावित कर सकते हैं।
Bitcoin लगभग $88,000 पर ट्रेड कर रहा है, वहीं गोल्ड लगभग $5,000 प्रति आउंस के करीब है और सिल्वर $100 प्रति आउंस से ऊपर पहुंच चुका है। लगातार बनी सुरक्षित निवेश (safe-haven) डिमांड के चलते ये घटनाएं बहुत मायने रखती हैं।
Federal Reserve की ब्याज दर पर स्थिति काफी महत्वपूर्ण है। आमतौर पर, कम ब्याज दरें Bitcoin जैसे रिस्की एसेट्स को बढ़ावा देती हैं और गोल्ड और सिल्वर जैसे non-yielding एसेट्स को होल्ड करने की opportunity cost कम कर देती हैं।
इसके विपरीत, अगर इकोनॉमिक स्ट्रेंथ या लगातार मंदी के संकेत मिलते हैं, तो ये एसेट्स प्रेशर में आ सकते हैं क्योंकि इससे ब्याज दरें ऊंची रह सकती हैं।
टेक जायंट्स के earning reports भी ओवरऑल रिस्क अपेटाइट को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे इसका असर क्रिप्टो और प्रीशियस मेटल्स मार्केट पर पड़ सकता है।
ग्लोबल अनिश्चितताओं के चलते और US government shutdown की संभावना में, नीचे दिए गए इंडिकेटर्स इन अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट्स की शॉर्ट-टर्म प्राइस trajectory को तय करेंगे।
Fed ब्याज दर फैसला (FOMC) और Powell की प्रेस कॉन्फ्रेंस
Federal Open Market Committee (FOMC) की ब्याज दरों पर 28 जनवरी 2026 को होने वाली मीटिंग और उसके बाद Chair Jerome Powell की प्रेस कॉन्फ्रेंस, Bitcoin, गोल्ड और सिल्वर की प्राइस के लिए बड़ा ट्रिगर हो सकती है।
फिलहाल, उम्मीद है कि Fed अपनी फेडरल फंड्स रेट को 3.50%-3.75% पर स्थिर रखेगा। हाल ही में Reuters द्वारा कराए गए एक पोल में सभी 100 इकॉनॉमिस्ट्स ने अनुमान लगाया है कि कोई बदलाव नहीं आएगा, क्योंकि अमेरिका की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
इसी माहौल में, मार्केट्स इस पॉज़ को 97.2% प्रॉबेबिलिटी के साथ देख रही हैं, क्योंकि 2025 के आखिरी महीनों में हुई ब्याज दरों की कटौती से स्थितियां स्टेबल हुई हैं।
JPMorgan का अनुमान है कि Fed साल 2026 तक ब्याज दरों को स्थिर रखेगा और अगर मंदी फिर से बढ़ती है, तो 2027 में बढ़ोतरी कर सकता है।
Bitcoin के लिए, यदि Fed नरम रुख अपनाता है और आगे दर कटौती के संकेत देता है, तो यह Bitcoin के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। कम ब्याज दर निवेश की चाहत और liquidity को बढ़ाती है। इतिहास में भी दरों में कटौती होने पर क्रिप्टोकरेंसी मार्केट को सपोर्ट मिला है।
हालांकि, Powell की सख्त बयानबाजी अगर मंदी बनी रहती है, तो सेल-ऑफ़ आ सकते हैं, क्योंकि Bitcoin मौद्रिक सख्ती के प्रति काफी संवेदनशील है।
“मार्केट में पूरी तरह से मान लिया गया है कि दर कटौती नहीं होगी… ऐसा क्यों? – कम मंदी – उम्मीद से बेहतर GDP – रोजगार के आंकड़े सिर्फ औसत हैं। Powell की स्पीच और 2026 की आगे की गाइडेंस पर ध्यान दीजिए,” analyst Mister Crypto ने कहा।
Gold और silver को आमतौर पर मंदी के hedge के तौर पर देखा जाता है। आमतौर पर जब ब्याज दरें गिरती हैं, तो इनकी कीमत बढ़ती है, क्योंकि opportunity cost कम हो जाती है। अगर दरें स्थिर रहती हैं तो ये अपने उच्चतम स्तर के आसपास कंसोलिडेट हो सकते हैं, परंतु कटौती न होने की पुष्टि से इनकी रैली थम सकती है।
Gold इस साल अबतक 18% बढ़कर करीब $5,096 पर पहुंच चुका है और silver 53% उछलकर $108 तक पहुंच गया है। अगर दरें लंबे समय तक ऊँची रहने के संकेत मिले, तो Dollar मजबूत होगा और इससे इन दोनों धातुओं पर दबाव आ सकता है।
Powell के housing या growth पर दिए गए बयान को भी मार्केट करीब से देखेगा, क्योंकि इससे इन एसेट्स में वोलैटिलिटी बढ़ सकती है, खासकर जब ग्लोबल जिओपॉलिटिकल तनाव है।
Initial Jobless Claims के आंकड़े
गुरुवार को आने वाले initial jobless claims के आंकड़े (सप्ताह समाप्त 24 जनवरी, 2026) US लेबर मार्केट की स्थिति के बारे में नई जानकारी देंगे। ये डेटा सीधे तौर पर Bitcoin, Gold और Silver से जुड़ी मार्केट सेंटिमेंट पर असर डाल सकते हैं।
पूर्वानुमान अलग-अलग हैं: RBC Economics अनुमान लगाता है 195,000 क्लेम की, जो पिछले हफ्ते के 200,000 से कम है, जबकि Kalshi जैसे मार्केट प्लेटफॉर्म्स पर बेट्स 210,000 या उससे ऊपर केंद्रित हैं।
हालिया डेटा दिखाता है कि 17 जनवरी को समाप्त हफ्ते में क्लेम 200,000 पर स्थिर हैं, जिससे कम छंटनी और मजबूत इकॉनमी का संकेत मिलता है। चार हफ्तों का औसत भी गिरा है, जिससे स्टेबिलिटी और पक्की होती है।
अगर अपेक्षा से कम क्लेम आते हैं, तो इकॉनमी की मजबूती की धारणा और मजबूत हो सकती है, जिससे Fed की रेट कट पॉलिसी में देरी हो सकती है। इससे Bitcoin प्राइस पर दबाव आ सकता है क्योंकि ज्यादा रेट्स क्रिप्टो में रिस्क लेने को कम करते हैं।
इसके विपरीत, अगर क्लेम्स में उछाल आता है, तो यह इकॉनमी के नरम होने का संकेत दे सकता है। इससे डोविश बेट्स बढ़ सकती हैं और BTC प्राइस ऊपर जा सकते हैं, जैसा कि पहले भी कमजोर लेबर डेटा पर रैलीज़ देखने को मिली हैं।
गोल्ड और सिल्वर की बात करें तो, मजबूत डेटा इनके प्राइसेस पर दबाव डाल सकता है क्योंकि यह Fed की हॉकिनश पॉलिसी को सपोर्ट करता है, जिससे अवसर लागत बढ़ जाती है। लेकिन अगर क्लेम्स बढ़ते हैं, तो ये metals सुरक्षित निवेश के तौर पर मुनाफा कमा सकते हैं, खासकर अनिश्चितता के दौर में।
जब Bitcoin प्राइस स्थिर है और गोल्ड-सिल्वर ऊँचाई पर जा रहे हैं, तब यह रिपोर्ट वोलैटिलिटी बढ़ा सकती है, खासकर अगर डेटा 209,000 के मीडियन पूर्वानुमान से अलग आता है।
ऐसा नतीजा इस हफ्ते की शुरुआत में आए Fed सिग्नल्स पर मार्केट की व्यापक प्रतिक्रिया को और बढ़ा सकता है।
December PPI और Core PPI
शुक्रवार को आने वाले दिसंबर 2025 का Producer Price Index (PPI) और Core PPI डेटा, जो 30 जनवरी 2026 को रिलीज़ होगा, होलसेल inflation ट्रेंड्स को सामने लाएगा। इस डेटा का असर Bitcoin, गोल्ड और सिल्वर पर भी पड़ सकता है।
अनुमान है कि हेडलाइन PPI में महीने पर 0.3% की बढ़ोतरी होगी, जो नवंबर के 0.2% से ज्यादा है। वहीं, साल-दर-साल यह 3.0% तक जा सकता है। Core PPI महीने में स्थिर रहेगी, लेकिन सालाना 3.5% ऊपर होने का अनुमान है।
नवंबर के हालिया डेटा ने 3.0% सालाना बढ़ोतरी दिखाई थी, और अक्टूबर में कोर 2.9% रही थी। एनालिस्ट्स उम्मीद कर रहे हैं कि इसमें नरमी आएगी, लेकिन अगर डेटा चौंकाता है तो Fed की उम्मीदों में बदलाव हो सकता है।
अगर PPI अनुमान से ज्यादा बढ़ता है, तो ये लगातार मंदी का संकेत हो सकता है। इससे रेग्युलेटर्स को दरों को स्थिर या और ऊँचा रखने के लिए मजबूती मिलेगी। इस वजह से Bitcoin जैसे स्पेकुलेटिव असेट्स की लिक्विडिटी में कम रुचि आ सकती है, जिससे उसका प्राइस दब सकता है।
वहीं, अगर आंकड़े थोड़े सॉफ्ट आते हैं, तो ये BTC को बूस्ट कर सकते हैं, जैसे पहले के सॉफ्ट डेटा रैलीज़ में देखा गया है। Gold और Silver अक्सर मंदी के संकेतों से फायदा उठाते हैं और hedge की तरह काम करते हैं। इसलिए अगर PPI ज्यादा रहा, तो इन दोनों की प्राइस और ऊपर जा सकती है और अब तक जो गेन हुए हैं, उसमें और बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
लेकिन, अगर आंकड़े डिसइन्फ्लेशन दिखाते हैं, तो एक मजबूत डॉलर के साथ प्राइस नीचे आ सकती है। ये डेटा FOMC और जॉब्लेस क्लेम्स के बाद आ रहा है, जिससे हफ्ते भर की वॉलेटिलिटी बढ़ सकती है। PPI के बिजनेस साइकल के प्रति सेंसिटिव होने से ये असेट्स की प्राइस trajectory के लिए एक अहम इंडिकेटर है।
Microsoft, Meta, Tesla, Apple के विभिन्न earnings reports
टेक जाइंट्स Microsoft, Meta Platforms और Tesla अपने earnings बुधवार, 28 जनवरी 2026 को रिपोर्ट करेंगे। इसके बाद Apple गुरुवार, 29 जनवरी को रिपोर्ट करेगा, जब मार्केट का फोकस AI और ग्रोथ प्रॉस्पेक्ट्स पर बढ़ा रहेगा।
ये “Magnificent 7” कंपनियां 2026 S&P earnings में 14.7% ग्रोथ लीड करेंगी, जहां AI थीम्स चर्चा का केंद्र रहेंगी।
अगर नतीजे स्ट्रॉन्ग रहे, तो पॉजिटिव रिस्क सेंटिमेंट बन सकता है, जिससे टेक सेक्टर की उम्मीदें क्रिप्टो, खासकर Bitcoin में भी ट्रांसलेट हो सकती हैं। ये BTC के ग्रोथ stocks के साथ बुल फेज़ में कोरिलेशन को और मजबूत करेगा।
अगर रिपोर्ट्स कमजोर आती हैं या गाइडेंस अच्छा नहीं रहता, तो इससे सेल-ऑफ की स्थिति बन सकती है और BTC को भी दबाव face करना पड़ सकता है, खासकर ब्रोडर इक्विटी मार्केट्स में गिरावट के साथ।
Gold और Silver के लिए, मजबूत earnings आने पर रिस्क-ऑन माहौल बन सकता है, जिससे सेफ हेवन्स से फंड्स हट सकते हैं और इनकी प्राइस पर कैप लग सकता है। वहीं, डिसअपॉइंटिंग नतीजों से ये दोनों असुरक्षा के माहौल में hedge की तरह बूस्ट हो सकते हैं।