US ETF मार्केट ने 2025 में ऐतिहासिक “ट्रिपल क्राउन” हासिल की है। इसमें इनफ्लो ($1.4 ट्रिलियन), नए लॉन्च (1,100+) और ट्रेडिंग वॉल्यूम ($57.9 ट्रिलियन) में रिकॉर्ड बना है। यह पहली बार है जब 2021 के बाद ये तीनों आंकड़े साथ-साथ ऑल-टाइम हाई पर पहुँचे हैं।
तीन लगातार साल से S&P 500 में डबल डिजिट ग्रोथ ने रैली को मजबूत किया है। लेकिन अब Wall Street ये सवाल कर रही है: आगे क्या होगा?
2022 का साया
इस पुराने ट्रेंड में एक चेतावनी छुपी है। 2021 की ट्रिपल क्राउन के अगले साल, Federal Reserve की तेज़ ब्याज दरें बढ़ने से S&P 500 में 19% की तेज गिरावट आई थी। टेक्नोलॉजी के चलते ETF इनफ्लो जो तेज़ थे, उसमें अचानक ब्रेक लग गया, और 2022 में इनफ्लो और नए लॉन्च दोनों धीमे हो गए।
ये समानताएं नजरअंदाज करना मुश्किल है। 2021 में टेक स्टॉक्स के जोश ने डिमांड को रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा दिया था। 2025 में AI खर्चों का बोलबाला रहा, लेकिन अब संदेह बढ़ रहा है। अक्टूबर से S&P 500 साइडवे ट्रेंड कर रहा है क्योंकि Wall Street को Big Tech की AI capex में रिटर्न को लेकर सवाल हैं।
Eric Balchunas, जो Bloomberg Intelligence के सीनियर ETF एनालिस्ट हैं, ने चेतावनी दी : “जैसा कि ये साल ETF के लिए एकदम परफेक्ट रहा है, इसलिए आपको अलर्ट रहना चाहिए।” उन्होंने कहा कि 2026 में मार्केट वोलैटिलिटी या लीवरेज्ड ETF क्रैश से “रियलिटी चेक” मिल सकता है—जैसा रिस्क GraniteShares के 3x Short AMD ETP में दिखा, जिसने एक ही दिन में 88.9% लॉस झेला और अक्टूबर में लिक्विडेट हो गया।
क्रिप्टो ETF रोटेशन
ETF बूम के बीच क्रिप्टोकरेंसी फंड्स में एक अलग ट्रेंड दिख रहा है।
BlackRock का IBIT, -9.6% के रिटर्न के बावजूद, $25.4 बिलियन इनफ्लो खींच लाया—टॉप 10 फ्लो लीडर्स में अकेला नेगेटिव परफॉर्मर रहा। Balchunas ने इसे “Boomers का HODL क्लिनिक” कहा। लेकिन अक्टूबर के बाद जब Bitcoin ने अपने ऑक्टूबर ऑल-टाइम हाई से 30% की गिरावट देखी, तो IBIT में लगातार पाँच हफ्ते ऑउटफ्लो रहा, कुल $2.7 बिलियन का। Ethereum ETF ने भी दिसंबर में लगातार सात दिन ऑउटफ्लो देखा, जिसमें $685 मिलियन बाहर गए।
नए लॉन्च हुए altcoin ETFs में इसका उल्टा नजर आया। US स्पॉट XRP ETFs ने 13 नवंबर से ट्रेडिंग शुरू कर 28 लगातार ट्रेडिंग दिनों तक नेट इनफ्लो रिकॉर्ड किया—कोई भी क्रिप्टो ETF लॉन्च के वक्त ऐसा नहीं कर पाया। टोटल इनफ्लो $1.14 बिलियन तक पहुंचा, और एक भी दिन ऑउटफ्लो नहीं हुआ। फिर भी, रोजाना का इनफ्लो—अधिकतर $10-50 मिलियन—Bitcoin ETF से काफी कम है, क्योंकि Bitcoin ETF के शुरुआती दिनों में $500 मिलियन या उससे भी ज्यादा इनफ्लो आता था।
Solana ETF ने $750 मिलियन का इनफ्लो देखा, जबकि SOL की प्राइस में 53% की गिरावट आई—हालांकि, XRP की तरह यहाँ कई दिनों ऑउटफ्लो भी रहे, खासकर नवंबर के आखिर और दिसंबर के शुरू में।
| BTC | ETH | XRP | SOL | |
| YTD इनफ्लो | $25.4B | $10.3B | $1.14B | $750M |
| 1-24 दिसंबर | -$629M | -$512M | +$470M | +$132M |
| मुख्य बातें | 5-सप्ताह ऑउटफ्लो | 7-दिन ऑउटफ्लो | 28-दिन इनफ्लो स्ट्रीक | -53% के बावजूद इनफ्लो |
दिसंबर में यह रोटेशन साफ दिखा। 24 दिसंबर तक, Bitcoin ETFs से $629M निकले, जबकि Ethereum में $512M का घाटा हुआ। वहीं, XRP में $470M और Solana में $132M का इजाफा हुआ।
Structural Shift या Temporary Adjustment?
जो लोग स्ट्रक्चरल बदलाव की बात कर रहे हैं, वे रेग्युलेटरी क्लैरिटी की ओर इशारा करते हैं—XRP का SEC केस अगस्त में $125M सेटलमेंट के साथ खत्म हुआ, जिससे इसे नॉन-SECURITY के तौर पर क्लासिफाई किया गया। यूटिलिटी नैरेटिव्स भी फोकस में हैं: XRP की क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स और Solana के DeFi इकोसिस्टम से “डिजिटल गोल्ड” के अलावा भी उपयोग मिल रहे हैं।
स्केप्टिक्स का कहना है कि XRP और SOL में लगातार इनफ्लो “हनीमून इफेक्ट” जैसा है, जो अक्सर नए ETF लॉन्च में देखने को मिलता है। रिकॉर्ड ETF इनफ्लो के बावजूद, XRP जुलाई के अपने पीक से अब भी 50% नीचे है, और SOL अक्टूबर से अब तक 53% गिरा है—कुछ लोग इस डिस्कनेक्ट का कारण साल के अंत में प्रॉफिट-बुकिंग और व्हेल्स द्वारा होल्डिंग्स का डिस्ट्रीब्यूशन मानते हैं, जिससे इंस्टीट्यूसनल डिमांड बैलेंस होती है।
2026 का आउटलुक
अभी भी दर्जनों क्रिप्टो ETF एप्लिकेशन SEC की रिव्यू का इंतजार कर रहे हैं, जिससे 2026 में और भी altcoin प्रोडक्ट्स आने की उम्मीद है।
ETF मार्केट का यह “परफेक्ट ईयर” करेक्शन वार्निंग्स के साथ याद किया जाएगा। लेकिन क्रिप्टो ETFs के अंदर हो रही रोटेशन से साफ है कि इंस्टीट्यूसनल इन्वेस्टर्स अब ज्यादा सिलेक्टिव हो रहे हैं—Bitcoin और Ethereum से आगे जाकर वे वैसे एसेट्स चुन रहे हैं, जिन्हें रेग्युलेटरी क्लैरिटी और रियल-वर्ल्ड यूटिलिटी मिल रही है। आगे भी यही ट्रेंड चलता रहा तो यह पूरे मार्केट की दिशा के लिए एक अहम इंडिकेटर होगा।