इस हफ्ते, कई बड़ी अमेरिकी कंपनियों ने, जिनमें Amazon और Pinterest भी शामिल हैं, अलग-अलग सेक्टर्स में छंटनी का ऐलान किया है।
ये कदम उस साल की बड़ी छंटनियों के बाद उठाए गए हैं, जब US employers ने करीब 1.2 मिलियन नौकरियां खत्म की थीं। खासकर, लेबर मार्केट के संकेत रेसेशन की संभावना को और बढ़ा रहे हैं।
January 2026 में बड़ी US कंपनियों ने की नौकरी में कटौती
बुधवार को, ई-कॉमर्स जायंट Amazon ने करीब 16,000 कॉर्पोरेट रोल्स में कटौती की। इससे पहले, अक्टूबर में कंपनी ने लगभग 14,000 नौकरियां खत्म की थीं।
एक ब्लॉग पोस्ट में, Amazon की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट Beth Galetti ने कहा, यह छंटनी “हमारे संगठन को और बेहतर बनाने, जिम्मेदारी बढ़ाने और बेकार की ब्यूरोक्रेसी खत्म करने” के लिए की जा रही है। Amazon, लगातार AI initiatives में इन्वेस्टमेंट बढ़ा रहा है, इसी के तहत ये कदम उठाया गया है।
Pinterest ने भी 27 जनवरी को ऐलान किया कि वह अपनी टीम का 15% से कम हिस्सा कम करेगा और ऑफिस स्पेस को भी घटाएगा। कंपनी ने कहा कि ये restructuring AI से जुड़ी priorities को सपोर्ट करने के लिए है। रेग्युलेटरी filing के मुताबिक, यह प्रक्रिया 30 सितंबर तक पूरी हो जाएगी।
वहीं, United Parcel Service ने इस साल 30,000 ऑपरेशनल रोल्स खत्म करने का प्लान किया है। Nike भी अपनी वर्कफोर्स में कटौती कर रहा है।
CNBC के मुताबिक रिपोर्ट किया गया है कि कंपनी 775 कर्मचारियों को निकालने वाली है ताकि प्रॉफिटेबिलिटी बेहतर हो सके और automation technologies का इस्तेमाल बढ़ाया जा सके। ये कुछ कंपनियाँ हैं जिन्होंने 2026 में छंटनी का ऐलान किया है।
साल के पहले क्वॉर्टर में कंपनियों द्वारा छंटनी का ऐलान आम बात है, क्योंकि वे बजट और स्टाफिंग जरूरतों का आकलन करने लगती हैं। लेकिन, पिछले साल के पैटर्न्स के मुकाबले यह ट्रेंड अब ज्यादा चिंता बढ़ा रहा है।
Global Markets Investor के अनुसार, 2025 में US में छंटनी 58% तक बढ़ गई थी पिछली साल की तुलना में। इस बढ़ोतरी के चलते कुल जॉब लॉसेस, 2020 के pandemic दौर के बाद, सबसे ज्यादा रहे।
2020 की असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर, छंटनी के पैमाने के हिसाब से 2025, 2008 की वित्तीय संकट के बाद सबसे गंभीर साल बन गया है।
“इतिहास में इतनी अधिक छंटनी की घोषणाएँ केवल मंदी के दौरान ही देखी गई हैं: 2001, 2008, 2009, 2020, और मंदी के बाद के वर्षों 2002 व 2003 में,” Global Markets Investor ने पोस्ट किया।
नौकरी खोजने की लंबी अवधि से चिंताएँ और बढ़ गई हैं। औसतन, US में बेरोजगार लोगों को नई नौकरी ढूंढने में अब लगभग 11 हफ्ते लग रहे हैं, जो कि 2021 के बाद सबसे लंबा समय है।
इसके अलावा, नौकरी मिलने की संभावना 2025 के दिसंबर में गिरकर नए निचले स्तर 43.1% पर पहुँच गई, जो पिछले साल से 4.2% कम है। इन लेबर मार्केट संकेतों के कारण विश्लेषकों के बीच मंदी की चिंता बढ़ गई है।
“पिछले 3 महीनों में US ने औसतन हर महीने 22k नौकरियाँ खोई हैं, लगातार तीसरे महीने 3-महीने का मूविंग एवरेज नेगेटिव रहा है। 1950 से यह बारहवीं बार हुआ है। इससे पहले 11 बार जब ऐसा हुआ, तब US अर्थव्यवस्था मंदी में थी,” Creative Planning के Chief Market Strategist Charlie Bilello ने पोस्ट किया।
Swissblock के Head Macro Economist Henrik Zeberg ने भी चेतावनी दी है कि अर्थव्यवस्था “सीधी मंदी की ओर जा रही है”, और लेबर आंकड़ों को साफ इंडिकेटर बताया है।
“हम Twillight Zone में हैं। कन्फ्यूजन! बिलकुल Q3, 2007 की तरह। लेकिन – लेबर मार्केट को देखें – और स्पष्टरूप से समझ आ जाएगा!,” उन्होंने लिखा।
अब सबसे अहम सवाल यह है कि ये लेबर मार्केट कंडीशंस डिजिटल एसेट्स को कैसे प्रभावित कर सकती हैं। कमजोर होती जॉब सिचुएशन से रिस्क एसेट्स, जैसे कि क्रिप्टोकरेंसीज पर दबाव आता है। जैसे-जैसे मंदी की चिंता बढ़ती है, निवेशक आमतौर पर डिफेंसिव रुख अपनाते हैं और हाई-वोलैटिलिटी एसेट्स में अपनी हिस्सेदारी कम करते हैं।
यह बदलाव मौजूदा मार्केट बिहेवियर में पहले से ही दिख रहा है। प्रेशियस मेटल्स ने मजबूत परफॉरमेंस दी है, जो ट्रेडिशनल सेफ हेवन की ओर झुकाव दिखाता है। वहीं, Bitcoin अभी भी ग्लोबल मैक्रोइकॉनॉमिक अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल टेंशन के चलते मोमेंटम नहीं बना पाया है।
साथ ही, सॉफ्ट लेबर कंडीशन्स की वजह से इनकम ग्रोथ स्लो हो सकती है, जिससे कंज्यूमर स्पेंडिंग भी कम हो सकती है। स्पेंडिंग कम होने से स्पेकुलेटिव एसेट्स पर भी प्रेशर बढ़ सकता है और इन्वेस्टमेंट एनवायरनमेंट और ज्यादा केयरफुल हो सकता है।
हालांकि, कुछ मार्केट पार्टिसिपेंट्स का मानना है कि लंबे समय तक चलने वाली इकोनॉमिक स्ट्रेस के बीच डिजिटल एसेट्स को सपोर्ट मिल सकता है। ऐसा माना जाता है कि अगर मंदी के दौरान मॉनेटरी ईजिंग, लो इंटरेस्ट रेट्स या लिक्विडिटी फिर से बढ़ती है तो इससे लॉन्ग-टर्म में क्रिप्टोकरेन्सी के लिए कंडीशन्स बेहतर होंगी और जब रिक्स लेने की इच्छा वापस आएगी, तब ये डिजिटल एसेट्स संभावित रूप से फायदा उठा सकते हैं।