US फेडरल बैंकिंग रेग्युलेटर्स ने संयुक्त गाइडेंस जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज को उन्हीं की पारंपरिक सिक्योरिटीज की तरह ही कैपिटल ट्रीटमेंट मिलेगा। इससे ब्लॉकचेन-बेस्ड एसेट्स की संस्थागत एडॉप्शन में एक बड़ी रुकावट दूर हो गई है।
Office of the Comptroller of the Currency (OCC), Federal Reserve और Federal Deposit Insurance Corporation (FDIC) ने 5 मार्च को एक FAQ डॉक्यूमेंट पब्लिश किया है। इसमें कहा गया है कि कैपिटल रूल “टेक्नोलॉजी न्यूट्रल” है — यानी किसी सिक्योरिटी को जार करने या ट्रांजैक्ट करने के तरीके, जैसे कि डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (DLT), से बैंकों का उसे अकाउंट करने का तरीका नहीं बदलता।
Guidance में क्या कहा गया है
संयुक्त FAQ के तहत, बैंक को “योग्य टोकनाइज्ड सिक्योरिटी” को अपने बैलेंस शीट पर ठीक वैसे ही ट्रीट करना चाहिए, जैसा कि उसकी पारंपरिक वर्शन के साथ किया जाता है। यह टर्म ऐसे टोकन के लिए है, जिसमें नॉन-टोकनाइज्ड फॉर्म जैसी ही लीगल राइट्स मिलती हैं। यही प्रिंसिपल, टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज से जुड़े डेरिवेटिव्स पर भी लागू होता है।
एजेंसियों ने ये भी स्पष्ट किया है कि टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज को क्रेडिट रिस्क मिटीगेंट के रूप में पहचाना जा सकता है, जब वे कैपिटल रूल के तहत “फाइनेंशियल कोलेटरल” की डेफिनिशन पर खरी उतरती हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें नॉन-टोकनाइज्ड वर्शन की तरह ही हेयरकट्स का सामना करना होगा।
ध्यान देने वाली बात यह है कि गाइडेंस में साफ लिखा है कि ब्लॉकचेन टाइप के अनुसार कैपिटल ट्रीटमेंट में कोई अंतर नहीं किया जाएगा। इसमें पर्मिशन्ड और पर्मिशनलेस ब्लॉकचेन के बीच भी कोई फर्क नहीं रखा गया है। यह सीधे तौर पर Biden सरकार की पुरानी रेग्युलेटरी नीति में बदलाव लाता है, जिसमें रिस्क हायरार्की दी गई थी।
यह क्यों जरूरी है
पिछली सरकार के दौरान, पर्मिशनलेस ब्लॉकचेन जैसे Ethereum को एंटरप्राइज-ग्रेड, पर्मिशन्ड अल्टरनेटिव्स की तुलना में ज्यादा रेग्युलेटरी रिस्क वाला समझा जाता था। बैंक ब्लॉकचेन-बेस्ड एसेट होल्डिंग्स को इसी आधार पर हैंडल करते थे।
नई FAQ से यह फर्क खत्म हो गया है। अब पब्लिक चेन और प्राइवेट चेन, दोनों को कैपिटल के लिहाज से समान कानूनी दर्जा मिलेगा। Fox Business की Eleanor Terrett ने इस बदलाव को नोट किया है और बताया कि यह पिछले प्रशासन के ब्लॉकचेन रिस्क वाले नजरिए से एक बड़ा बदलाव है।
बैंकों के लिए इसका प्रैक्टिकल असर बहुत बड़ा है। पब्लिक ब्लॉकचेन पर रखे गए टोकनाइज्ड US Treasury बॉन्ड या इक्विटी शेयर को अब सामान्य तरीके से बैलेंस शीट पर रखा जा सकता है। उसको वही रेग्युलेटरी ट्रीटमेंट मिलेगा, जो एक पारंपरिक सेंट्रल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी के जरिए होल्ड किए गए बॉन्ड को मिलता है, बशर्ते टोकन के जरिए ठीक वैसे ही लीगल ओनरशिप राइट्स मिलते हों।
मार्केट का माहौल
RWA.xyz के डेटा के मुताबिक, टोकनाइज्ड स्टॉक्स का कुल मार्केट कैप $1 बिलियन से ज्यादा पहुंच चुका है। इसमें Ethereum और Solana का सबसे बड़ा योगदान है। ओवरऑल टोकनाइज्ड RWA मार्केट क्रिप्टो में सबसे तेज़ी से बढ़ रहे सेगमेंट्स में शामिल है। BlackRock और Franklin Templeton जैसे एसेट मैनेजर्स पहले ही टोकनाइज्ड फंड प्रोडक्ट्स ऑफर कर रहे हैं।
रेग्युलेटरी स्पष्टता बैंक की भागीदारी को इस क्षेत्र में तेज कर सकती है। खासकर उन संस्थानों के लिए जो पब्लिक ब्लॉकचेन इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ जुड़ने को लेकर हिचकिचा रहे थे। अभी तक सुलझे न हुए कैपिटल रूल सवाल एक मुख्य बाधा थे।
एजेंसियों ने बताया कि टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज होल्ड करने वाले बैंकों को भी मजबूत रिस्क मैनेजमेंट ज़रूरी है। ये नियम किसी भी दूसरे एक्सपोजर टाइप की तरह ही लागू होते हैं।