US Treasury के Office of Cybersecurity and Critical Infrastructure Protection (OCCIP) ने एक नया प्रोग्राम लॉन्च किया है, जिसमें योग्य डिजिटल एसेट फर्म्स को रियल-टाइम साइबर थ्रेट इंटेलिजेंस बिल्कुल मुफ्त में शेयर किया जाएगा।
इस पहल के तहत, चुनिंदा क्रिप्टो कंपनियों को वही सिक्योरिटी ब्रीफिंग्स मिलेंगी, जो परंपरागत बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स को सालों से मिलती आ रही हैं।
यह अभी क्यों ज़रूरी है
यह घोषणा डिजिटल एसेट सिक्योरिटी के लिए बेहद खराब रहे 2025 के बाद आई है। Chainalysis के डेटा के अनुसार, क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स ने पिछले साल लगभग $3.4 बिलियन हैकिंग में खो दिए।
इसमें से अकेले North Korea के स्टेट-बैक्ड एक्टर्स ने $2.02 बिलियन का नुकसान किया।
Treasury अधिकारियों ने हमलों के लगातार बढ़ते मामलों और उनकी एडवांस्ड तकनीकों को इस प्रोग्राम का मुख्य कारण बताया है।
डिजिटल एसेट प्लेटफॉर्म्स पर साइबर थ्रेट्स की बारंबारता और उनकी सोफिस्टिकेशन दोनों ही बढ़ रही हैं। यह पहल ऐसे थ्रेट इनफार्मेशन तक एक्सेस बढ़ाती है, जिससे फर्म्स अपनी डिफेंस मजबूत कर सकती हैं, रिस्क कम कर सकती हैं और किसी भी घटना पर जल्दी व बेहतर रिएक्ट कर सकती हैं,” जैसा घोषणा के एक अंश में Cory Wilson, Deputy Assistant Secretary for Cybersecurity ने कहा।
GENIUS Act से जुड़ाव
यह प्रयास President’s Working Group on Digital Asset Markets की एक सिफारिश को भी आगे बढ़ाता है।
Tyler Williams, Counselor to the Secretary for Digital Assets ने इस प्रोग्राम को Guiding and Establishing National Innovation for US Stablecoins (GENIUS) Act से जोड़ा, जिसे जुलाई 2025 में कानून बनाया गया था।
FDIC ने GENIUS Act के लिए एक अलग implementation framework 7 अप्रैल को मंज़ूर किया, जिसमें stablecoin issuers के लिए साइबरसिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स शामिल हैं।
इन दोनों पहलों से साफ है कि अब क्रिप्टो फर्म्स को भी फेडरल फाइनेंशियल सिक्योरिटी सिस्टम का हिस्सा बनाने की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है।