Venezuela की लंबे समय से चर्चा में रही Bitcoin होल्डिंग अब रोशनी में आ गई है, खासकर जनवरी 2026 में US के नेतृत्व वाली उस ऑपरेशन के बाद, जिसमें President Nicolás Maduro को पकड़ा गया।
इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश ने करीब 600,000–660,000 BTC का एक “शैडो रिजर्व” इकठ्ठा किया हुआ है, जिसकी वैल्यू $60 बिलियन से $67 बिलियन के बीच है। इससे Venezuela दुनियाभर में Bitcoin के सबसे बड़े होल्डर्स में शामिल हो गया है।
President Maduro की गिरफ्तारी का Bitcoin पर क्या असर पड़ेगा
600,000 से ज्यादा BTC टोकन की कथित होल्डिंग के साथ Venezuela, BlackRock और MicroStrategy जैसे इंस्टीट्यूशनल जायंट्स की बराबरी कर सकता है। ये खुलासा 2026 में Bitcoin की सप्लाई डायनामिक्स और मार्केट सेंटिमेंट को काफी बदल सकता है।
Whale Hunting द्वारा रिपोर्ट की गई जानकारी के अनुसार, ये खरीदारी 2018 में गोल्ड स्वैप्स, Tether (USDT) में ऑयल सेटलमेंट्स और घरेलू माइनिंग सीजर्स के कॉम्बिनेशन से शुरू हुई थी।
2018 और 2020 के बीच, Venezuela ने Orinoco Mining Arc से दर्जनों टन गोल्ड एक्सपोर्ट किया। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब $2 बिलियन के गोल्ड प्रोसिड्स को औसतन $5,000 पर प्रति BTC में कन्वर्ट किया गया।
सिर्फ यही हिस्सा, जो अब करीब $36 बिलियन का है, देश की सीक्रेट क्रिप्टो रिजर्व की नींव बना।
स्टेट-बैक्ड Petro क्रिप्टो के गिरने के बाद, Maduro सरकार ने 2023 से 2025 के बीच PDVSA (स्टेट ऑयल कंपनी) को अपनी क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट्स USDT में सेटल करने को मजबूर किया। ये stablecoins बाद में “वॉश” होकर Bitcoin में बदल दिए गए, ताकि अकाउंट फ्रीज जैसा रिस्क कम हो सके और US dollar से एक्सपोजर घटाया जा सके।
घरेलू माइनिंग सीजर्स से भी Bitcoin की होल्डिंग्स बढ़ीं, जिससे कुल BTC स्टॉक 600,000+ कॉइन्स हो गया, जो कुल सर्कुलेटिंग सप्लाई का लगभग 3% है।
Venezuela का ये कथित रिजर्व पुराने गवर्नमेंट सेल-ऑफ्स की तुलना में कहीं बड़ा है। 2024 में, जर्मनी के Saxony राज्य ने 50,000 BTC (उस वक्त लगभग $3 बिलियन) बेचे, जिससे मार्केट में 15–20% की करेक्शन आई थी।
इसके उलट, अगर Venezuela के 600,000 BTC जब्त या फ्रिज कर लिए गए, तो ये अभूतपूर्व सप्लाई शॉक्स ला सकते हैं, जिससे उपलब्ध लिक्विडिटी घटेगी और प्राइस को सपोर्ट मिल सकता है।
अब US के सामने इन रिजर्व्स को लेकर अहम फैसले लेने की चुनौती है। सूत्रों के अनुसार, तीन बड़े संभावित सीनारियो हैं:
- इन एसेट्स को मुकदमेबाजी के दौरान फ्रीज़ किया जा सकता है
- इन्हें US Strategic Bitcoin Reserve में जोड़ा जा सकता है, या
- नीलामी के जरिए लिक्विडेट किया जा सकता है (कम संभावना है)।
विशेषज्ञों का मानना है कि एसेट्स को फ्रीज़ करना या उन्हें एक स्ट्रैटेजिक रिजर्व में शामिल करना सबसे संभावित ऑप्शन है।
Venezuela के Bitcoin भंडार का ग्लोबल मार्केट्स पर क्या असर है
इस तरह का कदम 5–10 साल के लिए सप्लाई लॉक कर सकता है और Bitcoin के लिए एक बुलिश नैरेटिव बनाएगा, जिससे MicroStrategy ($MSTR) जैसे इंस्टीट्यूशनल होल्डर्स को भी फायदा पहुँच सकता है।
Venezuela की Bitcoin होर्डिंग देश में ग्रासरूट लेवल पर क्रिप्टोकरेंसी एडॉप्शन को हाइलाइट करती है। हाइपरइन्फ्लेशन, US प्रतिबंध और गिरती Bolívar करंसी ने Bitcoin और स्टेबलकॉइन के इस्तेमाल को बढ़ाया है।
2025 के आखिरी तक, ग्रॉसरी की करीब 10% पेमेंट्स और लगभग 40% पीयर-टू-पीयर ट्रांजेक्शन्स क्रिप्टो में की गई थीं। वहीं, स्टेबलकॉइन्स के जरिए भेजे गए रेमिटेंस लगभग 10% इनफ्लो में रहे। Chainalysis के अनुसार, Venezuela ने ग्लोबल क्रिप्टो एडॉप्शन में करीब 17वां स्थान हासिल किया। लैटिन अमेरिका में,
Maduro की गिरफ्तारी ने और भी अनिश्चितता को बढ़ाया है। एक ट्रांजिशनल सरकार, जिस पर US हितों का प्रभाव हो सकता है, ये कदम उठा सकती है:
- माइनिंग से जुड़े प्रतिबंधों में ढील देना,
- प्रो-क्रिप्टो पॉलिसी को प्रमोट करना, और
- संभावित BTC होल्डिंग्स की रिकवरी को प्राथमिकता देना।
लेकिन जब तक प्राइवेट कीज़ नहीं सौंपी जातीं या लीगल क्लेम नहीं सुलझते, 600,000 BTC असल में “लॉक” ही रहेंगे। इससे शॉर्ट-टर्म वॉलेटिलिटी आ सकती है, पर लॉन्ग-टर्म में सप्लाई शॉक आने की संभावना है, जिससे Bitcoin प्राइस में इजाफा हो सकता है।
ऐसे मार्केट में, जहाँ हर बड़ा होल्डर मायने रखता है, Venezuela का शैडो रिजर्व ग्लोबल Bitcoin डायनेमिक्स में एक अहम, लेकिन अक्सर अनदेखा किया गया फैक्टर बन गया है।
अगर US इन एसेट्स को सफलता से सिक्योर और फ्रीज़ कर देता है, तो 2026 में सप्लाई, लिक्विडिटी और मार्केट सेंटिमेंट का अभूतपूर्व रियलाइंमेंट देखने को मिल सकता है।
इसका नतीजा यह हो सकता है कि एक “रॉग स्टेट” की सीक्रेट Bitcoin होर्डिंग इतिहास के सबसे बड़े स्ट्रेटेजिक Bitcoin रिजर्व्स में बदल जाए।