Macro strategist और क्रिप्टो इन्वेस्टर Arthur Hayes ने Israel-Iran युद्ध के ग्लोबल मार्केट्स पर पड़ने वाले गहरे असर के बारे में कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने ये भी बताया कि अभी उनके खरीदारी लिस्ट में Bitcoin क्यों शामिल नहीं है।
YouTube सेशन में नजर आते हुए, Hayes ने एक ऐसा सीन प्रेजेंट किया जिसमें जियोपॉलिटिकल टेंशन, AI की वजह से नौकरियों का नुकसान, और फाइनेंशियल लीवरेज की वजह से मार्केट्स में हाल के समय का सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला दौर आ सकता है।
War और AI disruption के बीच Arthur Hayes क्यों Bitcoin से दूर हैं
Hayes ने AI ऑटोमेशन द्वारा वाइट-कॉलर रोल्स में बढ़ते रिस्क की ओर ध्यान दिलाया। उनका मानना है कि अमेरिका में 10-20% हाई-अर्निंग नॉलेज वर्कर्स अगले 3 से 6 महीनों में अपनी जॉब खो सकते हैं।
“ये वही लोग हैं जिन पर mortgage, auto loans, और student debt का बोझ है—ये फाइनेंशियल सिस्टम की लीवरेज्ड बैकबोन हैं,” Hayes ने समझाया। “अगर इनमें से 20% की जॉब चली जाती है, तो ये बैंकिंग संकट का अलार्म है।”
Israel-Iran का ongoing conflict इस अनिश्चितता को और ज्यादा बढ़ा देता है। Hayes का कहना है कि US President Donald Trump के पास इस conflict को सुलझाने के लिए लगभग चार हफ्ते हैं, वरना तेल और फाइनेंशियल मार्केट्स बड़ी correction के लिए मजबूर कर सकते हैं।
युद्ध का तेल के इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिपिंग लेन्स और एनर्जी मार्केट पर असर प्राइस को ऊँचा ले जा सकता है, जिससे सिस्टम पर पहले से बना दबाव और बढ़ जाएगा।
“तेल ही सेंटर पॉइंट है,” Hayes ने Crypto Banter पर कहा। “अगर इसकी प्राइस बहुत ज्यादा बढ़ी, तो मार्केट्स इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और पॉलिटिकल प्रेशर रिजॉल्यूशन के लिए मजबूर कर देगा।”
इस वोलैटिलिटी को देखते हुए, Hayes ने अपनी मौजूदा इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजी शेयर की:
- 50% कैश
- 50% गोल्ड,
- Bitcoin में कोई allocation नहीं
Hayes के मुताबिक, ये अप्रोच तब तक रहेगी जब तक सेंट्रल बैंक्स सिस्टम में स्ट्रेस को देखते हुए पैसा छापना शुरू नहीं करते।
Hayes ने Hyperliquid को Bitcoin पर चुना, Clarity Act को बताया बेकार
भले ही Hayes लॉन्ग-टर्म के लिए क्रिप्टो को एक स्टोर ऑफ वैल्यू मानते हैं, लेकिन फिलहाल उनके हिसाब से Bitcoin, फिएट मनी क्रिएशन का क्रेडिट डेरिवेटिव है, न कि तुरंत किसी संकट का सही hedge।
गौर करने वाली बात है कि Hayes ने Hyperliquid को अपनी टॉप क्रिप्टो पिक के रूप में हाइलाइट किया। उन्होंने प्लेटफॉर्म का कम फेक-वॉल्यूम रेशियो, हाई रेवेन्यू शेयर और अनुशासित टीम टोकन डिस्ट्रीब्यूशन को एक स्थायी और ट्रांसपेरेंट प्रोजेक्ट के इंडिकेटर बताया।
“अगर आप रियल क्रिप्टो अल्फा की तलाश में हैं, तो इस साइकल में Hyperliquid सबसे खास है,” Hayes ने कहा और इसके फंडामेंटल्स को हाइप पर चलने वाले मीम टोकन्स से बेहतर बताया।
Hayes ने हाल ही की रेग्युलेटरी डेवलपमेंट्स को भी खारिज किया, जिसमें Clarity Act भी शामिल है, जिससे कुछ लोग उम्मीद कर रहे थे कि यह TradFi को क्रिप्टो मार्केट्स से जोड़ पाएगा।
“जीरो,” उन्होंने सीधी बात कही। “क्रिप्टो को सक्सेस के लिए TradFi संस्थाओं की जरूरत नहीं है। ऑन-चेन इकोनॉमी इन फ्रेमवर्क्स से बिल्कुल अलग चलती है।”
उनकी कमेंट्री में बार-बार उभरता हुआ विषय यह है: Bitcoin और बाकी क्रिप्टोकरेंसीज़ ने लॉन्ग-टर्म में ज़्यादातर fiat-डिनॉमिनेटेड एसेट्स को आउटपरफॉर्म किया है, लेकिन टाइमिंग और मैक्रो कंडीशंस अभी भी बहुत महत्वपूर्ण हैं।
शॉर्ट-टर्म गेन के पीछे भाग रहे इंवेस्टर्स geopolitical झटकों , बैंकिंग अस्थिरता, और AI से जुड़ी लेबर मार्केट की स्ट्रक्चरल चेंजेज़ के लिए खुले हो सकते हैं।
चल रहे संघर्ष और इसके मार्केट पर असर के बीच Hayes की सलाह सटीक लेकिन जरूरी है। BitMEX के को-फाउंडर ने यूज़र्स को लिक्विडिटी को प्रायोरिटी देने, सोने जैसे रियल एसेट्स में डाइवर्सिफाई करने और सेंट्रल बैंक के इंटरवेंशन का इंतजार करने को कहा है, उसके बाद ही कोई नई क्रिप्टो पोजीशन लें।
हालांकि यह अप्रोच मैक्रो इनसाइट, मार्केट डिसिप्लिन और ग्लोबल इकोनॉमी में AI तथा डिजिटल एसेट्स की बदलती भूमिका के क्लियर-व्यू का मेल है, फिर भी इंवेस्टर्स को अपनी खुद की रिसर्च जरूर करनी चाहिए।