हालिया डेटा से पता चलता है कि 2026 में क्रिप्टो डेवेलपर एक्टिविटी में तेज गिरावट आई है और पिछले एक साल का सबसे निचला स्तर छू लिया है।
विश्लेषकों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं जैसे टोकन प्राइस में गिरावट, AI टूल्स की बढ़ती लोकप्रियता और क्रिप्टो इन्फ्रास्ट्रक्चर का परिपक्व होना।
2026 में क्रिप्टो प्रोजेक्ट की डेवलपमेंट एक्टिविटी में तेज गिरावट
Artemis के डेटा के अनुसार, पिछले एक साल में क्रिप्टो सेक्टर में डेवेलपर एक्टिविटी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
ओपन-सोर्स रिपॉजिटरी में वीकली कमिट्स की संख्या लगभग 871,000 के पीक से गिरकर सिर्फ करीब 218,000 रह गई है, यानी लगभग 75% की गिरावट। इसी दौरान, सक्रिय साप्ताहिक डेवेलपर्स की संख्या करीब 8,700 से घटकर 4,600 हो गई है, लगभग 50% की कमी।
पिछले तीन महीनों में यह ट्रेंड सभी इकोसिस्टम में खास तौर से दिखा है। यह EVM स्टैक्स (Ethereum Virtual Machine), Layer 1, Layer 2 और Solana में भी नजर आता है। इन सभी इकोसिस्टम्स में डेवेलपमेंट एक्टिविटी औसतन 34% से 40% तक घटी है।
निवेशक अक्सर घटती डेवेलपमेंट एक्टिविटी को इस संकेत के तौर पर देखते हैं कि प्रोजेक्ट्स को सही मेंटेनेंस नहीं मिल रही। यह नए आइडियाज की कमी या डेवेलपर्स टीम्स के लिए फंडिंग कम होने का भी इशारा हो सकता है। इसके नतीजे में टोकन प्राइसेज़ में गिरावट आती है क्योंकि निवेशकों की उम्मीदें भी कम हो जाती हैं।
हालांकि, 2026 के संदर्भ में विश्लेषक कई ओवरलैपिंग कारणों की बात कर रहे हैं।
ऐसा क्यों हो रहा है
Dragonfly के निवेशक Omar ने तीन मुख्य कारण बताए हैं।
पहला, क्रिप्टो में ओवरऑल दिलचस्पी कम हो गई है क्योंकि पब्लिक ध्यान अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर शिफ्ट हो रहा है। दूसरा, टोकन प्राइस गिरने से डेवेलपर्स के लिए आर्थिक इंसेंटिव्स घटे हैं। तीसरा, ज्यादा प्रोजेक्ट्स क्लोज्ड-सोर्स डेवेलपमेंट मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं, यानी टीमें अब अपना काम GitHub पर पब्लिकली पब्लिश नहीं कर रहीं।
कुछ और तर्क AI के खुद के प्रभाव को मुख्य रूप से उजागर करते हैं। निवेशक Justin Wu जोड़ते हैं कि AI टूल्स क्रिप्टो प्रोग्रामर्स को काफी ज्यादा एफिशिएंट तरीके से काम करने में मदद कर रहे हैं।
AI कोडिंग असिस्टेंट्स रिपेटेटिव टास्क, डिबगिंग और यहां तक कि जटिल कोड जनरेशन को भी बहुत कम समय में हैंडल कर सकते हैं। इसकी वजह से पब्लिक कमिट्स की संख्या कम हो सकती है, लेकिन हर डेवेलपर की असली प्रोडक्टिविटी बढ़ जाती है। डेवलपर्स कम पब्लिक ट्रेसेस के साथ भी उतना ही काम पूरा कर सकते हैं।
ये डायनामिक आंशिक रूप से बताता है कि क्यों दिखने वाली एक्टिविटी कम हो रही है, जबकि कुछ प्रोजेक्ट्स अच्छी तरह से आगे बढ़ रहे हैं।
इसके अलावा, एक X यूज़र Bunny इंडस्ट्री में और बड़े स्ट्रैटेजिक बदलाव की तरफ जोर देते हैं। अब क्रिप्टो “ऐप एरा” में प्रवेश कर रहा है, जहां पहले की तरह सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस नहीं है, बल्कि अब ऐप्प्स पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
“आजकल हर असली क्रिप्टो चीज़ कम से कम एक एप्लिकेशन वर्शन ही है जिसमें उसके ऊपर डिवेलप की गई टीम की अपनी ऐप इनफ्रा के साथ मौजूद है!” Bunny ने कहा।
अब कई नए प्रोजेक्ट्स रियल ऐप्लिकेशन के रूप में लॉन्च हो रहे हैं, जो पहले से मौजूदा प्लेटफॉर्म पर बनते हैं। कुछ प्रोजेक्ट्स शुरुआत से ही इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऐप्लिकेशन का कॉम्बिनेशन लेकर आ रहे हैं। ये बदलाव बताता है कि सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस किए ओपन-सोर्स रिपॉजिटरी में एक्टिविटी क्यों कम हो रही है।
अलग-अलग एक्सप्लानेशन इस ट्रेंड के पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों पहलुओं को दिखाते हैं। नेगेटिव साइड पर, गिरती हुई अल्टकॉइन प्राइस रेवेन्यू कम कर सकती है और डेवलपर्स की मोटिवेशन को भी कमजोर कर सकती है।
पॉजिटिव साइड पर, एक और ज्यादा mature इन्फ्रास्ट्रक्चर लेयर और AI में तरक्की, क्रिप्टो ऐप्स को और गहरे रियल-वर्ल्ड यूज केस में ले जा सकती है। यह बदलाव मार्केट में दोबारा कैपिटल ला सकता है और आगे चलकर टोकन प्राइस में रिकवरी के लिए मददगार भी हो सकता है।