X (पहले Twitter) अब ऐसे अकाउंट्स को ऑटोमैटिकली लॉक करेगा जो पहली बार अचानक क्रिप्टो पर पोस्ट करते हैं, ताकि प्लेटफॉर्म पर बढ़ती हैक और स्कैम प्रमोशन वेव को कंट्रोल किया जा सके।
प्रोडक्ट लीड Nikita Bier ने बताया कि यह सिस्टम उन अकाउंट्स को फ्लैग करेगा जिनका पहले कोई क्रिप्टो एक्टिविटी नहीं रहा है और जो अचानक टोकन प्रमोट करना शुरू करते हैं। इसके बाद आगे पोस्ट करने के लिए उन्हें आइडेंटिटी वेरिफिकेशन से गुजरना होगा।
यह फीचर खासतौर पर उस कॉमन अटैक पैटर्न को टारगेट करता है जिसमें हैकर्स हाई-फॉलोअर अकाउंट्स को हैक कर लेते हैं और उनसे meme coins या फिशिंग लिंक प्रमोट करते हैं।
यह बदलाव क्रिप्टो से जुड़ी स्पैम एक्टिविटी पर सख्ती को दर्शाता है, जो पिछले कुछ महीनों में काफी बढ़ गई है।
हैक किए गए अकाउंट्स से टोकन प्रमोट करना अब X पर सबसे भरोसेमंद स्कैम तरीके बन गए हैं। अकसर ऐसे अकाउंट्स का इस्तेमाल ऑडियंस के ट्रस्ट को एक्सप्लॉइट करने और क्विक लिक्विडिटी बनाने के लिए किया जाता है, उसके बाद स्कैमर गायब हो जाते हैं।
इस अपडेट के बाद, अचानक क्रिप्टो एक्टिविटी डिफॉल्ट तौर पर संदिग्ध मानी जाएगी। इससे बड़े स्तर की फिशिंग कैम्पेन्स में कमी आ सकती है, लेकिन इसके चलते कुछ जेन्युइन यूज़र्स भी, जो पहली बार क्रिप्टो पर पोस्ट कर रहे हैं, प्रभावित हो सकते हैं।
रिएक्शन इस फैसले को लेकर मिला-जुला है। कुछ यूज़र्स इसे “क्रिप्टो ट्विटर” को साफ और स्कैम से लोगों को प्रोटेक्ट करने का ज़रूरी स्टेप मानते हैं।
वहीं, कुछ का कहना है कि इससे जरूरत से ज्यादा कंट्रोल आ सकता है और यह सवाल उठता है कि प्लेटफॉर्म “नॉर्मल” बिहेवियर को कैसे डिफाइन करेगा, जिससे सेंसरशिप की चिंता हो रही है।