Binance पर XRP (XRP) रिजर्व्स नवंबर 2025 के बाद अपने सबसे ऊँचे स्तर पर पहुंच गए हैं। साथ ही, ऑन-चेन इंडीकेटर्स यह दिखा रहे हैं कि whales फिर से मार्केट में एक्टिव हो रहे हैं।
जब एक्सचेंज रिजर्व्स बढ़ते हैं, तो ये ट्रेडेबल सप्लाई के बढ़ने का संकेत देते हैं। लेकिन, पॉजिटिव whale फ्लो का वापस आना यह दिखाता है कि बड़े इन्वेस्टर्स इस liquidity को अब्सॉर्ब कर रहे हैं। इससे XRP के मार्केट स्ट्रक्चर में बदलाव आने की संभावना है।
XRP Binance रिज़र्व्स बढ़े, Whale फ्लो हुआ पॉजिटिव
एनालिस्ट Arab Chain के अनुसार, Binance पर XRP के रिजर्व्स लगभग 2.78 बिलियन टोकन तक पहुँच चुके हैं। यह डाउनट्रेंड को पलट रहा है जो लेट 2025 में शुरू हुआ था। एक्सचेंज बैलेंस पहले 2.8 बिलियन XRP से घटकर करीब 2.55 बिलियन तक फरवरी में पहुँच गया था, जिससे उस समय ट्रेडेबल सप्लाई में कमी देखी गई थी।
“स्ट्रक्चरली, एक्सचेंजों पर रिजर्व्स बढ़ना स्पॉट मार्केट में ट्रेडेबल सप्लाई के बढ़ने का संकेत होता है, क्योंकि ज्यादा कॉइन्स इमीडिएट ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो जाते हैं। लेकिन, इस ग्रोथ का मतलब हमेशा इमीडिएट सेलिंग प्रेशर नहीं होता है। ये ट्रेडिंग एक्टिविटी के बढ़ने या इन्वेस्टर्स के संभावित मार्केट मूवमेंट्स के लिए पोजिशनिंग का भी इंडिकेटर हो सकता है,” एनालिस्ट ने लिखा।
वहीं, डिमांड साइड पर और भी बड़ा डेवेलपमेंट देखा जा सकता है। मार्च में पहली बार, नवंबर 2025 के बाद, XRP का Whale Flow 30-डे मूविंग एवरेज (30DMA) पॉजिटिव हुआ है। इससे नेगेटिव ट्रेंड चार महीने बाद खत्म हुआ है।
यह मैट्रिक बड़े होल्डर्स के नेट कैपिटल फ्लो को ट्रैक करता है। नेगेटिव से पॉजिटिव शिफ्ट का मतलब है कि whales ने नेट डिस्ट्रीब्यूशन से अब नेट ऐक्यूम्यूलेशन शुरू कर दिया है। अगर ये ट्रेंड जारी रहा, तो whale की तरफ से आ रहा यह buying प्रेशर एक्सचेंज पर नई सप्लाई को आसानी से अब्सॉर्ब कर सकता है, जिससे प्राइस पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा।
ये डेवलपमेंट्स ऐसे समय में सामने आई हैं जब XRP पूरे मार्केट के साथ-साथ तेज़ी से रैली कर रहा है। BeInCrypto मार्केट्स डेटा के अनुसार, इस altcoin ने पिछले 24 घंटों में 10% की बढ़त हासिल की और मार्केट कैप के लिहाज़ से टॉप 10 क्रिप्टोकरेंसीज़ में सबसे ज्यादा गेन दिया।
प्रेस टाइम पर, XRP $1.58 पर ट्रेड कर रहा था, जो कि मिड-फरवरी के बाद इसकी सबसे हाईएस्ट प्राइस है। अब ये देखना दिलचस्प रहेगा कि क्या मौजूदा व्हेल्स की एंट्री XRP प्राइस को ऊंचे लेवल पर बनाए रख पाएगी, या एक्सचेंज सप्लाई की बढ़त आगे चलकर कोई रेसिस्टेंस क्रिएट करेगी। इस महीने के दौरान इसकी स्थिति और साफ हो सकती है।