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Bitcoin माइनिंग में Zetahash युग की शुरुआत, मुनाफा कम हुआ

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Mohammad Shahid

04 फ़रवरी 2026 21:21 UTC
  • 2025 के अंत में Bitcoin माइनिंग का हैशरेट रिकॉर्ड स्तर पर, बड़े पैमाने की इंडस्ट्रियल ऑपरेशंस की ओर बदलाव
  • Halving के बाद माइनर्स की प्रोफिटेबिलिटी काफी घट गई, कंप्यूट यूनिट पर रेवेन्यू रिकॉर्ड लो पर पहुंचा, फीस से ज्यादा सपोर्ट नहीं मिला
  • मार्जिन घटने से माइनर्स को प्राइस गिरावट का ज्यादा खतरा, प्रमुख आर्थिक लेवल्स के पास बंदी और सेल-ऑफ़ का रिस्क बढ़ा

Bitcoin माइनिंग ने 2025 के अंत में एक ऐतिहासिक स्तर पार कर लिया। GoMining की एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, नेटवर्क ने zetahash era में एंट्री कर ली है और अब इसकी कंप्यूटिंग पावर 1 zetahash प्रति सेकंड से भी ऊपर पहुंच गई है।

हालांकि, जहां हैशरेट रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई, वहीं माइनर की प्रॉफिटबिलिटी उसके उलट कम हो गई। इसका रिजल्ट यह है कि माइनिंग इंडस्ट्री अब और बड़ी हो गई है, ज्यादा इंडस्ट्रियलाइज्ड हो चुकी है — और हर साइकल में अब तक के मुकाबले प्राइस रिस्क के लिए कहीं ज्यादा ओपन है।

माइनिंग में बढ़ोतरी के साथ Hashrate ऑल-टाइम हाई पर

रिपोर्ट के अनुसार, Bitcoin नेटवर्क ने 1 ZH/s से ज्यादा हैशरेट का सात दिन का औसत मेंटेन किया है, जो अब किसी अस्थाई स्पाइक जैसी चीज़ नहीं बल्कि एक स्ट्रक्चरल बदलाव है।

यह ग्रोथ आक्रामक हार्डवेयर अपग्रेड्स, नए डेटा सेंटर्स और इंडस्ट्रियल ऑपरेशनों के विस्तार को दिखाती है। अब माइनिंग मार्जिन पर डिपेंड करने वाले प्लेयर्स के काबू में नहीं रह गई। यह अब एक एनर्जी infrastructure जैसा लगने लगा है।

इस वजह से ब्लॉक रिवॉर्ड्स के लिए competition काफी तेज हो गया है।

नेटवर्क हैशरेट वार्षिक ग्रोथ. स्रोत: GoMining
नेटवर्क हैशरेट वार्षिक ग्रोथ. स्रोत: GoMining

जहां हैशरेट में ग्रोथ दिखी, वहीं प्रति यूनिट कंप्यूट की कमाई अपने इतिहास के सबसे टाइट रेंज में आ गई

रिपोर्ट में बताया गया है कि माइनर्स की कमाई अब लगभग पूरी तरह Bitcoin प्राइस और डिफिकल्टी पर डिपेंड हो गई है। दूसरे बफर्स, जैसे ट्रांजैक्शन फीस में अचानक उछाल या पहले मिलने वाली ज्यादा ब्लॉक सब्सिडी, अब लगभग खत्म हो गए हैं, जिससे मार्जिन पर दबाव और बढ़ गया है।

इस कंप्रेशन का मतलब है कि अब माइनर्स को पतले मार्जिन पर काम करना पड़ रहा है, जबकि वे और ज्यादा कैपिटल और पावर इनवेस्ट कर रहे हैं।

GoMining के अनुसार, इसका असर mempool में साफ दिखा। अप्रैल 2023 के बाद पहली बार, 2025 में कई बार Bitcoin mempool पूरी तरह क्लियर हुआ।

2025 में कई बार Mempool क्लियर हुआ।
2025 में कई बार Mempool क्लियर हुआ। स्रोत: Mempool.space

इसका मतलब है कि Bitcoin नेटवर्क इतना शांत था कि ट्रांजैक्शंस तुरंत क्लियर हो रही थीं, वो भी बिलकुल न्यूनतम फीस पर।

इस वजह से माइनर्स को फीस से लगभग कोई कमाई नहीं हुई और उन्हें अपनी इनकम के लिए पूरी तरह से Bitcoin की प्राइस और ब्लॉक सब्सिडी पर निर्भर रहना पड़ा।

Halving के बाद Transaction Fees में ज्यादा राहत नहीं

हॉल्विंग के बाद के डायनामिक्स ने प्रेशर को और बढ़ा दिया।

जब ब्लॉक सब्सिडी घटकर 3.125 BTC हो गई, तब ट्रांजैक्शन फीस खोई हुई इनकम को पूरा नहीं कर पाईं। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में ज्यादातर समय फीस कुल ब्लॉक रिवॉर्ड का 1% से भी कम हिस्सा रही।

इसी कारण, माइनर्स की इनकम अब सीधे-सीधे Bitcoin प्राइस मूवमेंट से जुड़ गई, क्योंकि अब उनके पास अंदरूनी स्टेबलाइज़र्स कम हो गए थे।

2025 में अधिकतर समय ट्रांजेक्शन फीस कुल ब्लॉक रिवॉर्ड का 1% से कम रही।
2025 में अधिकतर समय ट्रांजेक्शन फीस कुल ब्लॉक रिवॉर्ड का 1% से कम रही। स्रोत: GoMining

Hashprice न्यूनतम पर, माइनर्स के मार्जिन दबाव में

यह दबाव hashprice में भी साफ दिखा — यह वो दैनिक इनकम है जो हर यूनिट hashrate पर होती है।

रिपोर्ट के अनुसार, हैशप्राइस नवंबर में $35 प्रति PH प्रति दिन के ऑल-टाइम लो के पास गिर गया और साल के अंत तक भी कमजोर रहा। तिमाही खत्म होते-होते यह लगभग $38 था, जो कि ऐतिहासिक औसत से काफी कम है।

इससे ऑपरेशनल गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची।

पिछले साल Bitcoin हैशप्राइस लगातार गिरता रहा।
पिछले साल Bitcoin हैशप्राइस लगातार गिरता रहा। स्रोत: GoMining

Shutdown प्राइस ने प्राइस लेवल्स को इकोनॉमिक ट्रिगर्स बना दिया

ये निष्कर्ष हाल ही के माइनर शटडाउन प्राइस पर आए डेटा से काफी मेल खाते हैं।

अभी की डिफिकल्टी और बिजली की लागत (लगभग $0.08 प्रति kWh) पर सबसे अधिक इस्तेमाल हो रहे S21-series माइनर्स का ब्रेकइवन $69,000 से $74,000 प्रति BTC के बीच आता है। अगर प्राइस इस रेंज से नीचे जाता है तो कई ऑपरेशंस का ऑपरेशनल प्रॉफिट आना बंद हो जाता है।

ज्यादा एफिशियंट, हाई-एंड मशीनें काफी कम प्राइस पर भी फायदेमंद रह सकती हैं। लेकिन मिड-टियर माइनर्स पर तुरंत दबाव आता है।

ज्यादातर Bitcoin माइनर्स की शटडाउन प्राइस $70,000 से कम है
ज्यादातर Bitcoin माइनर्स की शटडाउन प्राइस $70,000 से कम है। स्रोत: Antpool

अभी Bitcoin प्राइस के लिए यह क्यों जरूरी है

यह कोई प्राइस फ्लोर नहीं बनाता। मार्केट माइनिंग ब्रेकइवन से नीचे भी ट्रेड कर सकता है।

लेकिन ये एक बिहेवियरल थ्रेशहोल्ड जरूर बनाता है। अगर Bitcoin ऐसे शटडाउन लेवल्स के नीचे रहता है तो कमजोर माइनर्स अपने रिजर्व बेच सकते हैं, इक्विपमेंट बंद कर सकते हैं, या अपनी पोजिशन कम कर सकते हैं।

पहले से ही टाइट लिक्विडिटी वाले मार्केट में, ऐसे ऐक्शंस वॉलेटिलिटी को और बढ़ा सकते हैं।

आज Bitcoin माइनिंग पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और इंडस्ट्रियल बन गई है। लेकिन इस बड़े पैमाने के साथ सेंसेटिविटी भी आती है। जैसे-जैसे हैशरेट बढ़ती है और फीस में कमी आती है, माइनर की स्टेबिलिटी के लिए प्राइस और भी ज्यादा मायने रखता है

इसीलिए $70,000 जैसे लेवल्स इकोनॉमिकली महत्वपूर्ण हैं — ये सिर्फ चार्ट्स की वजह से नहीं, बल्कि Bitcoin नेटवर्क की कॉस्ट स्ट्रक्चर की वजह से है।

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