CoinShares की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, लगातार कई हफ्तों की जबरदस्त सेल-ऑफ़ के बाद, क्रिप्टो मार्केट्स में स्थिरता के शुरुआती संकेत दिख रहे हैं।
इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स में ऑउटफ्लो दो लगातार हफ्ते $1.7 बिलियन से ज़्यादा रहने के बाद पिछले हफ्ते सिर्फ $187 मिलियन पर आ गया।
क्रिप्टो ऑउटफ्लो घटकर $187 मिलियन हुए, CoinShares रिपोर्ट में खुलासा
CoinShares के लेटेस्ट आंकड़े बताते हैं कि टोटल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट $129.8 बिलियन रह गई है, जो मार्च 2025 के बाद सबसे कम है। ये गिरावट हाल ही में क्रिप्टो प्राइस में आई तेज़ गिरावट का असर दिखाती है।
नीचे दिए गए चार्ट के अनुसार, रीजनल ट्रेंड्स में सलेक्टिव कॉन्फिडेंस नजर आ रही है। इंस्टिट्यूशनल और एरिया-स्पेसिफिक स्ट्रेटेजीज़ अलग-अलग दिखाई दे रही हैं, जबकि ग्लोबल सेंटिमेंट अब भी सतर्क बना हुआ है।
हालांकि इन्वेस्टर्स ने सतर्कता बरती, पर ट्रेडिंग एक्टिविटी तेज़ रही। क्रिप्टो एक्सचेंज-ट्रेडेड प्रोडक्ट्स (ETPs) में इस बार रिकॉर्ड $63.1 बिलियन का वीकली वॉल्यूम देखने को मिला। इसने अक्टूबर 2025 के प्रीवियस हाई $56.4 बिलियन को भी पार कर लिया।
इंटरस्टिंग पॉइंट ये है कि हाई वॉल्यूम के साथ आउटफ्लो में गिरावट ये दिखाती है कि इन्वेस्टर्स मार्केट छोड़ नहीं रहे बल्कि अपनी पोजीशन बदल रहे हैं, जो एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव है।
Bitcoin में $264 मिलियन का आउटफ्लो हुआ, जिससे ये साफ होता है कि इन्वेस्टर्स अब Bitcoin की बजाय दूसरे डिजिटल एसेट्स की तरफ रुख कर रहे हैं।
Altcoins में XRP, Solana और Ethereum को सबसे ज़्यादा इनफ्लो मिला—$63.1 मिलियन, $8.2 मिलियन, और $5.3 मिलियन क्रमशः। खास तौर पर XRP इन्वेस्टर्स की फेवरिट बन कर उभरी है, जिसे साल की शुरुआत से अब तक $109 मिलियन का इनफ्लो मिला है।
क्रिप्टो कैपिट्युलेशन की रफ्तार कम होने लगी, लेकिन बॉटम अभी कन्फर्म नहीं
लगातार प्राइस प्रेशर के बावजूद, यह बात ध्यान देने वाली है कि क्रिप्टो फंड्स में ऑउटफ्लो में अचानक आई तेज गिरावट कोई साधारण बात नहीं है। इससे पहले $1.73 अरब के निगेटिव फ्लो और $1.7 अरब पिछले हफ्ते देखने को मिले थे। लगातार हफ्तों तक क्रिप्टो फंड फ्लो में ये तेज कमी संभावित टर्निंग पॉइंट के तौर पर देखी जा रही है।
विश्लेषकों के मुताबिक, इस तरह की स्पीड में कमी अक्सर मार्केट मोमेंटम में बदलाव से पहले देखी जाती है, जिससे ऐसा लग रहा है कि सेलिंग की तेज़ी अब अपनी लिमिट पर पहुंचने वाली है।
“आउटफ्लो में गिरावट दिखाती है कि सेल प्रेशर कम हो रहा है और कैपिटल फ्लाइट भी थमने के करीब है। इतिहास में, ऐसा शिफ्ट अक्सर मार्केट मोमेंटम में बदलाव से पहले होता है। शुरुआती संकेत यह दिखा रहे हैं कि स्टेबलाइजेशन शुरू हो गया है,” ऐसा Andre का कहना है।
इतिहास में, क्रिप्टो साइकल्स शायद ही कभी ऑल-टाइम हाई के बाद तुरंत पलटते हैं। इसकी बजाय, मार्केट में पहले धीरे-धीरे ऑउटफ्लो कम होता है, और फिर इनफ्लो बढ़ता है। ऐसी ही पैटर्न इस समय की करेक्शन में भी दिख रही है।
इसलिए, पिछले हफ्ते का आउटफ्लो स्लो होना जरूर एक लीडिंग इंडिकेटर हो सकता है, लेकिन इसे रिकवरी की गारंटी नहीं समझना चाहिए।
इसका मतलब यह है कि मार्केट अब पैनिक के चलते हुए सेल-ऑफ़ से कंसोलिडेशन और सिलेक्टिव अक्यूम्यूलेशन की तरफ मूव कर सकता है।
चूंकि Bitcoin में अभी भी आउटफ्लो चल रहा है, लेकिन altcoins और रीजनल मार्केट्स में इनफ्लो दिख रहा है, इससे पता चलता है कि इन्वेस्टर्स अभी क्रिप्टो से पूरी तरह बाहर नहीं हो रहे, बल्कि रिस्क को रोटेट कर रहे हैं।
फिर भी, सावधानी जरूरी है, क्योंकि सिर्फ एक हफ्ते के स्लो आउटफ्लो को कन्फर्म्ड बॉटम मानना जल्दबाजी होगी।