Grayscale ने US Securities and Exchange Commission (SEC) से कहा है कि क्रिप्टो exchange-traded fund (ETF) के रूल्स को जैसे हैं वैसा ही रहने दें। किसी भी नए लिमिट से इन्वेस्टर्स को सिर्फ नुकसान होगा और फायदा कुछ नहीं मिलेगा।
Asset manager ने 31 अगस्त को, कमेंट विंडो के आखिरी दिन, एप्लिकेशन फाइल की। SEC अभी यह सोच रहा है कि क्या इन फंड्स के लिए अलग से रूलबुक होनी चाहिए।
Grayscale ने क्रिप्टो ETF रूल्स पर अपनी सीमा तय की
SEC ने 30 जून को इस रिव्यू की शुरुआत 27 सवालों के साथ की थी। क्रिप्टो उन सात asset types में से एक है, जिनपर यह रिव्यू हो रहा है।
Chairman Paul Atkins ने स्केल की ओर इशारा किया। 2019 से अब तक ETF assets तीन गुना बढ़ चुके हैं। कई स्पॉन्सर्स ने रिव्यू के चलते नए launches फिलहाल रोक दिए हैं।
इन सवालों में एक सवाल Grayscale को सीधा असर करता है। क्या “ETF” शब्द सिर्फ Investment Company Act of 1940 के तहत रजिस्टर्ड फंड्स के लिए ही होना चाहिए?
Grayscale ने इसका जवाब ‘ना’ में दिया। इसके spot क्रिप्टो products, जिसमें pending Zcash ETF भी शामिल है, यह commodity trusts हैं। Grayscale 2013 से इन्हें इसी तरह चला रहा है।
लेटेस्ट न्यूज़ के लिए हमें X पर फॉलो करें
Chief Legal Officer Craig Salm ने और आगे बढ़कर अपनी बात रखी।
“ETF शब्द एक्सचेंज-ट्रेडेड commodity trusts की आर्थिक सच्चाई को सही तरीके से बयान करता है, और अगर इसे सिर्फ रजिस्टर्ड investment companies तक सीमित कर दिया गया तो इन्वेस्टर्स को कंफ्यूजन होगी, समाधान नहीं,” ऐसा कमेंट लेटर के एक हिस्से में लिखा गया है।
81 दिन की देरी के पीछे की कहानी
Grayscale ने Rule 6c-11 को फिर से लिखने का भी विरोध किया। 2019 का ये रूल ETFs को बिना हर केस की मंज़ूरी के लॉन्च करने देता है।
अगर portfolio लिमिट या asset-class बैन लगाया जाता है, तो फीस बढ़ जाएगी, Grayscale ने कहा। इसका बोझ शेयरहोल्डर्स पर पड़ेगा।
Grayscale का सबसे मजबूत सबूत उसका खुद का रिकॉर्ड है। SEC स्टाफ ने Grayscale के पांच-एसेट क्रिप्टो फंड के लिए NYSE Arca लिस्टिंग रूल 30 जून 2025 को क्लियर कर दिया था। लेकिन Commission ने इसके फैसले को रोक दिया।
यह फंड 81 दिनों तक exchange पर ट्रेड नहीं कर सका। 19 सितंबर को पहली बार इसका ट्रेड हुआ। अब Grayscale चाहता है कि एक confidential प्री-फाइलिंग प्रोसेस हो, जिसमें 45 दिनों के अंदर स्टाफ का रिप्लाई मिले।
अब ये विंडो बंद हो चुकी है। क्रिप्टो ETF की डिमांड भी लॉन्च के बूम के बाद से कूल-डाउन हो चुकी है।
इस बहस के केंद्र में 1940 का जो कानून है, वो इस साल 86 साल का हो गया है। अब SEC इसके साथ क्या करता है, यही तय करेगा कि बाकी बचे सभी क्रिप्टो फंड्स की दिशा क्या होगी।









