Artemis के नए डेटा से पता चला है कि Hyperliquid, एक ऑन-चेन डेरिवेटिव्स प्लेटफॉर्म, नोटोशनल ट्रेडिंग वॉल्यूम में Coinbase से आगे निकल गया है। खास बात यह है कि Coinbase को ट्रेडिंग वॉल्यूम के हिसाब से सबसे बड़े US-बेस्ड एक्सचेंज के तौर पर माना जाता है।
Hyperliquid की तरक्की क्रिप्टोकरेन्सी इंडस्ट्री को यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि असली ट्रेडिंग एक्टिविटी आखिर कहां हो रही है।
Hyperliquid ने ट्रेडिंग वॉल्यूम में Coinbase को पीछे छोड़ा
Artemis के अनुसार, Hyperliquid ने करीब $2.6 ट्रिलियन का नोटोशनल ट्रेडिंग वॉल्यूम रिकॉर्ड किया, जबकि Coinbase का वॉल्यूम $1.4 ट्रिलियन रहा, यानी लगभग दोगुना ट्रेडिंग एक्टिविटी Hyperliquid पर हुई।
ये आंकड़े यह दिखाते हैं कि हाई-परफॉरमेंस ऑन-चेन प्लेटफॉर्म्स अब ग्लोबल डेरिवेटिव्स फ्लो में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं।
यह उपलब्धि इस बहस को और गहरा कर देती है कि कहीं डिसेंट्रलाइज्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स अब सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजेस के बराबर आकार और प्रभाव में आने लगे हैं?
“Hyperliquid चुपचाप Coinbase से आगे निकल रहा है। ट्रेडिंग वॉल्यूम (नोटोशनल): Coinbase: $1.4T, Hyperliquid: $2.6T। यानी Coinbase के वॉल्यूम से लगभग 2 गुना…एक ऑन-चेन एक्सचेंज से। और मार्केट भी इसे नोटिस कर रही है,” Artemis ने कहा।
यह अंतर सिर्फ ट्रेडिंग वॉल्यूम तक सीमित नहीं है। इस साल की परफॉरमेंस डेटा दोनों कंपनियों के रिजल्ट्स में बड़ा फर्क दिखा रही है।
Hyperliquid 31.7% ऊपर है, वहीं Coinbase 27.0% नीचे है। सिर्फ कुछ हफ्तों में ही 58.7% का परफॉरमेंस गैप बन गया है।
विश्लेषकों के लिए, यह बदलाव शॉर्ट-टर्म प्राइस मूवमेंट से कहीं बड़ा स्ट्रक्चरल शिफ्ट को दिखाता है। Artemis के डेटा एनालिस्ट Anthony ने बताया कि असली इंडिकेटर अब धीरे-धीरे मार्केट सेंटिमेंट को ज्यादा प्रभावित कर रहे हैं।
यह कमेंट यह दर्शाता है कि अब ज्यादा लोग मानने लगे हैं कि liquidity, execution क्वालिटी और यूजर एक्टिविटी ही valuations और निवेशकों की सोच को बना रहे हैं, सिर्फ ब्रांड पहचान नहीं।
इस डेटा से एक सवाल उठता है कि Binance, जो दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो डेरिवेटिव्स एक्सचेंज है, को इस तुलना में शामिल क्यों नहीं किया गया?
इसका कारण यह है कि ये आंकड़े क्या माप रहे हैं और इनसे जुड़ी स्टोरी क्या है। Artemis के विश्लेषण में फोकस Hyperliquid द्वारा Coinbase को पीछे छोड़ने पर था, जो एक बड़ा सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज है और जिसका बिज़नेस खास तौर पर spot ट्रेडिंग और रेग्युलेटेड मार्केट पर आधारित है।
यह उपलब्धि, दरअसल, मार्केट स्ट्रक्चर में बदलाव को दर्शाती है, न कि सबसे बड़े डेरिवेटिव्स प्लेटफॉर्म के लिए सीधी चुनौती को।
Binance अब भी परपेच्युअल फ्यूचर्स ट्रेडिंग में बहुत बड़े अंतर से डॉमिनेंट प्लेयर है। Coingecko के डेटा के मुताबिक, यह exchange हर दिन $53 बिलियन से ज्यादा का डेरिवेटिव्स वॉल्यूम प्रोसेस करता है। यह Hyperliquid के $6.4 बिलियन से कहीं ज्यादा है।
Hyperliquid की surge से क्रिप्टो ट्रेडिंग का कंट्रोल किसके पास रहेगा, नई जंग की शुरुआत
इस डेटा ने क्रिप्टो कम्युनिटी में जोरदार प्रतिक्रिया पैदा की है, जिससे सेंट्रलाइज्ड और डिसेंट्रलाइज्ड ट्रेडिंग मॉडल्स के बीच पहले से चली आ रही टेंशन सामने आती है।
कई लोगों के लिए Hyperliquid का बढ़ना ऑन-चेन मार्केट्स की वैलिडेशन है, जबकि बाकी लोगों ने इस मौके का इस्तेमाल सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजेस की आलोचना के लिए किया।
इस तरह की आलोचना उन ट्रेंडर्स की व्यापक सोच को दिखाती है जो मानते हैं कि ट्रांसपेरेंट ऑन-चेन सिस्टम काउंटरपार्टी रिस्क को कम करते हैं और मार्केट फेयरनेस को बेहतर बनाते हैं।
हालांकि, सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजेस के समर्थकों का कहना है कि ये अभी भी fiat ऑन-रैम्प्स, रेग्युलेटरी इंटीग्रेशन और रिटेल एक्सेसबिलिटी में डॉमिनेट करते हैं।
शायद Hyperliquid की ग्रोथ का सबसे बड़ा असर यह है कि यह कंपटीटिव सेक्टर बदल रहा है। अब इसकी तुलना सिर्फ बाकी परपेच्युअल DEXs से नहीं, बल्कि बड़े सेंट्रलाइज्ड डेरिवेटिव्स एक्सचेंजेस से की जा रही है।
Hyperliquid Hub, जो इकोसिस्टम को ट्रैक करने वाला एक कम्युनिटी अकाउंट है, का मानना है कि Hyperliquid ने ज्यादातर डीसेंट्रलाइज्ड प्रतिद्वंद्वियों से आगे निकल चुका है।
“Hyperliquid अब ऑन-चेन डेरिवेटिव्स सेक्टर में पूरी तरह से डॉमिनेट कर रहा है। अब लोग सिर्फ Binance, OKX और Bybit जैसे बड़े सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजेस के साथ Hyperliquid की तुलना कर रहे हैं। बाकी perp DEXs को तो Hyperliquid ने टेक्नोलॉजी, लिक्विडिटी डेप्थ और ओवरऑल परफॉर्मेंस में पहले ही बहुत पीछे छोड़ दिया है,” उन्होंने लिखा।
अगर यह सोच और मजबूत होती गई, तो यह बड़ी टर्निंग पॉइंट हो सकती है कि ट्रेडर्स execution venues को कैसे जज करते हैं। अब मामला सिर्फ सेंट्रलाइज्ड या डिसेंट्रलाइज्ड होने तक सीमित नहीं है, बल्कि लिक्विडिटी, स्पीड और रिलायबिलिटी पर भी है।
जहां Coinbase exchange दुनिया के सबसे बड़े और सबसे रेग्युलेटेड क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स में एक है, वहीं Hyperliquid की तेज़ ग्रोथ दिखाती है कि डिजिटल एसेट स्पेस में मार्केट स्ट्रक्चर कितनी जल्दी बदल सकता है।
फिर भी, चुनौतियाँ बनी हुई हैं, क्योंकि Coinglass डेटा ने दिखाया कि perp DEXs में वॉल्यूम, ओपन इंटरेस्ट और लिक्विडेशन के बीच बड़े अंतर हैं।
BeInCrypto की रिपोर्ट के अनुसार, डिसेंट्रलाइज्ड डेरिवेटिव्स मार्केट में “रियल” ऐक्टिविटी को परिभाषित करने के लिए स्टैंडर्ड्स की कमी को लेकर अब भी सहमति नहीं है।
साथ ही, इंडस्ट्री के एग्जीक्यूटिव्स जैसे Kyle Samani ने भी Hyperliquid की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं, उन्होंने कहा कि यह DEX लगभग हर मायने में क्रिप्टो में मौजूदा समस्याओं का उदाहरण है।