अनुभवी ट्रेडर Peter Brandt ने चेतावनी दी है कि गोल्ड प्राइस में तेज गिरावट आ सकती है, क्योंकि उन्होंने इसकी वीकली चार्ट पर एक बियरिश पैटर्न पहचाना है।
इस पैटर्न को हेड-एंड-शोल्डर्स कहा जाता है, जो अक्सर तब दिखाई देता है जब किसी एसेट की तेज तेजी की रफ्तार धीमी पड़ने लगती है। इसमें तीन शिखर (peaks) बनते हैं, जिसमें बीच वाला सबसे ऊंचा होता है।
गोल्ड प्राइस चार्ट एक बड़ा खतरा दिखा रहा है
Brandt के चार्ट के मुताबिक, अगर गोल्ड की कीमत अहम $4,100–$4,200 सपोर्ट जोन से नीचे टूटती है, तो यह $2,890 तक गिर सकता है। ऐसा होने पर, सेलर्स को मार्केट में कंट्रोल मिलना दिखेगा।
हालांकि, उन्होंने ये भी साफ किया कि चार्ट कोई कीमत का अनुमान (price prediction) नहीं है और गिरावट तय नहीं है। चीन के सेंट्रल बैंक की लगातार गोल्ड खरीदारी भी प्राइस को सपोर्ट कर सकती है।
यह लेवल मौजूदा कीमतों से काफी नीचे है, इसलिए यह मूव काफी ड्रामेटिक होगी। ट्रेडर्स आमतौर पर नेकलाइन के नीचे क्लोजिंग का इंतजार करते हैं, तब ही ऐक्शन लेते हैं।
इनवेस्टर्स को सिर्फ एक पैटर्न पर निर्भर न रहकर, चार्ट और पूरे मार्केट सिचुएशन का अच्छा विश्लेषण करना चाहिए। क्योंकि अक्सर मार्केट्स “टेक्स्टबुक” पैटर्न्स को फॉलो नहीं करते।
क्या चीन की खरीददारी से गोल्ड की गहरी गिरावट रुकेगी?
10 अक्टूबर को गोल्ड करीब $4,194 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जो जनवरी के ऑल-टाइम हाई $5,405 से लगभग 22% नीचे है।
फ्राइडे के गेन के बाद इस मेटल में हल्की तेजी आई, लेकिन इस साल अब तक गोल्ड करीब 4% डाउन है। गोल्ड की ट्रेडिंग रेंज काफी वाइड रही है, क्योंकि इनवेस्टर्स US ब्याज दरों की उम्मीदें फिर से आंक रहे हैं।
इतना ही नहीं, China के पीपल्स बैंक ने सितंबर में 740,000 औंस गोल्ड खरीदा, जो 2023 के बाद से सबसे बड़ी खरीद है। ये खरीदारी लगातार 23 महीने से जारी है।
BeInCrypto ने यह भी रिपोर्ट किया कि 2026 गोल्ड के लिए 1982 के बाद सबसे वोलाटाइल साल बन सकता है। इसमें Fed की ब्याज दरों की बदलती उम्मीदें और ट्रेज़री यील्ड्स का बढ़ना अहम वजह हैं।
Brandt के चार्ट से गहरी करेक्शन की संभावना दिखती है। लेकिन सेंट्रल बैंक की माँग गोल्ड को बेसिक सपोर्ट दे रही है।
इनवेस्टर्स आगे देखेंगे कि नेकलाइन सपोर्ट बनी रहती है या नहीं। यह पैटर्न नीचे ब्रेक करता है या फेल हो जाता है, फिलहाल यह सवाल बना हुआ है।









