2026 में Wall Street पर मार्केट ट्रेडिंग की शुरुआत पिछले साल के कमजोर अंत के बाद मज़बूत रही। US स्टॉक फ्यूचर्स में उछाल ने निवेशकों का भरोसा बेहतर होते हुए दिखाया और risk लेने की इच्छा भी फिर से नजर आई, हालांकि यह अभी शुरुआती है।
शुरुआती मजबूती से यह संकेत मिल रहा है कि निवेशकों का मूड रीसेट हो रहा है, न कि कोई लॉन्ग-टर्म ट्रेंड कन्फर्म हो रहा है। इक्विटी सेंटिमेंट मजबूत होने से क्रिप्टोकरेंसी एसेट्स को शॉर्ट-टर्म सपोर्ट मिल सकता है, लेकिन इन्वेस्टर्स अभी भी broader liquidity कंडीशन्स को लेकर थोड़ा सतर्क हैं।
Equity में पॉजिटिविटी से क्रिप्टो मार्केट में जोश
मार्केट्स नए साल में एंट्री कर रही हैं, जबकि 2025 का अंत काफी वॉलेटाइल रहा, लेकिन उस साल मेजर इंडेक्सेस में अच्छा ग्रोथ दिखा।
यह पॉजिटिव सेंटिमेंट 2026 में भी जारी रहा, क्योंकि US स्टॉक फ्यूचर्स शुक्रवार सुबह को बढ़े, और S&P 500, Dow व Nasdaq जैसे बड़े इंडेक्सेस ने भी गेन दर्ज किए।
Wall Street के शुरुआती ट्रेडिंग डेज़ अक्सर ऊपर बंद होते हैं, क्योंकि इन्वेस्टर्स अपने पोर्टफोलियो को रीपोज़िशन करते हैं। ऐसे सेशन पॉजिटिव सेंटिमेंट और रिस्क लेने की चाहत में बदलाव का भी संकेत देते हैं। इसी वजह से मेजर क्रिप्टोकरेंसीज के प्राइस में भी इजाफा देखा गया।
Bitcoin शुक्रवार सुबह $90,700 तक पहुंच गया, जबकि Ethereum ने $3,130 का पीक टच किया।
टेक्नोलॉजी और AI से जुड़ी इक्विटीज़ के साथ क्रिप्टो की बढ़ती कोरिलेशन ने भी डिजिटल एसेट्स को सपोर्ट किया है। AI के ट्रेंड में नए इंटरेस्ट से मार्केट को और मोमेंटम मिला।
AI stocks में शुरूआती बढ़त
Magnificent Seven से जुड़े सभी स्टॉक्स शुरुआती सेशन में ऊपर ट्रेड हुए। सेमीकंडक्टर मेकर Nvidia और Alphabet (Google की पैरेंट कंपनी) जैसी कंपनियों ने 1% से ज्यादा का गेन दर्ज किया।
इन मूव्स ने उन कंपनियों में निवेशकों की लगातार रुचि को दिखाया है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रेस में आगे हैं। AI स्टॉक्स, जो 2025 में इक्विटी गेन का मुख्य कारण थे, उनकी मजबूत शुरुआत 2026 में इन्वेस्टर्स को भरोसा दिलाती है कि ग्रोथ स्टोरी अभी भी मजबूत है।
इससे यह भरोसा मजबूत होता है कि रिस्क लेने वालों को अब भी रिवार्ड मिल रहा है। ऐतिहासिक रूप से देखा गया है कि जब AI-लिंक्ड स्टॉक्स में स्टेबिलिटी या नया मोमेंटम आता है, तो इससे ज्यादा सट्टा वाले एसेट्स में भी डाउनसाइड रिस्क कम हो जाता है।
हालांकि, पहले ट्रेडिंग डे पर मार्केट का बर्ताव पूरे साल की दिशा नहीं बताता, इसलिए अब इकोनॉमिक डेटा और बड़े मार्केट सिग्नल्स पर ज्यादा ध्यान रहेगा ताकि यह समझा जा सके कि क्या वाकई रिस्क अपेटाइट में सुधार हो रहा है या नहीं।
फ्यूचर रिस्क एपेटाइट की परीक्षा लेगा मैक्रो डेटा
इन्वेस्टर्स अब ऐसे अहम इकोनॉमिक इंडिकेटर्स देख रहे हैं जो उनके पूरे साल की ट्रेडिंग एक्टिविटी को आकार देंगे।
चाहे Fed ने थोड़ी सॉफ्ट Monetary Policy ट्रैजेक्टरी का संकेत दिया है, चेयर Jerome Powell ने अगली ब्याज दरों में कटौती को लेकर सावधानी बरतने को कहा है। इसमें बड़ा रोल लेबर मार्केट डेटा का होगा, जो 9 जनवरी को आएगा।
अगर यह डेटा कमजोर रहा तो मंदी या लिक्विडिटी की चिंता फिर जोर पकड़ सकती है। इससे डायरेक्टली रिस्क अपेटाइट पर असर पड़ेगा।
इस बीच, AI स्टॉक्स इक्विटीज में भरोसे का मुख्य सोर्स बने रहेंगे। आज मार्केट्स ने पॉजिटिव रेस्पॉन्स दिया, लेकिन AI लीडरशिप पर प्रेशर पहले से ज्यादा है।
अब ट्रेडर्स यह डिमांड कर सकते हैं कि बड़ी AI इन्वेस्टमेंट्स असल में प्रॉफिट ला सकती हैं, इसका और क्लियर सबूत मिले। चंद मेगा-कैप स्टॉक्स में सीमित लीडरशिप से यह फिकर भी है कि बाज़ार में वाइडर इक्विटी पार्टिसिपेशन कमजोर है।
अगर कुछ AI कंपनियों का प्रदर्शन बिगड़ता है, तो ओवरऑल रिस्क सेंटिमेंट भी जल्दी नेगेटिव हो सकता है।