AI बूम ने टेक दिग्गजों को सितंबर तक रिकॉर्ड $845 बिलियन जोड़ने में मदद की, जैसा कि Bloomberg Billionaires Index दिखाता है। वहीं, टेक के बाहर के अरबपतियों ने इसी दौरान कुल $62 बिलियन गंवाए।
यह अंतर निवेशकों के लिए एक रोडमैप जैसा दिखता है, लेकिन ये आंकड़े दौलत को मापते हैं, न कि शेयर रिटर्न को। इस दौलत का कुछ हिस्सा प्राइवेट AI डेवलपर्स जैसे Anthropic से आता है, जिसमें रिटेल निवेशक निवेश नहीं कर सकते।
टेक दिग्गजों की कमाई आखिर जाती कहां है?
Bloomberg न्यूज़ की वेल्थ रिपोर्टर Dylan Sloan ने बताया कि दुनिया के 500 सबसे अमीर लोगों में से करीब 100 की दौलत टेक्नोलॉजी से जुड़ी है।
Sloan ने ताइवान की King Slide का उदाहरण दिया, जिसने 1980 के दशक में ड्रॉअर स्लाइड बनाना शुरू किया था। अब इसके स्लाइड्स डेटा सेंटर सर्वर रैक्स में लगते हैं और कंपनी के संस्थापक की एंट्री इंडेक्स में $9.5 बिलियन पर हुई है।
हालांकि, सितंबर 10 के बाद से पहली बार ऐसा हुआ है कि टॉप 10 रैंक में सभी अमेरिकन हैं, जबसे Bloomberg ने 2012 में ट्रैकिंग शुरू की थी।
फिर भी Sloan का कहना है कि अब नए नाम चाइना से आ रहे हैं, जिनमें DeepSeek और MiniMax जैसे AI लैब्स के फाउंडर्स शामिल हैं।
क्या अरबपतियों की कमाई से निवेशकों को भी रिटर्न मिलता है?
Bloomberg प्राइवेट हिस्सेदारी को पब्लिक वैल्यू की तरह गिनता है, कुछ पर लिक्विडिटी डिस्काउंट के साथ। इसी तरह, Anthropic की वैल्यू $965 बिलियन होने के बाद जून में कंपनी के सारे 7 को-फाउंडर्स को जोड़ा गया।
S&P Global की रिसर्च के अनुसार, 2025 के मध्य तक S&P 500 की 10 सबसे बड़ी कंपनियों के पास इंडेक्स का लगभग 40% हिस्सा था। इतनी हाई कंसंट्रेशन पिछली बार 1960 के दशक के मध्य में दिखी थी। स्टैंडर्ड S&P 500 इंडेक्स फंड उन्हीं वेट्स को फॉलो करते हैं।
इतिहास देखें तो साइज कभी भी गेन की गारंटी नहीं है। उसी रिपोर्ट में पाया गया कि 1965 में जो टॉप 10 थी, वो अगले 60 सालों में अच्छा परफॉर्म नहीं कर सकी। हालांकि, S&P 500 ने इसी अवधि में, डिविडेंड्स को छोड़ दें तो, औसतन 7.4% प्रति वर्ष ग्रोथ दी।
इस बीच, Lone Pine Capital के फ्लैगशिप हेज फंड ने जून तक के 44% गेन को लगभग खो दिया जब AI दांव घूम गए।
अलग से, Bridgewater Associates के फाउंडर Ray Dalio ने पिछले सप्ताह AI bubble की चेतावनी दी थी। उन्होंने इसे AI कर्ज़ और बढ़ती ब्याज दरों से जोड़ा है।
यह रैंकिंग उन दौलतों को दिखाती है जो पहले ही बन चुकी हैं, न कि आगे मिलने वाले रिटर्न को। इंडेक्स होल्डर्स के लिए सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या सबसे बड़ी AI-लिंक्ड कंपनियां S&P 500 को आगे भी संभाले रखेंगी?









