US Treasury के Office of Foreign Assets Control (OFAC) ने 3 लोगों और 2 चैरिटीज़ पर प्रतिबंध लगाए हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने $2 मिलियन क्रिप्टो और फर्जी चैरिटीज़ के जरिए Hamas को ट्रांसफर किए।
इन चैरिटीज़ के नाम Association Baraka और Ensemble C Mieux हैं। तीनों व्यक्तियों के नाम निम्न हैं:
- Saleem al-Zaq (Hamas के मिलिट्री विंग का सदस्य)
- Faouzi Barika और Amel Oualid (फ्रांस में स्थित फंडरेज़र्स)
Justice Department (DOJ) ने भी al-Zaq के खिलाफ चार्ज उजागर किए हैं और 6 गिरफ्तारियों का ऐलान किया है।
फ्रांस में चैरिटी अपील्स, Gaza में क्रिप्टो ट्रांसफर
Treasury के अनुसार Saleem al-Zaq गाजा स्थित Hamas के आर्म्ड विंग का बटालियन डिप्टी है। उसके नेटवर्क ने पैसे ट्रांसफर करने के लिए मनी सर्विसेज़ बिज़नेस और क्रिप्टो वॉलेट्स का इस्तेमाल किया, जिससे फंड Al-Qassam Brigades तक पहुंचे।
Barika और Oualid ही ये दोनों चैरिटीज़ चलाते हैं, जिनका दावा था कि वे Gaza के आम नागरिकों के लिए मदद जुटा रहे हैं। Treasury का कहना है कि इन्होंने पैसा al-Zaq को ट्रांसफर किया, जिसने यह रकम Hamas को भेज दी।
Treasury ने नहीं बताया कि कुल कितनी रकम क्रिप्टो में ट्रांसफर हुई। Treasury के मुताबिक Barika और Oualid ने al-Zaq को सैकड़ों हजारों $ डिजिटल एसेट्स में भेजे। OFAC की लिस्ट में कोई वॉलेट एड्रेस नहीं दिया गया है।
रिपोर्ट में इस स्कीम को विस्तार से समझाया गया है।
“ये नामजदगी एक परिष्कृत, कई साल पुरानी फाइनेंसिंग आर्किटेक्चर को उजागर करती है, जिसमें $2 मिलियन से ज्यादा रकम Hamas तक फर्जी चैरिटेबल फ्रंट्स और क्रिप्टोकरेंसी चैनल्स के जरिए ट्रांसफर की गई। इससे साफ है कि यह संगठन लगातार अपने फंडिंग तरीके बदलता रहता है ताकि पकड़ में न आए,” रिपोर्ट में कहा गया।
OFAC इससे पहले भी गाजा स्थित क्रिप्टो एक्सचेंज Buy Cash को अक्टूबर 2023 में सैंक्शन कर चुका है।
यह कथित फंडिंग नेटवर्क कैसे काम करता था?
US Prosecutors और Treasury के अनुसार, यह कथित योजना मोटे तौर पर ऐसे चलती थी:
- फ्रांस में डोनेशन इकट्ठा किए गए थे। Barika और Oualid पर आरोप है कि उन्होंने चैरिटी के जरिए पैसे जुटाए, जो खुद को Gaza में नागरिकों की मदद करने वाला बताते थे।
- पैसे पारंपरिक बैंकिंग से इकट्ठे हुए। Chainalysis के मुताबिक, कुछ पैसे एक फ्रेंच बैंक अकाउंट में जमा किए गए थे और फिर आगे ट्रांसफर किए गए।
- Al-Zaq ने कथित तौर पर क्रिप्टो मांगा। Prosecutors का कहना है कि उन्हें शुरुआत में Western Union के जरिए पैसे मिले थे। दिसंबर 2021 में, उन्होंने फ्रांस में रहने वाले एक पार्टनर से Bitcoin या कोई और डिजिटल करेंसी भेजने के लिए कहा।
- पैसों की ट्रांसफर को छुपाना उद्देश्य था। अभियोग के अनुसार, al-Zaq को लगता था कि क्रिप्टो की मदद से पैसों का स्त्रोत और उनका गंतव्य छुपाया जा सकता है।
- फंड्स को क्रिप्टो में बदलकर आगे भेजा गया। Treasury के अनुसार, Barika और Oualid ने सैकड़ों हज़ार डॉलर डिजिटल एसेट्स में al-Zaq को ट्रांसफर किए।
- नेटवर्क ने सवाल पूछे जाने पर एक्सचेंज बदल दिया। मई 2023 में जब एक क्रिप्टो प्लेटफॉर्म ने पैसों के स्रोत के बारे में पूछा, तो पार्टनर ने दूसरी एक्सचेंज पर ट्रांसफर कर दिया।
- Blockchain जांचकर्ताओं ने कनेक्शन ट्रेस किए। Chainalysis ने एक ऐसे काउंटरपार्टी को पहचान की, जिसका लिंक al-Zaq के एक्सचेंज डिपॉजिट एड्रेस से था। इसी काउंटरपार्टी ने उन एक्सचेंज एड्रेस को फंड भेजे, जिन्हें पहले Israeli सीज़र ऑर्डर के जरिए टारगेट किए Hamas वॉलेट्स से फंड मिला था।
प्रोसिक्यूटर का कहना है कि al-Zaq और उनके साथियों ने दिसंबर 2025 तक लगभग $1.75 मिलियन जुटाए, जिसमें कम-से-कम $626,000 US डोनर्स से आए थे। Treasury के अनुसार, ये बड़ा फाइनेंसिंग नेटवर्क Hamas को $2 मिलियन से ज्यादा ट्रांसफर कर चुका है।









