Bill Dudley, जो कि New York के Federal Reserve Bank के पूर्व प्रेसिडेंट हैं, का कहना है कि US का stock market अभी bubble के दौर में है। इसकी वजह stretched valuations और धीमी हो रही artificial intelligence (AI) इन्वेस्टमेंट cycle है।
Dudley ने ये बातें इस हफ्ते Bloomberg Television पर कही हैं, जब Treasury Secretary Scott Bessent लॉन्ग-टर्म बॉन्ड यील्ड्स में तेजी को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं।
स्टेंड वैल्यूएशन्स से bubble का खतरा बढ़ा
Dudley ने Shiller CAPE ratio (Shiller cyclically adjusted price-to-earnings या CAPE ratio) के बारे में बताया, जो अभी करीब 41 है। इसकी तुलना में पिछले 25 से 30 साल का औसत लगभग 17 रहा है और दिसंबर 1999 में इसका रिकॉर्ड 44 था। आसान भाषा में कहें तो इन्वेस्टर्स एक डॉलर के company earnings के लिए इतिहास के मुकाबले काफी ज्यादा पैसे चुका रहे हैं, जो सुरक्षित नहीं माना जाता।
उन्होंने Buffett Indicator का जिक्र भी किया, जो stock market value और GDP के ratio को दिखाता है। ये अभी लगभग 240% पर है। Warren Buffett के मुताबिक 100% से ऊपर readings मार्केट के overvalued होने का संकेत देती है। ये इंडिकेटर अभी साफ तौर पर यह बता रहा है कि stock market बहुत ज्यादा overvalued है।
AI में खर्च कम होने की आशंका
Dudley का मानना है कि AI hyperscalers यानी बड़ी cloud कंपनियों का capital expenditure (capex) growth 2027 तक धीमा हो सकता है। इससे पूरे सेक्टर और सप्लायर्स के profit margin पर दबाव पड़ेगा।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इंडस्ट्री वाकई $2 ट्रिलियन की estimated revenue जेनरेट कर सकती है, जिससे अभी के इन्वेस्टमेंट लेवल को सही ठहराया जा सके। Dudley ने कहा कि इतिहास में देखा गया है, बड़ी टेक्नोलॉजी booms से मिले एक्स्ट्रा रिटर्न अक्सर competition बढ़ने से कम हो जाते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Broadcom करीब $100 बिलियन का चिप फाइनेंसिंग पैकेज negotiate कर रही है। ये डील Anthropic के IPO प्लान्स को सपोर्ट करेगी। ये AI फर्म अक्टूबर में ही स्टॉक मार्केट में डेब्यू करने की तैयारी में है।
Treasury की चाल से दबाव और बढ़ा
इस हफ्ते 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.3% से ऊपर पहुंच गई, जो 2007 के बाद से अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने लॉन्ग-बॉन्ड बायबैक बढ़ाकर अपने कर्ज की पुनर्खरीद (डेट रीपर्चेज) का आकार दोगुना कर दिया।
हालांकि, Dudley ने कहा कि फिस्कल स्थिति फेडरल रिजर्व के लिए काम को और मुश्किल बना देती है, चाहे बॉन्ड-मार्केट में कोई भी दखल क्यों न हो।
“Fed को दुनिया जैसी है, वैसी ही लेनी होगी।”
— Bill Dudley, Bloomberg
आने वाले महीनों में यह साफ हो सकता है कि AI capex ग्रोथ इतनी तेज़ी से घटती है या नहीं, जिससे मार्केट में ज्यादा कड़ी करेक्शन से बचा जा सके।









