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CERT-In ने चेताया, AI-पावर्ड हैकर ग्रुप India की क्रिप्टो और fintech कंपनियों पर हमला कर रहा है

  • CERT-In का कहना है, AI से लैस हैकर ग्रुप CRAFTY FALCON ने क्रिप्टो exchange वॉलेट keys चुराईं
  • इस ग्रुप ने उन firms को फिर से टारगेट किया जिन्होंने पहले भेजी गई प्राइवेट वार्निंग्स पर एक्शन लिया था
  • CERT-In ने कहा- हमले छुट्टियों और वीकेंड पर ज्यादा होते हैं, इस बार Diwali रविवार 8 नवंबर को

India की साइबर एजेंसी CERT-In ने बताया है कि एक AI-असिस्टेड हैकर ग्रुप ने क्रिप्टो exchanges से वॉलेट keys चोरी कर ली हैं। यही ग्रुप फिनटेक पेमेंट सिस्टम्स के जरिए अनऑथराइज्ड ट्रांसफर भी करा रहा है।

CERT-In ने 4 नवंबर को जारी अपनी चेतावनी को Critical रेट किया और इस एक्टर्स को CRAFTY FALCON नाम दिया। एजेंसी के मुताबिक, फाइनेंशियल कंपनियां लगातार इन successful अटैक्स की रिपोर्ट दे रही हैं।

CRAFTY FALCON कैसे कंपनियों की खुद की सिस्टम्स उनके खिलाफ कर देता है इस्तेमाल

CSIRT-Fin, CERT-In की फाइनेंस यूनिट, ने बताया कि यह ग्रुप विक्टिम्स के खुद के पेमेंट एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेसेज (APIs) का इस्तेमाल करके पैसा मूव करता है।

बड़ी ट्रांसफर से पहले, अटैकर्स छोटे-छोटे टेस्ट पेमेंट्स भेजते हैं, जैसे ₹1, ताकि रूट सही से काम कर रहा है या नहीं, यह चेक किया जा सके। क्रिप्टो exchanges और virtual digital asset सर्विस प्रोवाइडर्स भी इनके टारगेट लिस्ट में हैं।

एडवाइजरी के मुताबिक, अटैकर्स ने इन प्लेटफॉर्म्स से वॉलेट keys चोरी की और उनके क्रिप्टो वॉलेट्स से फंड्स निकाल लिए। हालांकि, CERT-In ने किसी भी प्रभावित कंपनी का नाम या कितना नुकसान हुआ, यह नहीं बताया है।

एजेंसी ने पब्लिकली मौजूद AI tools की पहचान की, जैसे PentAGI और CyberStrikeAI। इन टूल्स से फुल अटैक चेन अपने आप रन होती है और टारगेट के जवाब के हिसाब से पेलोड्स बदल जाते हैं।

इसके अलावा, अटैकर्स ने कुछ नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFCs) और फिनटेक्स को दोबारा निशाना बनाया, जिन्होंने पहले ही चेतावनी पर कदम उठाए थे। ये हमले खासकर छुट्टियों या वीकेंड्स पर किए जाते हैं, जब कम स्टाफ सिस्टम को मॉनिटर करता है।

CERT-In ने दिवाली का नाम नहीं लिया है। हालांकि, यह त्योहार रविवार, 8 नवंबर को है, यानी छुट्टी और वीकेंड दोनों। एजेंसी चाहती है कि कंपनियां ऐसी सिचुएशन में स्टाफ बढ़ाएं और अलर्ट थ्रेशोल्ड कम रखें।

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जब किसी एक्सचेंज वॉलेट से फंड्स गायब हो जाएं, तो नुकसान कौन उठाता है?

पब्लिक एडवाइजरी में नुकसान की राशि नहीं बताई गई है, लेकिन पुराने एक्सचेंज ब्रेक में देखा गया है कि ऐसा नुकसान कैसे हैंडल किया जाता है।

जुलाई 2024 में, हैकर्स ने Indian एक्सचेंज WazirX से $230 मिलियन से ज्यादा चुरा लिए थे। इसके बाद एक्सचेंज ने अक्टूबर 2025 में Singapore कोर्ट-प्रूव्ड restructuring के तहत दोबारा शुरुआत की। योग्य यूज़र्स को अपने अप्रोव्डक्लेम्स का लगभग 85% मिला।

इसके मुकाबले, Binance ने कहा कि उसने 29 अक्टूबर को हुई $6.3 बिलियन कीलॉस का लगभग 95% अपने रिजर्व्स से कवर किया।

CERT-In ने क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स को वॉलेट keys को hardware security module या cold custody में स्टोर करने के लिए कहा है। इसके अलावा, क्रिप्टो विदड्रॉल्स के लिए multi-signature approval और सभी पेमेंट सिस्टम्स में नए beneficiaries के लिए cooling period लागू करने की सलाह दी है।

Multi-signature approval और cooling period से पैसे के ट्रांसफर से पहले एक्स्ट्रा check लग जाता है, जिससे कुछ withdrawals और payouts में देरी हो सकती है।

CERT-In ने अपने पूरे indicators of compromise सिर्फ financial firms के साथ शेयर किए हैं, वो भी advisory के restricted वर्शन में। अफेक्टेड lenders या exchanges की disclosures से पता चलेगा कि CRAFTY FALCON ने कितना पैसा लिया है।

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