CrowdStrike ने बताया है कि पिछले साल China-nexus adversaries ने टेक्नोलॉजी सेक्टर पर अन्य किसी भी इंडस्ट्री से ज्यादा अटैक किया, जिसमें उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताएं और इन्टेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) चुराई। बीजिंग अपनी तरफ से इन्हें उतनी तेज़ी से नहीं बना सकता।
इस साइबरसिक्योरिटी फर्म ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक की एक्टिविटी को ट्रैक किया और इसे बीजिंग की टेक्नोलॉजिकल आत्मनिर्भरता और 2030 तक ग्लोबल AI लीडर बनने के घोषित मकसद से जोड़ा है।
चाइना टेक्नोलॉजी सेक्टर को क्यों टारगेट करता है
टेक्नोलॉजी कंपनियों में अभी सबसे वैल्यूएबल AI डेवेलपमेंट हो रहा है। इस वजह से यह सेक्टर अटैकर्स की टॉप टारगेट लिस्ट में है। CrowdStrike ने चीन-नैक्सस ग्रुप्स के द्वारा टेक्नोलॉजी सेक्टर पर हुए 58% से ज्यादा स्टेट स्पॉन्सर्ड टारगेटेड इंट्रूजन्स की पुष्टि की है।
AI capabilities, इंटेलिजेंस कलेक्शन के लिए सबसे ज्यादा वैल्यूएबल टारगेट है। बीजिंग इन क्षमताओं का इस्तेमाल मिलिट्री मॉडर्नाइजेशन, इकनॉमिक ग्रोथ और इंटेलिजेंस गैदरिंग के लिए कर सकता है।
“टेक्नोलॉजी एंटिटीज़ आम तौर पर China-nexus adversaries के लिए एक स्ट्रेटेजिक टारगेट होती हैं, क्योंकि इन तक पहुंचने से हाई-वैल्यू इंटेलिजेंस कलेक्शन और डाउनस्ट्रीम कस्टमर एनवायरनमेंट का एक्सेस मिल जाता है, जिससे सप्लाई चेन में भी संभावित कंप्रोमाइज किया जा सकता है,” रिपोर्ट में कहा गया।
कई नामी ग्रुप्स ने इन कैंपेन को अंजाम दिया, जैसे MURKY PANDA, MUSTANG PANDA, OVERCAST PANDA, SUNRISE PANDA और WARP PANDA। सिर्फ MURKY PANDA की पासवर्ड-स्प्रेइंग ऑपरेशन से 340 से ज्यादा US-based कंपनियां प्रभावित हुईं।
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AI रेस जो जासूसी को बढ़ावा दे रही है
CrowdStrike का कहना है कि यह जासूसी इंडस्ट्रियल पॉलिसी का हिस्सा है, जिसका मकसद चीन के AI इनोवेशन गैप को कम करना है। CrowdStrike में काउंटर-एडवर्सरी ऑपरेशन्स के हेड Adam Meyers ने समझाया कि AI क्षमता में हर नई छलांग डेवेलपर को एडवांटेज देती है, और इंटरूडर के लिए एक नया रास्ता खोल देती है।
“China साइबर जासूसी को एक इंडस्ट्रियल पॉलिसी की तरह चलाता है ताकि AI इनोवेशन गैप को कम किया जा सके। यह दिखाता है कि AI कैपेबिलिटीज़ असली इनाम हैं, जिन्हें विरोधी पाना चाहते हैं। चाहे आप AI बना रहे हों या उसका एडॉप्शन कर रहे हों, सिक्योरिटी शुरुआत से ही इंटीग्रेट करनी चाहिए,” Meyers ने कहा।
फर्म का मानना है कि China कम से कम अगले 12 महीनों तक टेक्नोलॉजी से जुड़ी एंटिटीज़ को प्राथमिकता देता रहेगा। कंपनी ने US-China डिकप्लिंग, सैंक्शंस लागू करने और इकनॉमिक स्पायिंग को इसके मुख्य कारण बताया है।
इन नतीजों ने US की AI लीडरशिप पर चल रही डिबेट को और तेज कर दिया है। Anthropic ने कहा है कि Washington चिप की तस्करी, ऑफशोर डेटा सेंटर्स और मॉडल डिस्टिलेशन पर रोक लगाकर China पर 12 से 24 महीने की बढ़त बना सकता है।
इसी वजह से आने वाला साल यह टेस्ट करेगा कि एक्सपोर्ट कंट्रोल्स और सिक्योरिटी निवेश उस बढ़त को बचा सकते हैं या नहीं, खासकर जब विरोधी खुद AI टूल्स को निशाना बना रहे हैं।
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