Coinbase और ग्लोबल पेमेंट्स फर्म Nium ने एक स्टेबलकॉइन इंटीग्रेशन लॉन्च किया है, जिससे USD Coin (USDC) पेमेंट्स और फिएट पेआउट्स 190 से ज्यादा देशों में मुमकिन हो गए हैं।
Coinbase के CEO Brian Armstrong ने X (Twitter) पर इस पार्टनरशिप की घोषणा करते हुए इसे स्लो कोरेस्पॉन्डेंट बैंकिंग की जगह स्टेबलकॉइन सेटलमेंट की दिशा में एक कदम बताया। ये इंटीग्रेशन Nium के बैंकिंग, फिनटेक और एंटरप्राइज क्लाइंट्स के लिए लाइव हो चुका है।
Nium इंटीग्रेशन कैसे काम करता है
इस डील के तहत, Coinbase स्टेबलकॉइन लिक्विडिटी, वॉलेट सर्विसेज और रेग्युलेटेड कस्टडी की जिम्मेदारी निभाएगा। क्लाइंट्स क्रॉस-बॉर्डर ट्रांसफर को USDC में फंड कर सकते हैं और सेटलमेंट USDC या लोकल फिएट करेंसी में ले सकते हैं।
इस व्यवस्था में प्रीफंडेड अकाउंट्स की जरूरत नहीं रहती है। कंपनियों ने बताया कि स्टेबलकॉइन जस्ट-इन-टाइम लिक्विडिटी की तरह काम करता है, यानी जब पेआउट सेटल होता है तभी लोकल करंसी में कन्वर्ट होता है।
ये सेटअप कार्ड प्रोग्राम्स को भी कवर करता है। जो बिज़नेस USDC बैलेंस होल्ड करते हैं, वे स्टेबलकॉइन-बैक्ड कार्ड्स के जरिए दुनिया भर के करोड़ों मर्चेंट्स पर पेमेंट कर सकते हैं।
Nium ग्लोबली 40 से ज्यादा लाइसेंस के तहत काम करता है और हर साल करीब $8 बिलियन का पेमेंट वॉल्यूम प्रोसेस करता है। इसके इंस्टीट्यूशनल क्लाइंट्स में Travelex, Deel, Ebury और Bank BRI शामिल हैं।
“पैसे के मूवमेंट का भविष्य मल्टी-रेल है। फिएट और ऑनचेन इन्फ्रास्ट्रक्चर अब एक साथ काम करेंगे, अलग नहीं।”
Nium के CEO Prajit Nanu ने ये बयान जॉइंट अनाउंसमेंट में दिए।
स्टेबलकॉइन अब मेनस्ट्रीम पेमेंट्स में और गहराई तक
ये डील ऐसे वक्त पर आई है जब USDC जारी करने वाली कंपनी Circle बैंक और पेमेंट प्रोसेसर्स के साथ स्टेबलकॉइन इन्फ्रास्ट्रक्चर को एक्सपैंड करने की कोशिश कर रही है। Circle ने अप्रैल की शुरुआत में अपना Circle Payments Network लॉन्च किया, जो इंस्टिट्यूशन को डिजिटल असेट्स हैंडल किए बिना USDC क्रॉस-बॉर्डर ट्रांसफर करने देता है।
अप्रैल 2026 में USDC की सर्क्युलेटिंग सप्लाई करीब $70 बिलियन के आसपास है, जिससे यह मार्केट वैल्यू के हिसाब से दूसरी सबसे बड़ी स्टेबलकॉइन है। B2B स्टेबलकॉइन वॉल्यूम्स जनवरी 2023 में हर महीने $100 मिलियन से कम थे जो 2025 के बीच में करीब $3 बिलियन तक पहुंच गए हैं।
Nium के साथ यह पार्टनरशिप Coinbase की पहली Stripe डील के बाद ग्लोबल पहुंच को और आगे बढ़ाती है, जिसमें USDC को चेकआउट फ्लो में इंटीग्रेट किया गया था। शुरुआती 2026 तक स्टेबलकॉइन ट्रांसफर वॉल्यूम ACH नेटवर्क को भी पीछे छोड़ चुकी थी।
अब देखना होगा कि Nium के इंस्टीट्यूशनल क्लाइंट्स USDC को कितना एडॉप्ट करते हैं, और क्या USDC वॉल्यूम इस प्लेटफॉर्म के जरिए वायऱ ट्रांसफर और SWIFT पर डिपेंडेंसी को कम कर पाएगा।





