अधिकतर लोगों को रोज़ाना क्रिप्टोकरेन्सी ट्रेड करने की जरूरत नहीं होती। लेकिन उन्हें रोजमर्रा की चीज़ों के लिए पेमेंट करनी पड़ती है। यही आसान सा फर्क तय कर सकता है कि क्रिप्टो का रोज़मर्रा की फाइनेंशियल सर्विस बनने का सपना पूरा होगा या नहीं।
TOKEN2049 Singapore पर, ChangeNOW द्वारा आयोजित चार पैनल डिस्कशन में MetaMask, Trezor, WalletConnect और अन्य इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने चर्चा की कि क्रिप्टो कैसे मेनस्ट्रीम यूज़र्स तक पहुंच सकता है।
इन डिस्कशन में एक सामान्य चुनौती सामने आई: क्रिप्टो कंपनियां लगातार नए फीचर्स जोड़ रही हैं, लेकिन रोज़ाना एडॉप्शन अब भी मुश्किल है।
क्यों पेमेंट्स हो सकता है क्रिप्टो का मिसिंग पीस?
सुपर ऐप्स पैनल में Rubic की को-फाउंडर Aleksandra Korneva ने एक बेसिक समस्या सामने रखी। जो लोग कभी-कभार क्रिप्टोकरेन्सी एक्सचेंज करते हैं, उनके पास हर दिन ऐप पर आने का बहुत खास कारण नहीं होता।
लेकिन पेमेंट्स इस व्यवहार को बदल सकते हैं।
Pulsar Money के CEO Alex Radu ने बताया कि पेमेंट्स और ट्रेडिंग ऐसे आधार हो सकते हैं जिन पर मल्टीपल फाइनेंशियल सर्विस को जोड़ने वाले ऐप्स बन सकते हैं।
“यूज़र्स बस सेफ, सिक्योर और सस्ते तरीके से ट्रांजैक्शन करना चाहते हैं।”
CoinRoutes की Michelle Herman ने सवाल उठाया कि क्या सबकुछ एक ही प्लेटफॉर्म में जोड़ना जरूरी है? स्पेशलाइज्ड सर्विसेज़ ज़्यादा अच्छा एक्सीक्यूशन और बेहतर कस्टमर इंफॉर्मेशन प्रोटेक्शन दे सकती हैं।
इस डिबेट ने ये अहम सवाल उठाया: एक फाइनेंशियल ऐप को वाकई में कितनी फंक्शनैलिटी की जरूरत होती है, जिससे वह यूजफुल बने?
क्रिप्टो वॉलेट्स हो रहे हैं स्मार्ट, लेकिन सिक्योरिटी का क्या?
वॉलेट्स पर डिस्कशन में एक और चैलेंज सामने आया: आम यूजर्स के लिए क्रिप्टो ट्रांजैक्शन को बहुत आसान कैसे बनाया जाए।
ब्लॉकचेन नेटवर्क्स के बीच फंड ट्रांसफर करने में गैस फीस को मैनेज करना और कई स्टेप्स को निपटाना पड़ता है।
ChangeNOW की Yana ने कहा कि इसमें से ज्यादातर जटिलता खत्म होनी चाहिए।
“यूज़र को गैस के बारे में सोचना ही नहीं चाहिए।”
MetaMask के रिप्रेजेंटेटिव ने बताया कि भविष्य में AI एजेंट्स यूजर्स की तरफ से ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।
Trezor के सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट लीड Denis ने बताया कि हार्डवेयर वॉलेट्स एजेंट-इनिशिएटेड एक्शन्स की अप्रूवल कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने चेतावनी भी दी कि इंटरफेस को बहुत सिंपल बनाते वक्त जरूरी ट्रांजैक्शन जानकारी नहीं हटनी चाहिए।
फाइनेंशियल प्राइवेसी तय करेगा कि आखिर क्रिप्टो का इस्तेमाल कौन करेगा
इन्फ्रास्ट्रक्चर पैनल ने चर्चा को असल एडॉप्शन के करीब लाकर रखा।
WalletConnect की Diana Alexandrova का मानना है कि कंज्यूमर्स को पेमेंट्स करने के लिए ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी समझने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
“उन्हें क्रिप्टोग्राफर्स होने की जरूरत नहीं है।”
Aztec Labs ने एक अलग चिंता उजागर की। बिजनेस सही तरह से काम नहीं कर सकते अगर सेंसेटिव पेमेंट्स जैसे कि एम्प्लॉयी सैलरीज पब्लिकली विज़िबल हों।
इस बीच, Banxa ने इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स के बीच कोऑपरेशन पर जोर दिया, जबकि RocketX ने एक ही इंटरफेस में लिक्विडिटी सोर्सेज़ को कंबाइन करने की बात की।
बेहतर क्रिप्टो ऐप्स को भी यूज़र्स की ज़रूरत है
फाइनल डिसकशन में एक और उभरती हुई चुनौती पर बात हुई: जैसे-जैसे AI इंटरनेट सर्च बदल रहा है, लोग क्रिप्टो प्रोडक्ट्स को कैसे ढूंढते हैं।
मीडिया पार्टिसिपेंट्स ने बताया कि पारंपरिक सर्च ट्रैफिक कम भरोसेमंद होने के कारण वे इंटरव्यूज, पॉडकास्ट्स और डायरेक्ट ऑडियंस रिलेशनशिप्स पर फोकस कर रहे हैं।
CoinEasy ने एक अलग एक्सपीरियंस बताया। उसकी मजबूत कोरियन कम्युनिटी और देश में अपनी सर्च प्रेजेंस ने इस बदलाव के असर को सीमित कर दिया।
इन चारों डिसकशंस में एक बड़ा पिक्चर उभरकर सामने आया। पेमेंट्स, कंज्यूमर्स को रेगुलरली क्रिप्टो यूज़ करने का एक बड़ा कारण दे सकते हैं।
यह तभी मुमकिन होगा जब इंडस्ट्री वही कंवीनियंस, रिलायबिलिटी और प्राइवेसी दे पाए, जिसकी उम्मीद लोग ट्रेडिशनल फाइनेंशियल सर्विसेज़ से करते हैं।











