क्रिप्टो ट्रेडर्स अब रिटर्न के लिए क्रिप्टो के बाहर भी ऑप्शन देख रहे हैं, लेकिन वे अभी भी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स के अंदर ही रहना पसंद करते हैं।
इसी गैप की वजह से ज़्यादातर exchanges टोकनाइज्ड ग्लोबल इक्विटीज की तरफ बढ़ रहे हैं। Zoomex उनमें से एक है। इसका ZoomexStocks प्रोडक्ट यूज़र्स को मेजर स्टॉक्स और इंडिसिस में ट्रेडिंग करने का मौका देता है, वो भी फंड्स को क्रिप्टो एक्सचेंज environment से बाहर भेजे बिना।
हाल ही में BeInCrypto Podcast के एक एपिसोड में, Zoomex के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर Fernando Lillo Aranda ने बताया कि यह मूवमेंट दिखाता है कि ट्रेडर्स स्लो और रेंज-बाउंड मार्केट में कैसे बिहेव कर रहे हैं। क्रिप्टो अभी भी प्लेटफॉर्म का कोर मार्केट है, लेकिन जब वोलैटिलिटी कम हो जाती है तो ट्रेडर्स अपना कैपिटल घुमाने के लिए और ऑप्शन्स देख रहे हैं।
असली टेस्ट है कि क्या प्लेटफॉर्म टिकता है?
डेरिवेटिव एक्सचेंजेस के लिए स्पीड हमेशा से एक मेन सेलिंग पॉइंट रही है। प्लेटफॉर्म्स लेटेंसी, मैचिंग इंजन और एक्जीक्यूशन टाइम्स पर कंपिट करते हैं।
Aranda का कहना है कि ये बड़ा मुद्दा नहीं है। स्पीड तभी मायने रखती है जब प्लेटफॉर्म उस समय भी सही चले जब ट्रेडर्स को सबसे ज़्यादा ज़रूरत हो।
“जब हम ‘speed you can trust’ की बात करते हैं, तो हमारा मतलब सिर्फ़ ऑर्डर को मैच करने से नहीं है, बल्कि ट्रेडर की पूरी ट्रेडिंग experience से है,” Aranda ने बताया। “यह सिर्फ़ ऑर्डर मैचिंग नहीं है, बल्कि ज्यादा ज़रूरी है कि हमारा इंजन, हमारी इंफ्रास्ट्रक्चर कैसे ऑर्डर के लॉन्च होते ही सबकुछ सही तरीके से कर देता है।”
यह चिंता तब ज़्यादा बढ़ जाती है जब मार्केट में अचानक मूवमेंट आ जाए। ट्रेडर्स नार्मल कंडीशन में लो लेटेंसी की परवाह करते हैं, लेकिन बड़ी गिरावट या क्रैश में असली टेस्ट होता है कि ऑर्डर बुक्स, इंजन और एक्जीक्यूशन सिस्टम्स स्ट्रेस को हैंडल कर सकते हैं या नहीं।
Aranda ने पिछले साल अक्टूबर के क्रैश का उदाहरण दिया।
“हमने अक्टूबर में देखा कि इस क्रैश के वक्त कई सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजेज ऑर्डर मैचिंग में दिक्कतें फेस कर रहे थे… Zoomex में हमारी तरफ़ से, हमें ऐसा कोई इश्यू नहीं आया, और यही हमारा गोल है — उनके लिए सॉलिड इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना।”
ऑर्डर बुक्स क्यों मिसलीड कर सकती हैं?
Aranda ने चेतावनी दी कि ट्रेडर्स अक्सर एक्सचेंज जज करने में गलत सिग्नल्स देख लेते हैं।
ऑर्डर बुक डेप्थ देखने में सही लग सकती है। पर असली सवाल है – क्या वही लिक्विडिटी मार्केट मूव होने पर भी एक्जीक्यूटेबल है?
अगर ट्रेडर अपनी पोजिशन प्राइस पर एंटर या एग्जिट नहीं कर पाता, तो स्क्रीन के नंबर ज़्यादा काम के नहीं रह जाते।
यही वो जगह है जहाँ ट्रस्ट, प्रोडक्ट का पार्ट बन जाता है। Aranda का कहना है कि ट्रेडर्स को ये विश्वास होना चाहिए कि एक्सचेंज ऑर्डर सही तरीके से प्रोसेस कर सके, और प्लेटफॉर्म उनके खिलाफ नहीं है।
ZoomexStocks भी इसी कंपनी की वाइडर स्ट्रेटेजी में फिट बैठता है। यह प्रोडक्ट क्रिप्टो ट्रेडर्स को ट्रेडिशनल मार्केट एक्सपोजर देने का तरीका देता है, वो भी प्लेटफॉर्म से बाहर जाए बिना।
“मैं Zoomex स्टॉक या TradFi को ऐसे नहीं देखता जैसे हम क्रिप्टो से दूर जाने की कोशिश कर रहे हैं,” Aranda ने कहा। “हम Zoomex में यह देख पा रहे हैं कि ट्रेडर्स मौके तलाश रहे हैं। और अभी जो मौके हम देख पा रहे हैं, वो क्रिप्टो मार्केट में भी हैं और ट्रेडिशनल मार्केट्स में भी। और ट्रेडर ऐसी प्लेटफॉर्म चाहता है जो सबकुछ सिंपल तरीके से दे सके, ताकि आपको अपने फंड एक क्रिप्टो प्लेटफार्म से दूसरे में ट्रांसफर करने की जरूरत न पड़े।”
ऑल-इन-वन एक्सचेंज की रणनीति
यह आइडिया एक्सचेंज डिजाइन में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है। क्रिप्टो प्लेटफॉर्म अब सिर्फ कॉइन लिस्टिंग या लीवरेज पर ही प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहे हैं। वे अब खुद को एक बड़ा ट्रेडिंग हब बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
जब उनसे पूछा गया कि अगर आज के मार्केट में उन्हें जीरो से एक्सचेंज बनाना हो, तो वो कैसे बनाएंगे, Aranda ने कहा कि वो कवरेज पर फोकस करेंगे। ट्रेडर्स चाहते हैं कि उन्हें एक ही जगह पर क्रिप्टो, ट्रेडिशनल मार्केट्स और नए टूल्स तक एक्सेस मिले।
“मैं ऐसी प्लेटफॉर्म बनाने की कोशिश करूंगा, जो ट्रेडर्स की अभी की ज्यादातर जरूरतों को पूरा करे,” Aranda ने कहा। “मैं क्रिप्टो ट्रेडर्स के लिए सर्विसेज कवर करूंगा, साथ ही ट्रेडिशनल मार्केट्स की भी, और नए टूल्स भी बनाऊंगा ताकि ट्रेडर्स ज्यादा प्रॉफिट कमा सकें।”
AI भी इसी पिक्चर का हिस्सा है, हालांकि Aranda के अनुसार, इसका मुख्य रोल डेटा एनालिसिस में है, ट्रेडर्स को रिप्लेस करने में नहीं।
अब का मार्केट जब मैक्रो शॉक्स, जियोपॉलिटिकल रिस्क और अचानक लिक्विडिटी चेंजेज से प्रभावित हो रहा है, तो बेहतर डेटा ट्रेडर्स के लिए रिस्क मैनेज करने का एक जरूरी टूल बन सकता है।
2026 के लिए उनका एडवाइस बड़ा सिंपल है। एक्सपोजर को डाइवर्सिफाई रखें और सिर्फ एक मार्केट पर निर्भर न रहें।
“आपको डाइवर्सिफाई करना जरूरी है… मैं ऐसे स्प्लिट करूंगा, तीस प्रतिशत, पच्चीस प्रतिशत अलग-अलग चीजों और TradFi में। आपको उस वेट पर स्मार्ट बनना पड़ेगा।”









