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EU ने VPNs को Age Verification में loophole मानकर निशाना बनाया: आगे क्या होगा

  • EU Commissioner Virkkunen ने कहा, VPN यूजर्स को age verification बायपास करने नहीं देना चाहिए
  • European Parliament की एक रिपोर्ट में VPNs को चाइल्ड-प्रोटेक्शन कानून में loophole बताया गया
  • EU का AMLR जुलाई 2027 से कैश लिमिट करेगा और privacy coins बैन करेगा

European Commission की Executive Vice President Henna Virkkunen का कहना है कि VPNs को यूज़र्स को EU के नए age verification सिस्टम को बायपास करने की इजाज़त नहीं देनी चाहिए। प्राइवेसी एडवोकेट्स चेतावनी देते हैं कि उनके इस बयान से IP-masking tools पर सख्ती का संकेत मिलता है।

European Parliament की एक रिसर्च ब्रीफिंग ने VPN यूज़ को चाइल्ड-प्रोटेक्शन रूल्स में loophole बताया है। आलोचकों का मानना है कि ये भाषा EU द्वारा anonymous digital activity के खिलाफ लिए जा रहे एक बड़े कदम का हिस्सा है।

EU VPNs को age verification loophole क्यों कहता है?

Virkkunen, जो Commission में टेक sovereignty, security और डेमोक्रेसी की देखरेख करती हैं, ने मई में ब्लॉक के age verification app को प्रेजेंट करते हुए ये बयान दिया था। उनके शब्द इस हफ्ते एक वायरल पोस्ट में खूब शेयर किए गए।

“VPN को सिस्टम को circumvent करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।”

Virkkunen ने ये कहा

Henna Virkkunen On VPN – Source: X

European Parliamentary Research Service ने जनवरी की एक ब्रीफिंग में इस चिंता को और मजबूती दी। डॉक्युमेंट के मुताबिक, मौजूदा age assurance उपाय – जिसमें verification और self-declaration शामिल हैं – नाबालिगों के लिए आसानी से बायपास किए जा सकते हैं।

ब्रीफिंग में एक बड़ा सवाल भी उठाया गया है। इसमें पूछा गया है कि क्या भविष्य में खुद VPN प्रोवाइडर्स को यूज़र्स की age verify करने की लीगल जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। ऐसा हुआ तो anonymity पर बनी इन सर्विसेज़ के लिए ये बहुत बड़ा बदलाव होगा।

रियल-वर्ल्ड डाटा भी इस bypassing के खतरे का समर्थन करता है। UK के Online Safety Act के जुलाई 2025 में लागू होने के बाद, एक VPN डिवेलपर ने एक महीने में 1,800% ज्यादा डाउनलोड्स की रिपोर्ट दी थी।

Commission ने VPN बैन की चर्चाओं को खारिज किया है। Virkkunen के ऑफिस ने बाद में किसी भी संभावित VPN crackdown से इनकार किया है, और कहा है कि टारगेट सिर्फ इन टूल्स को बैन करना नहीं, बल्कि safeguards को बायपास करना मुश्किल बनाना है।

क्रिप्टो रूल्स भी इसी पैटर्न को फॉलो कर रहे हैं

संशय बरकरार है क्योंकि EU कानून ने फाइनेंशियल प्राइवेसी को लेकर लगातार सख्ती बढ़ाई है। Anti-Money Laundering Regulation (AMLR), जिसमें अभी भी self-custody wallet exemptions हैं, $10,000 से ऊपर कैश पेमेंट और $1,000 से ऊपर के क्रिप्टो ट्रांसफ़र के लिए आईडेंटिटी चेक लाज़मी करता है।

इसी फ्रेमवर्क के चलते रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म्स को जुलाई 2027 से Monero (XMR) और Zcash (ZEC) जैसे privacy coins को डीलिस्ट करना पड़ेगा। इसी डेडलाइन ने privacy token rally को तेज़ किया है और privacy coin whale की पोज़िशनिंग को भी बदल दिया है।

यूरोपियन यूनियन (EU) की कड़ी enforcement पहले से ही मार्केट को प्रभावित कर रही है। Binance ने हाल ही में तीन साल में सबसे ज्यादा साप्ताहिक ऑउटफ्लो दर्ज किए हैं क्योंकि वह MiCA डेडलाइन से पहले EU से बाहर जाने की तैयारी कर रहा है।

Ethereum के को-फाउंडर Vitalik Buterin ने भी पिछले साल EU चैट सर्विलांस प्लान्स को लेकर ऐसे ही अलार्म उठाए थे। उनका मानना है कि इस तरह के मॉनिटरिंग रूल्स हर उस व्यक्ति की डिजिटल सुरक्षा कमजोर कर देते हैं, जिन्हें ये प्रोटेक्ट करने का दावा करते हैं।

फिलहाल, कोई भी विधायी प्रपोजल सीधे तौर पर VPNs को टारगेट नहीं कर रहा है। हालांकि, प्राइवेसी एडवोकेट्स के लिए यह पैटर्न चिंता की बात है क्योंकि कैश कैप्स और प्राइवेसी कॉइन बैन की शुरुआत भी रिसर्च पेपर्स और ऑफिशियल स्टेटमेंट्स से हुई थी। आने वाले महीनों में साफ हो जाएगा कि ये लूपहोल्स सिर्फ थिंक-टैंक डोक्युमेंट्स में ही रहते हैं या फिर औपचारिक EU कानूनों में शामिल हो जाते हैं।


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