Alphabet (GOOGL), जो Google की पेरेंट कंपनी है, आज मार्केट बंद होने के बाद अपने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करेगी। Wall Street को डबल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद है। लेकिन निवेशक एक चीज़ पर सबसे ज़्यादा नज़र रख रहे हैं: क्या कंपनी की जबरदस्त AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर हो रही इन्वेस्टमेंट अब फायदा देना शुरू करेगी?
पिछले एक साल में इस स्टॉक ने जबरदस्त तेजी दिखाई है। हालांकि मई के ऑल-टाइम हाई के बाद इसमें थोड़ा करेक्शन भी देखने को मिला है। आम निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए, जानिए यहां।
विशेषज्ञों की अनुमानित संख्या
कंसेंसस अनुमान के मुताबिक रेवेन्यू लगभग $116.8 बिलियन रहने की संभावना है, जो पिछले साल से करीब 21% ज्यादा है। एनालिस्ट्स को प्रति शेयर लगभग $2.89 की अर्निंग्स की उम्मीद है। Alphabet लगातार कई तिमाही से मार्केट के अनुमानों से बेहतर रिजल्ट दे रही है। इस ट्रैक रिकॉर्ड के चलते आज की रिपोर्ट से उम्मीदें ऊंची हैं।
Google Cloud ने पिछले क्वार्टर में 63% ग्रोथ हासिल की, जो सभी बड़े क्लाउड प्रोवाइडर्स में सबसे ज्यादा थी। पूरे कंपनी का रेवेन्यू 22% बढ़कर $109.8 बिलियन तक पहुंच गया। क्लाउड यूनिट का प्रॉफिट मार्जिन भी लगभग दोगुना हो गया।
नेट इनकम में भी जबरदस्त तेजी आई, लेकिन इसमें Alphabet की SpaceX जैसे कंपनियों में की गई होल्डिंग्स के अनरियलाइज्ड गेंस का बड़ा योगदान था। आज इन्वेस्टर्स सिर्फ मुख्य प्रॉफिट नंबर नहीं देखेंगे। वो जानना चाहेंगे कि रियल ऑपरेशंस से कितना फायदा हुआ है, सिर्फ पेपर पर दिखने वाले गेन से नहीं। इस क्वार्टर में सबसे जरूरी नंबर क्लाउड ग्रोथ ही रहेगा, न कि सिर्फ प्रॉफिट हेडलाइन।
AI पर खर्च ही असली Story है
Alphabet ने गाइडेंस दी है कि 2026 तक कैपिटल स्पेंडिंग $180 बिलियन से $190 बिलियन के बीच रहेगी। यह पैसा कंपनी डेटा सेंटर और AI चिप्स तैयार करने में खर्च कर रही है, लेकिन इतने भारी खर्च ने निवेशकों की धैर्यता को टेस्ट किया है। हाल ही में कंपनी ने ग्रोथ के लिए इंटरनली फंडिंग की पारंपरिक आदत को तोड़ कर नई इक्विटी जारी की है।
क्लाउड का लगभग $460 बिलियन का ऑर्डर बैकलॉग बुलिश केस को मजबूत करता है और बताता है कि आने वाले कई सालों का रेवेन्यू पहले से ही बुक हो चुका है। बियरिश केस ज्यादा सिंपल है; अगर प्रॉफिट कन्वर्जन स्लो रहा, या Gemini का रोलआउट बार-बार डिले होता रहा, तो चाहे आज के हैडलाइन नंबर कितने भी अच्छे हों, स्टॉक नीचे जा सकता है।
स्टॉक को और क्या चीजें मूव कर सकती हैं
सर्च एडवरटाइजिंग अब भी Alphabet का सबसे बड़ा बिजनेस है। इन्वेस्टर्स को ये भरोसा चाहिए कि AI-जनरेटेड सर्च समरीज़ से ट्रेडिशनल ऐड रेवेन्यू पर असर नहीं पड़ रहा है। कुछ Wall Street डेस्क ने भी Meta स्टॉक से बाहर निकलकर Google में पैसा लगाया है, क्योंकि वे मानते हैं कि Alphabet का क्लाउड और चिप बिजनेस, इसके कंपटीटर्स के मुकाबले, AI प्रॉफिट के लिए ज्यादा क्लियर रास्ता दिखाता है।
Alphabet की कस्टम AI चिप्स, जिन्हें Tensor Processing Units कहा जाता है, ये इसमें नया ट्विस्ट जोड़ती हैं। कंपनी ने हाल ही में ये चिप टेक्नोलॉजी दूसरे कस्टमर्स को बेचना शुरू किया है। इस बिजनेस से जुड़ा कोई भी अपडेट एनालिस्ट्स की नजर में Alphabet की AI स्ट्रेटेजी को इसके प्रोडक्ट्स से आगे बढ़ा सकता है।
ज्यादातर इन्वेस्टर्स के लिए मैसेज सीधा है। मार्केट को प्रूफ चाहिए कि Alphabet का AI पर दांव लॉन्ग-टर्म प्रॉफिट में बदल रहा है, सिर्फ बड़े बिल्स में नहीं। सिर्फ स्ट्रॉन्ग रेवेन्यू आज की तारीख में काफी नहीं है।
आज की कॉल में, देखें कि मैनेजमेंट कैसे Capex, क्लाउड बैकलॉग कंवर्शन और Gemini टाइमलाइन को एड्रेस करता है। इन सवालों के जवाब तिमाही नतीजों से ज्यादा स्टॉक को मूव कर सकते हैं।











