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कैसे Indian Authorities ने एक कथित क्रिप्टो स्कैम ऑपरेशन का खुलासा किया

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Kamina Bashir

14 जनवरी 2026 11:34 UTC
  • ED ने Nagpur में क्रिप्टो फ्रॉड पकड़ा, निवेशकों को 4.25 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान
  • जांचकर्ताओं ने गुमराह करने वाले सेमिनार और निवेशकों को झूठे रिटर्न के वादे का हवाला दिया
  • अधिकारियों ने एसेट्स और एक क्रिप्टो वॉलेट फ्रीज किए, सर्च ऑपरेशन में बेनामी प्रॉपर्टीज भी मिलीं

India की Enforcement Directorate (ED) ने महाराष्ट्र में कथित क्रिप्टोकरेन्सी फ्रॉड ऑपरेशन पर बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें निवेशकों को 4.25 करोड़ रुपये (लगभग $472,000) से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

एजेंसी ने 7 जनवरी को Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत नागपुर में तीन जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया।

India की ED ने “Ether Trade Asia” पर क्रिप्टो scam जांच में रखा निशाना

प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह जगहें Nished Mahadeo Rao Wasnik और उसके सहयोगियों से जुड़ी थीं। ED ने बताया कि Wasnik उस ग्रुप का हेड था जो अवैध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म “Ether Trade Asia” चलाता था।

जांचकर्ताओं का कहना है कि इस ग्रुप ने नागपुर और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में प्रीमियम होटलों में प्रमोशनल सेमिनार आयोजित किए। इन इवेंट्स में आयोजकों ने शामिल लोगों को इन्वेस्टमेंट के अवसरों के बारे में गलत दावे करके गुमराह किया। ED के मुताबिक, इनका मकसद “मासूम निवेशकों को ठगना” था।

“उन्होंने Ether Trade Asia प्लेटफॉर्म को एक फर्जी बाइनरी कमीशन स्कीम के जरिये प्रमोट किया, जिसमें झूठे वादों के साथ निवेशकों को ‘Ethereum’ क्रिप्टोकरेन्सी में इन्वेस्टमेंट के नाम पर बेहद ज्यादा रिटर्न्स देने का लालच दिया। ये स्कीम उसके फर्म M/s Ether Trade Asia के बैनर तले चलाई गई, जिससे आम जनता से बड़ी रकम इकट्ठी की गई,” प्रेस रिलीज में लिखा गया है।

एजेंसी के मुताबिक, ग्रुप ने जुटाई गई रकम का इस्तेमाल निजी जरूरतों के लिए किया। ED का मानना है कि निवेशकों का नुकसान 4.25 करोड़ रुपये से अधिक है। जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने यह रकम चल और अचल संपत्ति खरीदने में लगाई। ये संपत्तियां या तो सीधे उनके नाम पर थीं या उनके परिवारजनों व उनके काबू में कंपनियों के नाम पर थीं।

साथ ही, अधिकारियों ने बताया कि Wasnik और उसके सहयोगियों ने फंड्स का एक हिस्सा क्रिप्टोकरेन्सी खरीदने में इस्तेमाल किया और इन क्रिप्टोकरेंसीज़ को अपने निजी वॉलेट्स में छुपाकर रखा। ED के अनुसार, इस नए सर्च ऑपरेशन में अहम दस्तावेज़ और डिजिटल डिवाइसेज़ जब्त की गई हैं।

ED ने 20 लाख रुपये (लगभग $22,000) से ज्यादा की बैंक बैलेंस और करीब 43 लाख रुपये (लगभग $51,000) की डिजिटल असेट्स वाले एक निजी वॉलेट को भी फ्रीज़ किया है। अधिकारियों ने कई और संपत्तियों की पहचान की है, इनमें कई करोड़ रुपये की बेनामी संपत्तियां भी शामिल हैं, जिन्हें आरोपियों ने खरीदा था।

बेनामी संपत्ति वह होती है जो किसी शख्स के नाम पर हो, लेकिन उसका भुगतान या असली मालिकाना हक किसी और के पास होता है। इसका मकसद असली मालिक की पहचान छुपाना होता है। यह शब्द हिंदी से आया है: “बेनामी,” जिसका अर्थ है “जिसका नाम नहीं।”

इसके अलावा, ED ने फ्रीज़ की हैं, जिनकी वैल्यू 4.79 करोड़ रुपये (लगभग $530,000) है, यह कार्रवाई चंडीगढ़ में एक अलग लैंड फ्रॉड केस से जुड़ी है। दोनों जांचें अभी भी जारी हैं।

ये जांचें भारत में क्रिप्टो से जुड़ी फ्रॉड और स्कैम्स के खिलाफ व्यापक एक्शन के साथ मेल खाती हैं। दिसंबर में, अथॉरिटीज ने एक बड़ा फेक क्रिप्टोकरेंसी बेस्ड पोंजी और मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) स्कीम को ध्वस्त किया था। इस ऑपरेशन ने लाखों निवेशकों को धोखा दिया, जिससे $254 मिलियन का नुकसान हुआ।

Enforcement Directorate (ED) ने महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली में 21 जगहों पर सर्च ऑपरेशन भी चलाए। ये ऑपरेशंस एक और क्रिप्टो से जुड़े MLM स्कैम पर टारगेट किए गए थे, जो लगभग 10 साल से चल रहा था।

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