Jeff Bezos चाहते हैं कि United States निचले 50% कमाई करने वालों पर federal income tax हटा दे। उनका कहना है कि ज्यादातर revenue पहले ही ऊपर के कुछ हाई earning वालों से आता है।
Amazon फाउंडर ने ये आइडिया 20 मई, 2026 को CNBC इंटरव्यू में रखा। इसके बाद उन्होंने यही मैसेज सोशल मीडिया पर भी amplify किया, जहां ये क्लिप कुछ ही घंटों में मिलियन्स views के साथ वायरल हो गई।
Bezos ने “Queens की नर्स” के उदाहरण से अपनी बात रखी
Bezos ने New York City की एक नर्स का उदाहरण देते हुए बताया कि वह सालाना $75,000 कमाकर हर साल $12,000 से ज्यादा टैक्स देती है। उन्होंने बताया कि ये अमाउंट हर महीने $1,000 से ज्यादा है, जिससे रेंट या ग्रॉसरी आसानी से कवर हो सकती है।
Blue Origin के अंदर शूट हुई इस क्लिप ने कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर धूम मचा दी। X (Twitter) पर Bezos ने अपनी बात को और मजबूत करते हुए टैक्स के बोझ को गैरज़रूरी बताया।
“Queens में रहने वाली एक नर्स को Washington पैसे नहीं भेजने चाहिए। Washington को उसे माफी भेजनी चाहिए,” उन्होंने कहा।
IRS के डेटा भी उनकी बात को support करते हैं। Tax Foundation के अनुसार, US के टॉप 1% टैक्स फाइलर्स ने 2022 में कुल federal income tax का 40.4% दिया। वहीं, नीचे के 50% लोगों ने अगले साल सिर्फ 3.3% टैक्स दिया।
“सबसे जरूरी है – नीचे के हिस्से का टैक्स जीरो करना। लोगों की जेब में पैसे डालने का सबसे अच्छा तरीका है – उनसे पैसे ना लेना। बॉटम हाफ महज 3% टैक्स revenue देता है, लेकिन उसी व्यक्ति के लिए यह बहुत मायने रखता है। इसे जीरो कर दो,” Bezos ने समझाया।
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समस्या टैक्स की नहीं, खर्च की है
Amazon फाउंडर ने एक बार फिर वही बात कही – Washington की असली प्रॉब्लम कम टैक्स नहीं, बल्कि ज्यादा खर्च है। उन्होंने दावा किया कि New York City की पब्लिक स्कूल्स एक छात्र पर $44,000 खर्च करती हैं।
Bezos के अनुसार, ये खर्च Chicago, Boston, Los Angeles, Miami, और Houston से ज्यादा है, बावजूद इसके वहां के result कमजोर मिल रहे हैं।
Federal Reserve Bank of New York के डेटा के अनुसार, हाल ही में NYC के प्रति स्टूडेंट खर्च लगभग $39,304 के पास है। city अब भी पूरे देश में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शहरों में शामिल है, जो उनकी बात को आंशिक रूप से सही साबित करता है।
Bezos ने इस तर्क को भी खारिज किया कि अरबपतियों पर टैक्स बढ़ाने से फर्क पड़ेगा। उन्होंने CNBC को बताया कि अगर उनका खुद का टैक्स बिल डबल भी हो जाए तो भी फेडरल डेफिसिट पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
प्रैक्टिकली इस प्रपोजल का क्या मतलब है
नीचे के 50% हिस्से को हटाने का मतलब Treasury को टोटल रिसीट्स का बहुत छोटा हिस्सा खोना पड़ेगा। फेडरल इंडिविजुअल इनकम टैक्स रेवेन्यू हर साल करीब $2.4 ट्रिलियन है, तो 3.3% हिस्सा लगभग $80 बिलियन के बराबर है।
ये रकम फिस्कल टर्म्स में छोटी है लेकिन एक-एक हाउसहोल्ड के लिए मायने रखती है। Bezos पहले भी Biden प्रशासन के साथ मंदी policy को लेकर टकरा चुके हैं।
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उनकी लेटेस्ट बातें भी इसी ट्रेंड को फॉलो करती हैं, जिसमें वो wealth tax प्रपोजल्स की जगह खर्चों में सुधार की मांग करते हैं।
Treasury के मुताबिक, 2026 के लिए फेडरल डेफिसिट $2 ट्रिलियन रहने का अनुमान है। उनका प्रस्ताव Congress में कितना आगे पहुंचेगा, यह देखना बाकी है।
इस पूरी बहस का फोकस वर्किंग-क्लास के टैक्स रिलीफ, ना कि wealth tax, पर रखा गया है।





