TRM Labs के अनुसार, अप्रैल तक हुई सभी क्रिप्टो हैक लॉस में से 76% के लिए North Korean हैकर्स जिम्मेदार थे।
रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दो अलग-अलग ग्रुप्स के हैकरों ने 2026 में दो हमलों में लगभग $577 मिलियन चुरा लिए।
2 North Korean हैक्स से 2026 के 76% क्रिप्टो हैक लॉस हुए
Drift Protocol ब्रीच और KelpDAO ब्रिज एक्सप्लॉइट एक ही महीने में हुए थे। दोनों घटनाएं इस साल की कुल हैक घटनाओं का सिर्फ 3% हैं, लेकिन चोरी हुए क्रिप्टो का अधिकांश हिस्सा इन्हीं से गया। खास बात यह है कि इन दोनों हैक्स के पीछे North Korean एक्टर्स का हाथ है।
“North Korean हैकिंग ग्रुप्स ने 2026 में अप्रैल तक क्रिप्टो हैक लॉस का 76% किया — इसका कारण यह नहीं है कि North Korea ने हमलों की बाढ़ ला दी, बल्कि दो अटैक जिनकी किम्मत USD 577 मिलियन है, बाकी सब पर भारी रहे,” TRM Labs ने लिखा।
1 अप्रैल को Drift एक्सप्लॉइट ने Solana-बेस्ड perpetual exchange को $285 मिलियन का नुकसान पहुंचाया। अगली घटना रिपोर्ट में Drift टीम ने नोट किया कि यह अटैक छह महीने की इंटेलिजेंस ऑपरेशन का नतीजा था, जिसमें North Korean एक्टर्स जुड़े हुए थे। इस हैक का असर सिर्फ Drift तक नहीं रहा, बल्कि कई दूसरे प्रोटोकॉल्स भी प्रभावित हुए।
Solana यील्ड प्लेटफॉर्म Carrot भी इसी में प्रभावित हुआ। टीम ने 30 अप्रैल को शटडाउन की घोषणा कर दी। Carrot ने यूज़र्स के लिए Boost, Turbo, और CRT पोज़िशन से बचे हुए फंड्स निकालने की अंतिम तारीख 14 मई तय की है, उसके बाद फोर्स्ड डिलीवरेजिंग शुरू हो जाएगी।
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वहीं, 18 अप्रैल को, अटैकर्स ने KelpDAO के क्रॉस-चेन ब्रिज से लगभग 116,500 rsETH निकाले, जिसकी वैल्यू करीब $292 मिलियन है। यह अब तक का सबसे बड़ा DeFi हैक बन गया है।
जांच में पता चला कि Lazarus Group का TraderTraitor संभावित रूप से इस हैक के पीछे था। इसका असर काफी दूर तक गया। Aave और DeFi कुल मार्केट वैल्यू इस एक्सप्लॉइट के बाद तेजी से गिरी।
North Korea की क्रिप्टो चोरी में हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है
North Korean ग्रुप्स अब क्रिप्टो चोरी में सबसे आगे हैं। उन्होंने सिर्फ 2025 में ही कम से कम $2.02 बिलियन के डिजिटल एसेट्स चुरा लिए।
कुल हैक लॉस में इनका शेयर पिछले कुछ सालों में काफी तेजी से बढ़ा है। 2020 और 2021 में यह आंकड़ा 10% से नीचे था, 2022 में 22% हुआ, और फिर अगले वर्षों में 37%, 39%, और 64% तक पहुंच गया। अप्रैल 2026 तक का 76% आंकड़ा रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा सस्टेन्ड लेवल है।
TRM एनालिस्ट्स का कहना है कि अटैक की फ्रीक्वेंसी नहीं बढ़ी है। Pyongyang की टॉप हैकिंग टीमें अभी भी हर साल कम लेकिन चुने हुए ऑपरेशन्स करती हैं, यानी वॉल्यूम से ज्यादा प्रिसीजन पर फोकस करती हैं।
जो बदला है, वह है “अटैक्स की sophistication।” TRM का मानना है कि North Korean ऑपरेटर्स अब AI टूल्स को reconnaissance और सोशल इंजीनियरिंग ऑपरेशन्स में शामिल कर सकते हैं।
“TRM एनालिस्ट्स ने यह सोचना शुरू किया है कि North Korean ऑपरेटर्स AI टूल्स को शामिल कर रहे हैं… यह बदलाव ड्रिफ्ट जैसे अटैक्स की बढ़ती प्रिसीजन के साथ मेल खाता है, जिसमें हफ्तों तक ब्लॉकचेन के complex mechanisms की टार्गेटेड मैनिप्युलेशन की जरूरत पड़ी, जबकी पहले North Korea सिंपल प्राइवेट की compromise पर ज्यादा ध्यान देता था,” रिपोर्ट में लिखा है।
यह डेवेलपमेंट AI आधारित अटैक क्षमताओं को लेकर जरूरी सवाल उठाता है और क्या क्रिप्टो प्रोटोकॉल्स इस नए थ्रेट वेक्टर से मुकाबला कर सकते हैं, इस पर संदेह जताता है।
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