पिछले तीन महीनों में Pokémon ट्रेडिंग कार्ड्स ने S&P 500 और Bitcoin दोनों को पीछे छोड़ दिया है। इन कार्ड्स ने 22.8% की बढ़त दर्ज की, जबकि क्रिप्टोकरेन्सी में तेज गिरावट देखी गई।
यह फर्क दिखाता है कि कलेक्टिबल्स एक ऐसे एसेट क्लास के रूप में काम कर रहे हैं, जो फाइनेंशियल मार्केट्स से काफी हद तक अलग है।
ऑउटपरफॉर्मेंस के पीछे के आंकड़े
एक कार्ड इंडेक्स, ग्रेडेड कलेक्टिबल्स की कुल वैल्यू को ट्रैक करता है। यह एक शेयर मार्केट इंडेक्स की तरह ही है, बस यहां फिजिकल आइटम्स केंद्र में हैं। Rand Group ने इन आंकड़ों को इकठ्ठा किया।
तीन महीनों के आंकड़े बताते हैं कि गैप बहुत बड़ा है। Pokémon कार्ड्स में 22.8% की बढ़त आई, जबकि S&P 500 केवल 4.7% बढ़ा और Bitcoin में 20.7% की गिरावट आई।
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यह पैटर्न पूरे साल नजर आया है। कार्ड इंडेक्स ने इस साल अब तक लगभग 28% की ग्रोथ दिखाई है, वहीं S&P 500 करीब 13% ऊपर है और Bitcoin में 27%-29% की गिरावट दर्ज हुई है।
रिटेल डेटा, इसके पीछे की असली डिमांड को कन्फर्म करता है। Target ने रिपोर्ट किया कि 2025 में ट्रेडिंग-कार्ड की बिक्री लगभग 70% बढ़ी, जो $1 बिलियन से अधिक हो सकती है।
Pokémon ने इस वॉल्युम में सबसे ज्यादा योगदान दिया। Walmart के मार्केटप्लेस पर फ्रैंचाइज़ी से जुड़े प्रोडक्ट्स की बिक्री में और भी ज्यादा तेजी आई। इसके पीछे दो कारण हैं — मिलेनियल्स और Gen Z का नॉस्टेल्जिया, जिन्होंने बचपन में Pokémon देखा है, साथ ही हाई-ग्रेड विंटेज कार्ड्स की स्कार्सिटी। यह दोनों बातें डिमांड को बढ़ा रही हैं।
हाई-प्रोफाइल सेल्स ने इस ट्रेंड को और वायरल बना दिया है। Influencer Logan Paul ने एक Pikachu Illustrator कार्ड को $16.5 मिलियन में बेचा, जिससे मार्केट में टॉप लेवल रिटर्न्स की संभावना दिखी।
यह सेक्टर अब अच्छा खासा बड़ा हो चुका है। कुछ अनुमान माना जाता है कि पूरी ट्रेडिंग-कार्ड मार्केट $13 बिलियन से $15 बिलियन के बीच है, जिसमें ग्रेडेड कार्ड्स का हिस्सा काफी बड़ा है।
इस तुलना से सावधानी क्यों बरतनी चाहिए
कोरिलेशन इस आकर्षण का एक हिस्सा समझाता है। कलेक्टिबल कार्ड्स का मूवमेंट स्टॉक्स और क्रिप्टोकरेंसीज से काफी हद तक स्वतंत्र रहता है, जिससे डाइवर्सिफिकेशन चाहने वाले निवेशकों को आकर्षित करता है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर इस एक्टिविटी को सपोर्ट करता है। सेकेंडरी मार्केट में eBay शामिल है, जिसने 2025 में $2.6 बिलियन से ज्यादा के कार्ड्स सेल रिकॉर्ड किए हैं, साथ ही लोकल शॉप्स, कन्वेंशन्स और PSA जैसी ग्रेडिंग सर्विसेज भी एक्टिव हैं।
ब्लॉकचेन इनिशिएटिव्स भी उभर रहे हैं। ग्रेडेड कार्ड्स को टोकनाइज़ करने की कोशिशें लिक्विडिटी और सेटलमेंट को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही हैं, हालांकि वॉल्यूम के मामले में ट्रेडिशनल मार्केटप्लेस अभी भी डॉमिनेट कर रहे हैं।
हालांकि, जोखिमों पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है। बड़े पोर्टफोलियो लिक्विडिटी की समस्या का सामना करते हैं, वहीं नकली कार्ड्स और सब्जेक्टिव ग्रेडिंग ऐसी जटिलताएं लाते हैं जो रेग्युलेटेड मार्केट्स में नहीं होती। इंडेक्स कम्पोजिशन भी काफ़ी मायने रखता है।
ये इंडिकेटर अक्सर हाई-कंडीशन या सील्ड प्रोडक्ट्स पर ज्यादा फोकस करते हैं, जिनका परफॉर्मेंस सबसे स्ट्रॉन्ग रहा, जबकि एवरेज रॉ कार्ड्स काफी पीछे रह सकते हैं।
स्पेकुलेटिव ओवरहीटिंग की संभावना हमेशा रहती है। अगर पॉपुलर कल्चर की वजह से कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, तो कलेक्टर्स की रुचि कम होने पर वही ट्रेंड अचानक रिवर्स भी हो सकता है।
ये तुलना भी कुछ हद तक सीमित है। तीन महीने की विंडो छोटी मानी जाती है और Bitcoin ने लॉन्ग-टर्म में कलेक्टिबल्स से बेहतर परफॉर्मेंस दी है।
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क्या ये मोमेंटम आगे भी जारी रहेगा, ये लगातार इंटरेस्ट और बड़े इकोनॉमिक फैक्टर्स पर निर्भर करता है। अभी के लिए, कल्चरल कनेक्शन और स्कर्सिटी ऐसे रिटर्न दे रहे हैं, जो ट्रेडिशनल बेंचमार्क्स से बेहतर हैं।









