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Dr. Doom ने ज्यादातर क्रिप्टो को बताया बेकार, सिर्फ एक यूज केस को दी मान्यता

  • Roubini ने लगभग सभी ऑन-चेन क्रिप्टो को ‘vaporware’ बताया, कहा इनमें असली वैल्यू नहीं
  • उनका कहना है कि Top 10 ने अपनी वैल्यू का 50-60% गंवाया है, जिसमें Bitcoin भी इसी रेंज में गिरा है
  • 20 साल बाद भी Bitcoin के, सिर्फ stablecoins बनीं असली killer app, उनका दावा

Nouriel Roubini का कहना है कि ज्यादातर क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स कुछ भी मजबूत आधार पर नहीं बने हैं, और करीब 20 साल के Bitcoin से जुड़े ब्लॉकचेन डेवलपमेंट में सिर्फ एक ही असली यूज़ केस सामने आया है।

BeInCrypto Expert Council पॉडकास्ट में Atlas Capital के CEO Reza Bundy और Securitize के फाउंडर Carlos Domingo के साथ बात करते हुए, “Dr. Doom” नाम से मशहूर इस इकोनॉमिस्ट ने ICO दौर और पूरी altcoin मार्केट पर तेज़ टिपण्णी दी।

फ्रॉड के साथ बड़ी फेल्योर रेट

Roubini ने ICO बूम को लेकर काफी सख्त रुख दिखाया। जितनी भी 20,000 Initial Coin Offerings (ICOs) लॉन्च हुईं, उनके बारे में उन्होंने कहा कि नुकसान सिर्फ मार्केट लॉसेस तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे कहीं ज्यादा गहरा है।

“20,000 ICOs हुए हैं, उनमें से 80% शुरू में ही स्कैम थे… बहुत सारी चीजें किसी भी ठोस चीज़ पर आधारित नहीं हैं। ये पूरी तरह से बेकार हैं, बस विश्वास पर टिकी हुई हैं।”

इसके बाद की गणना और भी चौंकाने वाली है। बाक़ी जो नॉन-फ्रॉडulent प्रोजेक्ट्स बचते हैं, Roubini का कहना है कि उनमें से 70% ने अपनी पूरी वैल्यू खो दी है। जो थोड़े से प्रोजेक्ट्स अब भी बचे हैं, जिसमें सबसे टॉप 10 क्रिप्टोकरेंसीज़ भी शामिल हैं, उनकी वैल्यू अपने ऑल-टाइम हाई से 50 से 60% कम हो चुकी है।

असल में, Bitcoin 24 जून को थोड़े समय के लिए $60,000 के भी नीचे गिर गया, जो कि अपने ऑल-टाइम हाई $126,080 से 50% से ज्यादा कम था।

उनका निष्कर्ष: ज्यादातर ऑन-चेन बने प्रोजेक्ट्स, असली asset या utility की जगह सिर्फ speculative faith पर आधारित हैं। ICO फ्रॉड का इतिहास भी यही दिखाता है, जहां लॉन्च के वक्त पंप-एंड-डंप schemes या फिर फंड जुटाने के बाद प्रोजेक्ट्स का पूरी तरह से गायब हो जाना देखा गया है।

Roubini पिछले कई सालों से क्रिप्टो फील्ड की इसी तरह आलोचना करते रहे हैं। 2019 में उन्होंने Ethereum के क्रिएटर Vitalik Buterin के साथ डिबेट में क्रिप्टो इकोसिस्टम को ओवरसेंट्रलाइज़्ड और मैनिपुलेशन से भरा हुआ बताया था। इसके अलावा उन्होंने US Congress में गवाही दी थी और ब्लॉकचेन को मानव इतिहास की सबसे कम उपयोगी तकनीक बताया था।

Stablecoin: सिर्फ एक App ही बचा है

हालांकि उन्होंने मार्केट के अधिकांश हिस्से को नकार दिया, लेकिन Roubini ने एक प्रोडक्ट को सही में काम करने वाला बताया।

“लगभग 20 साल के Bitcoin बाद, क्रिप्टो में कौन सा बड़ा killer app है? Stablecoin।”

उनका समर्थन एक चेतावनी के साथ आता है। उनका कहना है कि स्टेबलकॉइन सिर्फ fiat currency का एक डिजिटल रैपर हैं और इसलिए इनमें वही गिरावट के जोखिम होते हैं। ये पेमेंट के लिए खास तौर पर उन देशों में कारगर हैं जहां महंगाई ज्यादा है, लेकिन ये कोई असली रिटर्न नहीं देते और ना ही वे उन मौद्रिक जोखिमों से बचाव करते हैं, जिनके कारण क्रिप्टोकरेंसी लोगों को आकर्षित करती थी।

इस फर्क पर, जिसमें वे पेमेंट के लिए तो सही हैं लेकिन स्टोर ऑफ वैल्यू के रूप में सीमित, वे टोकनाइज़्ड real world asset को अगला कदम मानने का तर्क रखते हैं।

इस पॉडकास्ट में नजर आना Roubini के लिए एक बड़ा बदलाव है, जो पहले सार्वजनिक मंचों पर सभी क्रिप्टोकरेंसी को धोखा बताते थे। अब वे speulative टोकन को अलग मानते हैं, जिन्हें वो अब भी बिना किसी ठोस आधार के मानते हैं, और टोकनाइज़्ड assets को जिसमें reall-world collateral साफ तौर पर दिखता है।

अगर Roubini के आंकड़े सही हैं तो altcoin मार्केट का लॉन्ग-टर्म इतिहास लगभग 20,000 प्रोजेक्ट्स में करीब-करीब पूरी तरह घाटे का है, जिसमें स्टेबलकॉइन ही पूरी एक्सपेरिमेंट का इकलौता टिकाऊ परिणाम है।

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