S&P 500 ने 36 साल में पहली बार ऐसा मार्केट सिग्नल दिया है जो पहले कभी रिकॉर्ड नहीं हुआ। ये वॉल स्ट्रीट के सबसे बड़े इंडेक्स के भीतर कुछ असामान्य होने का संकेत देता है।
2 नवंबर को, S&P 500 एक्सट्रीम ओवरसोल्ड ज़ोन में पहुंच गया, जबकि उसके करीब आधे स्टॉक्स ओवरबॉट थे।
Bespoke Investment Group के अनुसार, इंडेक्स अपनी 50-डे मूविंग एवरेज से दो स्टैण्डर्ड डिविएशन से भी नीचे बंद हुआ, जो दिखाता है कि प्राइस अपने लेटेस्ट ट्रेंड से कितनी गिरावट पर पहुंच गए हैं।
फिर भी, S&P 500 के 46.8% स्टॉक्स ओवरबॉट जोन में थे।
1990 से अब तक ऐसी पांच और घटनाएं हुई हैं। लेकिन तब ओवरबॉट स्टॉक्स की मात्रा कभी भी 33.4% से ज्यादा नहीं पहुंची।
यह ऐतिहासिक S&P 500 सिग्नल क्या दर्शाता है?
इसका जवाब इंडेक्स की कार्य-शैली में छिपा है।
S&P 500 में बड़े कंपनियों का असर ज्यादा होता है। इस कारण Nvidia, Alphabet और Meta जैसे दिग्गजों के शेयर जब तेजी से गिरते हैं, तो पूरा इंडेक्स नीचे आ सकता है, भले ही बाकी सैंकड़ों स्टॉक्स ऊपर जा रहे हों।
अक्टूबर ने इसका साफ सबूत दिया।
नॉर्मल S&P 500 इस दौरान 0.9% गिरा, जबकि उसका equal-weighted वर्जन — जिसमें हर कंपनी का प्रभाव समान होता है — 5% बढ़ा।
यह 5.9 पर्सेंटेज पॉइंट का अंतर अप्रैल 2009 के बाद सबसे बड़ा था।
AI में भारी खर्च को लेकर इन्वेस्टर्स ने सवाल उठाए, इस दौरान 11 में से 9 सेक्टर्स में तेजी देखी गई।
यह रोटेशन किन स्टॉक्स के लिए फायदेमंद हो सकता है?
तेजी से बदलते ट्रेंड में अब AI ट्रेड से बाहर कंपनियों को ज्यादा फायदा मिल सकता है।
- ऊर्जा उत्पादक Chevron और ConocoPhillips में निवेश और बढ़ सकता है अगर ऑयल प्राइस सपोर्टिव रहें।
- हेल्थकेयर कंपनियां, जैसे Eli Lilly और Johnson & Johnson, उन निवेशकों के लिए फायदेमंद हो सकती हैं जो ज्यादा भरोसेमंद कमाई की तलाश में हैं।
- Consumer staples में Walmart जैसे स्टॉक्स पर भी निवेशकों की नजर जा सकती है, क्योंकि वे महंगे टेक्नोलॉजी शेयरों में अपनी एक्सपोज़र कम कर सकते हैं।
लेकिन, अक्टूबर की जबरदस्त तेजी के बाद रिवर्सल का रिस्क भी बढ़ गया है।
निवेशकों के लिए सबसे जरूरी सवाल है कि क्या ये रोटेशन इतना लंबा चलेगा कि ब्रॉडर स्टॉक मार्केट रैली को सपोर्ट कर सके, या Big Tech की कमजोरी आखिरकार बाकी सेक्टर्स में फैल जाएगी।











