Trump प्रशासन की ईरान की क्रिप्टोकरेंसी यूज पर रोक लगाने की मुहिम तेज़ हो रही है। US Treasury ने Operation Economic Fury के तहत लगभग $500 मिलियन की सरकार से जुड़ी डिजिटल संपत्तियाँ फ्रीज़ कर दी हैं।
Treasury Secretary Scott Bessent ने पिछले हफ्ते ये आंकड़ा बताया, जिसमें पिछले महीने की $344 मिलियन की सीज़र भी शामिल है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि ईरान के पास कुल $7.7 बिलियन की डिजिटल एसेट्स हो सकती हैं, क्योंकि Middle East में तनाव बढ़ रहा है।
Operation Economic Fury के अंदर की Story
Treasury के अधिकारियों ने कहा है कि ये मुहिम ईरान की मिलिट्री और Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) को टारगेट कर रही है। इसके साथ ही, ये क्षेत्रीय प्रॉक्सी और shadow banking नेटवर्क्स पर भी एक्शन ले रही है, जो oil revenue का ट्रांसफर करते हैं।
Bessent ने इस रणनीति को ईरान की सरकार को आर्थिक संकट में धकेलने के रूप में पेश किया है।
अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई $344 मिलियन USDT फ्रीजिंग Tron नेटवर्क पर रही, जिसे Tether के साथ कोऑर्डिनेट किया गया।
इससे पहले US ने ईरान से जुड़ी UK exchanges पर भी कार्रवाई की थी, जिन पर IRGC फंड्स भेजने का आरोप था।
अब अनुमान है कि Tehran के पास करीब $7.7 बिलियन डिजिटल एसेट्स हैं, जिसका ज़िक्र Fox Business के रिपोर्टर Darren Botelho ने ट्रेंड डिटेक्शन डेटा के आधार पर किया।
ये कुल राशि ईरान को ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म्स द्वारा ट्रैक किए जाने वाले सबसे बड़े sovereign क्रिप्टो होल्डर्स में शामिल होने के लायक बनाती है।
Bitcoin: नया बैंकिंग समाधान
ईरानी सरकारmoney बाहर भेजने के लिए अब Bitcoin (BTC) पर ज्यादा निर्भर कर रही है, जिससे वह पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम से बच सके। Tehran ने हाल ही में एक स्टेट-बैक्ड maritime insurance प्लेटफॉर्म Hormuz Safe लॉन्च किया है।
यह प्लेटफॉर्म Strait of Hormuz से गुजरने वाले कार्गो शिप्स की पॉलिसीज को पूरी तरह BTC में सैटल करता है।
BTC प्रेस टाइम पर $77,355 के करीब ट्रेड हो रहा है, जो 24 घंटों में केवल 0.006% ऊपर है। pioneer क्रिप्टो का ईरान की वॉरटाइम इकॉनमी में रोल इसकी शॉर्ट-टर्म एक्टिविटी को जियोपॉलिटिकल वेट दे रहा है।
इंवेस्टीगेटर्स के लिए क्यों फायदेमंद है ट्रांसैक्शन ट्रेल
क्रिप्टोकरेन्सी को आमतौर पर सैंक्शन से बचने का जरिया माना जाता है, लेकिन US अधिकारियों का कहना है कि असलियत में इसके उलट है। ऑन-चेन ट्रांसैक्शंस का स्थायी रिकॉर्ड रहता है, जिससे फोरेंसिक फर्म्स IRGC और Iran के Central Bank से कनेक्टेड वॉलेट्स को ट्रैक कर सकते हैं।
“हमने बार-बार देखा है कि यह असल में US लॉ एन्फोर्समेंट और अन्य एजेंसियों के लिए बेहतर असेट है, क्योंकि इसमें बहुत सारे breadcrumbs छूटते हैं,” Fox Business ने 250 Digital Asset Management के CEO Chris Perkins के हवाले से रिपोर्ट किया।
अब ट्रेसबिलिटी enforcement के पक्ष में है। इंडस्ट्री इनसाइडर्स ने यह भी बताया है कि Washington US बैंकिंग से क्रिप्टो exchanges को अलग करने की धमकी दे सकता है।
इस तरह का कदम उन फर्म्स को टारगेट करेगा, जो अभी भी Iran-कनेक्टेड flows प्रोसेस कर रही हैं। आने वाले हफ्तों में यह साफ होगा कि Treasury एक्सचेंज ऑपरेटर्स पर कोई सख्त ऐक्शन लेगा या नहीं।
साथ ही यह भी देखने को मिलेगा कि Tehran अपनी Bitcoin-बेस्ड वर्कअराउंड्स को कैसे एडजस्ट करता है।











