एक वायरल प्रॉम्प्ट ChatGPT से कहता है कि वह किसी यूज़र के बारे में जितनी भी जानकारी जानता है, उससे एक खाली कमरे को भर दे। इसके रिजल्ट्स दिखाते हैं कि ChatGPT की मेमोरी में यूज़र की कितनी डिटेल्स सेव हैं। कई यूज़र्स को पता था कि चैटबॉट डेटा सेव करता है, लेकिन जब उन्होंने सारी जानकारी एक साथ देखी तो वह हैरान रह गए।
ये ट्रेंड देखने में तो फन लगता है, लेकिन असल में ये एक सिक्योरिटी टेस्ट भी है। कमरे में रखा हर ऑब्जेक्ट उसी डेटा को दिखाता है जो यूज़र ने कभी चैटबॉट में टाइप किया था। अगर ये इमेजेज X (पहले Twitter) पर पब्लिकली पोस्ट हो जाएं, तो ये प्रोफाइल किसी अनजान व्यक्ति के पास भी पहुंच सकता है।
ChatGPT मेमोरी असल में क्या स्टोर करती है?
इस प्रॉम्प्ट में एक खाली ग्रे कमरे की सिंपल इमेज दी जाती है और एक इंस्ट्रक्शन। फिर चैटबॉट उस रूम को पुराने चैट्स के हिसाब से सजाता है। X पर एक फेमस क्रिप्टो अकाउंट ने अपने फॉलोअर्स को इसे ट्राई करने और रिजल्ट्स शेयर करने के लिए कहा।
OpenAI के मुताबिक, ChatGPT मेमोरी दो तरह से काम करती है।
- Saved मेमोरी में यूज़र का नाम, पसंद, और गोल्स जैसी डिटेल्स होती हैं।
- Plus और Pro सब्सक्राइबर्स को चैट हिस्ट्री रेफरेंस भी मिलता है, जिससे मॉडल कुछ भी सेव न होने पर भी पुराने चैट्स से जानकारी ले सकता है।
ये मेमोरी बढ़ने के कारण, चैटबॉट शिफ्ट करना भी मुश्किल हो जाता है, जैसा कि AI मेमोरी लॉक-इन पर बहस में सामने आया।
क्रिप्टो होल्डर्स के लिए रिस्क ज्यादा क्यों है?
क्रिप्टो होल्डर्स के लिए खतरा सिर्फ पर्सनल डिटेल्स तक सीमित नहीं है। इस साल पहले डिवेलपर्स ने पाया कि Claude चैट्स में क्रिप्टो वॉलेट डेटा Google के जरिए इंडेक्स हो रहा था क्योंकि चैट्स के लिंक शेयर किए गए थे।
अगर प्रोफाइल में होल्डिंग्स, exchanges या ट्रैवल प्लान्स का जिक्र है, तो स्कैमर्स इस डेटा से ज्यादा भरोसेमंद फिशिंग मैसेज बना सकते हैं।
Binance के फाउंडर Changpeng Zhao पहले ही कह चुके हैं कि असली AI खतरा फिशिंग और डेटा लीक में है, न कि Bitcoin की क्रिप्टोग्राफी टूटने में। इस लिहाज से, खाली कमरा दिखाता है कि अगर हैकर चाहे तो क्या पता कर सकता है।
OpenAI यूज़र्स को अपनी ChatGPT मेमोरी देखने, डिलीट करने या बंद करने का ऑप्शन देता है। Temporary Chat न तो इस मेमोरी को पढ़ता है न ही अपडेट करता है।
कुछ लोग क्रिप्टो में इससे भी आगे सोचते हैं। Ethereum के को-फाउंडर Vitalik Buterin ने AI के लिए पैरानॉइड मोड बनाया है, जिससे प्रॉम्प्ट्स मॉडल तक पहुंचने से पहले ही मास्क हो जाते हैं।
वहीं रेग्युलेटर्स गलत डेटा हैंडलिंग पर भारी जुर्माना लगा रहे हैं। New Mexico के एक जज ने Meta को Facebook डेटा प्राइवेसी मामले में $25 बिलियन का रेकॉर्ड फाइन लगाया है।
जैसे-जैसे ChatGPT मेमोरी बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे ये “खाली कमरा” चेक करना आम बात बन सकता है कि AI कंपनियों के पास आपका क्या डेटा है।











