US Treasury ने 9 जुलाई को 30 साल की बॉन्ड्स में $22 बिलियन सेल किए, जिसकी हाई यील्ड 5.058% रही। यह 2007 के बाद से 30-वर्षीय Treasury बॉन्ड में सबसे स्ट्रॉन्ग यील्ड है। Bitcoin (BTC) मजबूत बना रहा, जबकि गोल्ड में इस हफ्ते की गिरावट और बढ़ गई।
इतनी रिकॉर्ड बोर्रोइंग कॉस्ट के बावजूद सेल-ऑफ़ की डिमांड सॉलिड रही। हालांकि, इस रिजल्ट से साफ है कि निवेशक अब US गवर्नमेंट को तीन दशकों तक लोन देने के लिए 2007 की तरह हाई मुआवजा मांग रहे हैं।
30-वर्षीय Treasury यील्ड 19 साल के हाई पर क्यों पहुंची?
Auction में bid-to-cover रेशियो 2.44x रहा, जो हाल की सेल्स जैसा ही था। Auction data के मुताबिक, इंडायरेक्ट बिडर्स (ज्यादातर फॉरेन इन्वेस्टर्स) ने लगभग 78% सप्लाई ली।
मार्केट कमेंटेटर्स ने नोट किया कि यह यील्ड 2007 की Global Financial Crisis के टाइम के बाद सबसे ज्यादा है, जैसा Barchart ने रिपोर्ट किया।
Federal डेब्ट इश्यूअंस बढ़ने से लॉन्ग-टर्म maturity्स पर प्रेसर बना रहता है, जबकि शॉर्ट-टर्म यील्ड्स धीरे-धीरे कम हो रही हैं। हर नए इंटरेस्ट बिल से Treasury को ज्यादा लोन लेना पड़ता है, जिससे सप्लाई और बढ़ती है।
Monetary Policy भी इस प्रेशर को बढ़ा रही है। Federal Reserve ने जून में रेट्स 3.50% से 3.75% पर स्टेबल रखीं। इसी दौरान, उसके लेटेस्ट मिनट्स के मुताबिक चेयर Kevin Warsh के अंडर रेट हाइक पर डिसएग्रीमेंट दिखा।
जब सेंट्रल बैंक ओपनली रेट हाइक्स को वेट कर रहा हो, तब लॉन्ग-टर्म यील्ड्स के गिरने का स्कोप कम रह जाता है। इसी वजह से मार्केट्स पुरे कर्व को हाईयर-फॉर-लॉन्गर रियलिटी के हिसाब से रीप्राइस कर रहे हैं।
Bitcoin मजबूत, गोल्ड गिरावट में
Bitcoin शुक्रवार को BeInCrypto Markets data के अनुसार $64,362 के करीब ट्रेड कर रहा था, जो 24 घंटे में 2.3% ऊपर है। इसकी मजबूती इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि हाई यील्ड्स आमतौर पर रिस्क वाली असेट्स की डिमांड कम करती हैं।
इसके उलट, गोल्ड शुक्रवार को 0.3% गिरकर करीब $4,111 प्रति औंस पर आ गया और इस हफ्ते की गिरावट जारी रखी। ऑक्शन से पहले ही मेटल पर भारी सेल-ऑफ़ का दबाव था।
जून में इनवेस्टर्स ने गोल्ड फंड्स से $8.9 बिलियन निकाल लिए क्योंकि गोल्ड ETF से ऑउटफ्लो तेज हो गया था। एक ही महीने में बुलियन ने भी 11.7% की गिरावट दर्ज की।
राइजिंग यील्ड्स के कारण बिना यील्ड वाले मेटल को होल्ड करना और महंगा हो गया है। BeInCrypto के गोल्ड प्राइस आउटलुक ने पहले ही Fed की हाइक की संभावना को जुलाई के लिए एक बियरिश फैक्टर बताया था।
लेकिन Bitcoin के Bulls इस सिचुएशन को अलग तरीके से देख रहे हैं। लगातार बढ़ता डेफिसिट और रिकॉर्ड इंटरेस्ट कॉस्ट ऐसे हार्ड ऐसेट्स के पक्ष में जाता है जो गवर्मेंट डेट से बाहर हैं। Japan के बॉन्ड मार्केट में भी इसी तरह की टेंशन दिख रही है, जिससे पता चलता है कि यह सिर्फ अमेरिका की नहीं, बल्कि ग्लोबल प्रॉब्लम है।
आने वाले हफ्तों में यह देखने को मिलेगा कि कौन सी फोर्स ज्यादा स्ट्रॉंग है। अगर लॉन्ग-टर्म यील्ड्स बढ़ती रहीं, तो लिक्विडिटी प्रेशर दोनों ऐसेट्स पर असर डाल सकता है। लेकिन अगर फिस्कल कंसर्न्स और गहरे हो गए, तो गवर्मेंट डेट के अल्टरनेटिव्स की डिमांड फिर से बढ़ सकती है। आने वाले मंदी डेटा और अगली Treasury नीलामी का रिजल्ट इसका जवाब दे सकता है।









