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India का IT सेक्टर AI के दौर में स्लो हायरिंग के लिए तैयार

  • IT सर्विसेज से लेकर hedge funds तक की कंपनियां अब इंसान का काम AI एजेंट्स को दे रही हैं
  • TCS के चेयरमैन बोले, AI की वजह से भारत के $315 बिलियन IT सेक्टर में hiring धीमी होगी
  • Magnetar Capital का नया vehicle सैकड़ों AI bots इस्तेमाल करेगा

Tata Consultancy Services को उम्मीद है कि अगले तीन सालों में कंपनी के पास जितने human employees होंगे, उतने ही AI agents भी होंगे, यह बात Chairman N Chandrasekaran ने कही। कंपनी कर्मचारियों की छंटनी नहीं करेगी, लेकिन Hiring की रफ्तार धीमी होगी क्योंकि AI ज्यादा काम संभाल लेगा।

यह बदलाव सिर्फ technology services तक ही सीमित नहीं है। अब कंपनियां ऐसे कामों में AI agents का इस्तेमाल कर रही हैं, जो पहले humans किया करते थे। इससे Hiring की स्पीड कम हो रही है और पूरे सेक्टर में operations का तरीका बदल रहा है।

AI Agents बदल रहे हैं इंडिया की IT वर्कफोर्स

Chandrasekaran ने मंगलवार को कंपनी की वार्षिक आम बैठक में यह बातें कहीं। उन्होंने बताया कि AI agents के ज्यादा एडॉप्शन से TCS और पूरे इंडस्ट्री में Hiring कम हो जाएगी क्योंकि automated systems human tasks संभाल लेंगे। 

“मेरा अनुमान है कि अगले 3 सालों में TCS के पास human employees जितने ही AI agents होंगे। हम इस नए चैप्टर में जो कुछ बनाएंगे – अपने clients, इंडिया और आपके लिए – वह कंपनी का अब तक का सबसे महत्वपूर्ण काम होगा,” उन्होंने कहा

कंपनी फिलहाल Staff में कटौती की प्लानिंग नहीं कर रही है लेकिनHiring कम करेगी। Chandrasekaran ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे कंपनियां AI के साथ अपने काम के तरीके बदलेंगी, वैसे-वैसे नए roles और opportunities भी सामने आएंगे। कंपनियों के कामकाज का तरीका AI के साथ बदल रहा है।

“कुछ काम अब AI agents को दे दिए जाएंगे। यह ट्रांजिशन का नेचर होगा, जिससे हमें सिर्फ बतौर कंपनी ही नहीं, इंडस्ट्री और देश के तौर पर भी गुजरना पड़ेगा,” उन्होंने जोड़ा

गौरतलब है कि इंडिया का $315 बिलियन IT सेक्टर अपने बड़े और human-heavy teams के लिए मशहूर रहा है। देश का सबसे बड़ा प्राइवेट एम्प्लॉयर होने के नाते, यह इंडस्ट्री पहले ही Hiring घटा रही है, और geopolitical challenges के कारण clients की demand भी कमजोर हुई है।

TCS मार्केट वैल्यू और headcount के लिहाज से इंडिया की सबसे बड़ी IT फर्म है। कंपनी ने पिछले जुलाई में 12,000 से ज्यादा नौकरियां कम की थीं। मार्च 2026 में खत्म हुए वित्त वर्ष में Net headcount 23,000 से भी ज्यादा कम हुआ है।

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Hedge Funds भी अपना रहे हैं यही तरीका

इस बीच, फाइनेंस भी साथ-साथ बदल रहा है। Bloomberg के अनुसार, Magnetar, जो कि $18 बिलियन का hedge fund है, अपने नए फंड में मार्केट्स की रिसर्च के लिए AI बॉट्स का इस्तेमाल करेगा। ये AI बॉट्स बाजार में ट्रेडिंग आइडियाज ढूंढेंगे, स्टॉक्स का एनालिसिस करेंगे, सिफारिश देंगे और ट्रेंड्स का अनुमान लगाएंगे। हालांकि, फाइनल ट्रेडिंग का फैसला इंसान ही लेंगे।

वर्कफोर्स में यह बदलाव रोजगार के आंकड़ों में भी दिख रहा है। इस साल 87,714 नौकरियां AI की वजह से गई हैं, जो 2026 में कुल layoffs का 22% है। यह आंकड़ा 2025 में इस टेक्नोलॉजी की वजह से खत्म हुई 54,836 नौकरियों से भी ज्यादा है।

Layoffs.fyi, जो टेक नौकरियों की छंटनी पर नज़र रखता है, उसने अब तक 2026 में 175 कंपनियों से 117,571 टेक एम्प्लॉईज़ के layoffs रिकॉर्ड किए हैं। अभी ये देखना बाकी है कि सिर्फ AI से चलने वाले फंड मार्केट को बीट कर पाएंगे या नहीं। इसी दौरान, TCS का एजेंट डेवेलपमेंट बताएगा कि हाइब्रिड मॉडल इंडस्ट्रीज में कितना आगे बढ़ सकता है।

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