Coinbase के टॉप एग्जीक्यूटिव्स ने payment stablecoins के बचाव में संगठित तरीके से जवाब दिया। उन्होंने Wall Street Journal के कॉलम का विरोध किया जिसमें ये सवाल किया गया था कि क्या प्राइवेट डोलर डिजिटल करंसी US इकोनॉमी के लिए systemic risk पैदा करती है।
Chief Legal Officer Paul Grewal और Chief Policy Officer Faryar Shirzad – दोनों ने Digital Asset Market Clarity Act का समर्थन किया। उनके बयानों से ये इशारा मिला कि Coinbase की टॉप मैनेजमेंट उस market-structure बिल को लेकर पॉजिटिव है जो फिलहाल Senate में प्रोसेस हो रहा है।
प्राइवेट मनी पर जवाब
Grewal ने stablecoin oversight को एक risk-management का मसला बताया, न कि पब्लिक-वर्ज़ेस-प्राइवेट का डिबेट।
Coinbase के CLO, जो regulatory clarity के लिए पहले भी गवाही दे चुके हैं, उन्होंने डिजिटल डोलर की तुलना प्राइवेट हेल्थकेयर और ट्रांसपोर्टेशन से की। उनका कहना है कि रेग्युलेशन के बेसिक लेवल का ज्यादा महत्व है, इशूअर की बजाय।
“पर्सनल “प्राइवेट” मनी अपने आप में अधिक रिस्की नहीं होती, जैसे हेल्थकेयर या सिक्योरिटी या ट्रांसपोर्टेशन जो प्राइवेट है। असलियत यह है कि उस रिस्क को कैसे मैनेज करते हैं और एक्सेस व oversight कैसे होती है, यही जरूरी है। CLARITY इसे प्रमोट करता है,” Grewal ने कहा।
Shirzad ने इस तर्क को आगे बढ़ाते हुए अपने Coinbase पॉलिसी रिस्पॉन्स में बताया कि लगभग 90% M2 पहले ही प्राइवेट इश्यूड इंस्ट्रुमेंट्स में है।
इसमें कमर्शियल बैंक डिपॉजिट्स और मनी मार्केट फंड शेयर्स शामिल हैं।
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GENIUS बैंक नियमों से अलग क्यों है
GENIUS stablecoin framework, जो पिछले जुलाई में साइन हुआ था, इसमें पेमेंट इशूअर को कैश और शॉर्ट-डेटेड US Treasuries होल्ड करना जरूरी है। रिजर्व्स को outstanding टोकन्स पर वन-टू-वन बेसिस पर बैक करना आवश्यक है।
इस नियम में outright लोन, leverage और फ्रैक्शनल रिजर्व्स पर पाबंदी है। Shirzad के मुताबिक बैंक-स्टाइल supervision असली रिस्क प्रोफाइल को मिस कर देगा।
कमर्शियल बैंक अपना रेग्युलेशन इसीलिए पाते हैं क्योंकि वो लेंडिंग, maturity transformation और 10-टू-1 leverage करते हैं। जबकि stablecoin इशूअर्स कानूनन ऐसा नहीं कर सकते।
उन्होंने मंथली रिजर्व अटेस्टेशन और रियल-टाइम ऑन-चेन विजिबिलिटी की बात भी की। उनके मुताबिक ये framework ऐसी ट्रांसपेरेंसी देता है जो बैंक डिपॉजिट्स नहीं दे सकते।
पॉलिटिकल सिग्नल
यह समर्थन ऐसे समय आया है जब सीनेट बैंकिंग CLARITY वोट इस बिल को फुल फ्लोर टेस्ट की ओर ले जा रहा है। मार्केट Grewal के स्टैंड को एक राजनीतिक संकेत के रूप में देख रही है।
इस स्टेज पर इंडस्ट्री का समर्थन, stablecoin पर यील्ड और मार्केट-स्ट्रक्चर नियमों की फाइनल भाषा तय कर सकता है। CLARITY के पास होने के लिए मिडटर्म्स से पहले सिर्फ दो विंडो बची हैं।
अब सवाल यह है कि क्या Senate अपनी वर्शन को House पास्ड बिल के साथ मिलाकर ला पाएगा। नवंबर में विधायी समय की विंडो क्लोज हो जाएगी।









