Intel का स्टॉक (INTC) मंगलवार को 9.5% तक बढ़ गया, जब एक सप्लाई चेन रिपोर्ट में बताया गया कि कंपनी अक्टूबर की शुरुआत में पर्सनल कंप्यूटर प्रोसेसर की कीमतें लगभग 10% बढ़ाने जा रही है।
इस कदम के कारण US सरकार की 9.9% Intel होल्डिंग की वैल्यू करीब $36 बिलियन के पेपर गेन पर पहुंच गई। वॉशिंगटन ने यह स्टेक अगस्त 2025 में खरीदी थी।
कीमत बढ़ने से Intel का स्टॉक ऊपर क्यों गया?
आम तौर पर कीमतें बढ़ना बुरी खबर मानी जाती है, क्योंकि इससे खरीदार कम हो सकते हैं। लेकिन इनवेस्टर्स ने इस बार इसे अलग तरीके से देखा।
इनवेस्टर्स ने मान लिया कि Intel अब हर चिप पर प्रॉफिट डिफेंड करेगा, न कि बस सेल वॉल्यूम के पीछे भागेगा। Chief Executive Lip-Bu Tan 2025 के अंत से ही कम मार्जिन वाले प्रोडक्ट लाइन काट रहे हैं। Intel ने अभी तक कीमत बढ़ने का टाइम या कौनसी चिप्स इन्फ्लुएंस होंगी, इसकी पुष्टि नहीं की है।
Northland Securities ने भी मंगलवार को Intel का रेटिंग Market Perform से बढ़ाकर Outperform किया, और $120 का प्राइस टारगेट रखा। फर्म ने टर्नअराउंड प्रोग्रेस, सर्वर प्रोसेसर की कमी और Musk के Terafab चिप प्रोजेक्ट को वजह बताया है।
Washington की हिस्सेदारी और एक फाउंड्री उपलब्धि
अगस्त 2025 में हुए एक समझौते के तहत, US सरकार ने Intel के 433.3 मिलियन शेयर खरीदने के लिए $8.9 बिलियन चुकाए। उस समय एक शेयर की कीमत $20.47 थी, जो कंपनी की 9.9% हिस्सेदारी के बराबर है।
अब एक शेयर की कीमत करीब $105 है, तो यह स्टेक लगभग $45.5 बिलियन की हो गई है। इसमें अब तक का अनरिअलाइज्ड गेन करीब $36.6 बिलियन है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह हिस्सेदारी इससे भी ज्यादा हो चुकी है। BeInCrypto ने मई में रिपोर्ट किया था कि एक Apple चिप डील के बाद कागजी मुनाफा $47.6 बिलियन तक पहुंच गया था। तब से Intel अपने समर पीक से गिर चुका है। President Trump ने बार-बार Intel के गेन को सोशल मीडिया पर प्रमोट किया है।
Intel और ASML ने अलग-अलग बताया है कि Intel ने अपने High-NA extreme ultraviolet (EUV) मशीनों के जरिए एक मिलियन से ज्यादा silicon वेफर प्रोसेस किए हैं। वेफर वो डिस्क होती हैं जिनसे चिप्स काटी जाती हैं। ये मशीनें लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती हैं, जिससे वेफर पर सर्किट पैटर्न प्रिंट किए जाते हैं।
इस गिनती में टेस्टिंग, रिसर्च और प्रोडक्शन – सभी शामिल हैं। Intel ने अभी तक अक्टूबर में होने वाली प्राइस बढ़ोतरी की पुष्टि नहीं की है। कंप्यूटर बनाने वाली कंपनियां ये मार्जिन खुद झेलेंगी या कीमतें बढ़ाएंगी, इसका पता तीसरी तिमाही के नतीजों से चलेगा जो अक्टूबर के आखिर में जारी होंगे।









