The Information की एक रिपोर्ट के अनुसार, Kalshi 27 अप्रैल को क्रिप्टोकरेन्सी perpetual futures ट्रेडिंग लॉन्च करने जा रहा है। यह कदम prediction market प्लेटफॉर्म के लिए क्रिप्टो डेरिवेटिव्स में एंट्री होगी।
कंपनी, जिसकी वैल्यू $11 बिलियन है, ने एक mysterious LinkedIn वीडियो के जरिए इस प्रोडक्ट का टीज़र रिलीज किया। वीडियो में एक घूमता हुआ टोरस शेप दिखाई देता है, जिसके साथ “Timeless” लिखा हुआ है और 27 अप्रैल लॉन्च डेट New York City में दी गई है।
Kalshi Perpetual Futures ट्रेडर्स के लिए क्या मायने रखते हैं
Perpetual futures ट्रेडर्स को किसी भी एसेट की प्राइस पर speculation करने का मौका देते हैं, बिना उस टोकन को खरीदे। ट्रेडिशनल futures के मुकाबले, इन कॉन्ट्रैक्ट्स की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती।
पोजीशन्स अनिश्चित काल तक ओपन रह सकती हैं, और एक funding rate प्राइस को स्पॉट मार्केट्स के साथ अलाइन रखता है।
प्रोडक्ट का नाम बिल्कुल सटीक सिग्नल देता है। “Timeless” ऐसा कॉन्ट्रैक्ट दिखाता है जो लगातार चलता रहेगा, किसी फिक्स्ड डेट पर सैटल होने की बजाय।
John Wang, Kalshi के Head of Crypto, ने अगस्त 2025 में कहा था कि perpetual futures और prediction markets फंक्शनल रूप से एक जैसे होते जा रहे हैं।
यह क्यों जरूरी है
Perpetuals फिलहाल क्रिप्टो ट्रेडिंग में सबसे ज्यादा वॉल्यूम वाला प्रोडक्ट हैं। US रेग्युलेटेड वर्जन भी तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं, जिसमें हाल ही में Cboe ने Bitcoin और Ether के perpetual futures लॉन्च किए।
Prediction market ट्रांजैक्शन्स ने मार्च 2026 में रिकॉर्ड 192 मिलियन का आंकड़ा छू लिया।
Perpetual futures की मेकैनिक्स को prediction market की इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़कर Kalshi इंस्टिट्यूशनल ट्रेडर्स को आकर्षित कर सकता है। यह मॉडल event-based बाइनरी कॉन्ट्रैक्ट्स के बजाय ट्रेडर्स को continuous exposure ऑफर करता है।
यह प्लेटफॉर्म CFTC की निगरानी में ऑपरेट करता है, जिससे इसे ऑफशोर प्रतियोगियों के मुकाबले रेग्युलेटरी एडवांटेज मिल सकता है। परपेचुअल कॉन्ट्रैक्ट जोड़ने से लिक्विडिटी लगातार इकट्ठा हो सकेगी, न कि हर बार इवेंट कॉन्ट्रैक्ट सॉल्व होते ही बिखर जाएगी।
इस प्रोडक्ट का पूरा दायरा 27 अप्रैल को साफ हो जाएगा।





