Peter Schiff का कहना है कि वह Bitcoin (BTC) से काफी पैसा कमा सकते थे। लेकिन वो जोर देते हैं कि Bitcoin HODLers ने सेल करने से मना करके इससे भी ज्यादा पैसा टेबल पर ही छोड़ दिया।
Schiff ने यह बात अपनी ही पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए कही जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और Bitcoin को लेकर वो बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि AI, Bitcoin को बूस्ट देने के बजाय उससे ज्यादा बड़ा खतरा बनकर सामने आ सकता है।
Schiff ने अपने Bitcoin ट्रैक रिकॉर्ड का किया बचाव
Schiff का कहना है कि उन्होंने पिछले करीब पांच साल से Bitcoin को स्किप किया है और उन्हें इसका कोई पछतावा नहीं है। उनका मानना है कि मार्केट से बाहर रहकर वो Bitcoin HODLers से आगे निकल गए हैं, जबकि HODLers हर प्राइस मूवमेंट को नजरअंदाज कर बस खरीद और होल्ड करते हैं।
हां, मैं Bitcoin से बहुत पैसा कमा सकता था। लेकिन वो कहानी अब पुरानी हो चुकी है। पिछले करीब पांच सालों में मेरे लिए Bitcoin न रखना ही बेहतर साबित हुआ है। असल में, Bitcoin HODLers ने सेल ना करके बहुत सारा पैसा मौका गंवा दिया!
हालांकि, Schiff का Bitcoin को लेकर शक कोई नई बात नहीं है। वह कई बार Bitcoin की रैली को सेल का मौका मानते रहे हैं, ना कि खरीदने का सिग्नल। इतिहास में Schiff ने Bitcoin के स्ट्रगल्स का हवाला देकर गोल्ड को एक सुरक्षित स्टोर ऑफ वैल्यू की तरह प्रमोट किया है।
AI बनाम Bitcoin डिबेट तेज़
अपनी ओरिजिनल पोस्ट में Schiff ने कहा कि AI, Bitcoin के साथ स्पेक्युलेटिव कैपिटल, बिजली और डेटा सेंटर स्पेस के लिए कॉम्पिटीशन कर रहा है। उन्होंने ये भी वॉर्निंग दी कि AI आने वाले समय में शायद Bitcoin के कोड या क्रिप्टोग्राफी में वो खामियां ढूंढ सकेगा जो इंसान मिस कर चुके हैं।
इस बीच, AI का बढ़ता इम्पैक्ट पहले से ही क्रिप्टो मार्केट्स को अलग-अलग तरीके से शेप कर रहा है। BeInCrypto ने रिपोर्ट किया है कि AI-ड्रिवन मंदी का प्रेशर पिछले कुछ महीनों में Bitcoin को एक रेंज में बनाए रखने में मदद कर रहा है।
अभी ये क्लियर नहीं है कि AI वाकई में Bitcoin की सिक्योरिटी के लिए कोई असली रिस्क है या नहीं। इसी के साथ ये बहस क्रिप्टो की सबसे पुरानी राइवलरी में और ज़्यादा ताजगी ला रही है।











