Google के CEO Sundar Pichai ने कहा है कि पर्सनलाइज्ड AI एजेंट्स लोगों के दैनिक कामों को मैनेज करने का तरीका बदल देंगे। उन्होंने इस टेक्नोलॉजी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एडॉप्शन का अगला बड़ा फेज बताया है।
Pichai ने Time मैगज़ीन को बताया कि ये एजेंट्स ईमेल triage, शेड्यूलिंग और पर्सनल इंटरेस्ट्स की लगातार मॉनिटरिंग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि Google की इंटरनल टीमें सालों से agentic AI पर काम कर रही हैं।
Pichai का AI एजेंट वर्कफ्लो दिखाता है Google की दिशा
Pichai ने बताया कि वह एग्जीक्यूटिव मीटिंग्स से पहले Gemini से क्वेरी करते हैं ताकि सामने वाले की सोच का अंदाजा लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि पहले जो फैसले लेने में कई दिन लग जाते थे, अब वही सेकंड्स में हो जाते हैं।
CEO ने कहा कि इन टूल्स की वजह से उनकी कोडिंग में प्रोडक्टिविटी बढ़ी है। उनका मानना है कि प्रॉम्प्ट-ड्रिवन वर्कफ्लो से हाई वैल्यू टास्क के लिए समय बचता है।
ऐसे एजेंटिक टूल्स Google के एग्जीक्यूटिव वर्कफ्लो का अहम हिस्सा बन गए हैं।
“यह बस एक कमांड या एक प्रॉम्प्ट दूर है,” उन्होंने कहा।
Gemma 4 रिलीज़ और ओपन सोर्स पुश के बाद आए कमेंट्स
यह इंटरव्यू Google के 2 अप्रैल को Gemma 4 रिलीज़ के कुछ दिन बाद ही आया है। ओपन-सोर्स मल्टीमॉडल मॉडल्स की यह फैमिली Apache 2.0 के तहत पब्लिश की गई है।
लॉन्च में ऐसे वेरिएंट्स शामिल हैं जो edge डिवाइसेस से लेकर 31 बिलियन पैरामीटर वाले dense मॉडल तक जाते हैं। हर मॉडल का टार्गेट अलग deployment scenario है — फोन से लेकर क्लाउड डेटा सेंटर्स तक।
Pichai ने इस रिलीज़ को यह दिखाने के लिए बताया कि कोई भी एक कंपनी अकेले AI नहीं बना सकती। उन्होंने एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर, साइबरसिक्योरिटी, डीपफेक डिटेक्शन और वर्कफोर्स रिस्किलिंग को Google के लिए तुरंत ध्यान देने वाली policy priorities के तौर पर बताया।
ये कमेंट्स ऐसे वक्त पर आए हैं जब AI एजेंट्स 2026 तक 9,000 से ज्यादा टेक जॉब्स में कटौती करवा चुके हैं। साथ ही, क्रिप्टो टीमें ऑटोनोमस एजेंट्स की आइडेंटिटी लेयर बनाने की रेस में भी हैं ताकि वे फाइनेंशियल rails के साथ seamlessly इंटरैक्ट कर सकें।
Pichai का कहना है कि Google इस बदलाव को अपनाने की प्लानिंग कर रहा है, न कि इसकी लीड किसी और को देने की। पर्सनलाइज्ड एजेंट एरा का उनका टाइमलाइन इंडस्ट्री की सहमति से कहीं छोटा है।





