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DDSC ने UAE की exchanges पर रेग्युलेटेड Dirham stablecoin लॉन्च किया

  • DDSC को Central Bank से approval मिला, अब चुनी गई VARA-regulated exchange platforms के साथ कर सकेगा पार्टनरशिप
  • IHC, First Abu Dhabi Bank और Sirius International Holding की साझेदारी में UAE dirham-backed stablecoin लॉन्च हुआ, ADI Chain पर settlement
  • approval मिलने से DDSC अब institutional settlement से बढ़कर regulated access के साथ रिटेल, merchant और business payments में भी शुरू

स्टेबलकॉइन निस्संदेह डिजिटल फाइनेंस में सबसे मुख्य ऑपरेटिंग एसेट्स हैं। Visa के स्टेबलकॉइन एनालिटिक्स डैशबोर्ड ने दिखाया कि पिछले 12 महीनों में कुल लेनदेन वॉल्यूम $51 ट्रिलियन से ज्यादा रहा।

वहीं, TRM Labs ने अनुमान लगाया है कि 2025 में स्टेबलकॉइन सभी ऑन-चेन क्रिप्टो ट्रांजैक्शन वॉल्यूम का 30% होंगे। इस एक एसेट कैटेगरी के जरिए करीब एक-तिहाई ट्रैक्ड क्रिप्टो वैल्यू मूवमेंट हुआ है, जबकि बाकी हिस्सा Bitcoin और दूसरे सभी altcoins का रहा।

आज लगभग हर ब्लॉकचेन एक्टिविटी डॉलर-पेग्ड एसेट्स के जरिए ही होती है, चाहे वो ट्रेडिंग हो, ट्रेजरी मूवमेंट या क्रॉस-बॉर्डर सेटलमेंट। 

तो, स्टेबलकॉइन सबसे तेज़ ग्रोथ करने वाली एसेट क्लास मानी जा रही है। अब आगे क्या? हर फाइनेंशियल प्रोडक्ट की तरह, सबसे जरूरी है एडॉप्शन। और ये तभी मुमकिन है जब स्थानीय करेंसी सेटलमेंट, रेग्युलेटेड एक्सेस और पैमेंट यूज़ केसेज़ को नेशनल इकॉनॉमी से जोड़कर पेश किया जाए।

UAE में ये सब पहले से हो रहा है।  

UAE का फाइनेंशियल फ्यूचर स्टेबलकॉइन पर चल रहा है

Chainalysis ने अनुमान लगाया कि देश ने 2024 से 2025 की रिपोर्टिंग विंडो में $56 बिलियन से ज्यादा क्रिप्टो वैल्यू रिसीव की है, जो साल दर साल 33% की बढ़ोतरी है। इसमें इंस्टीट्यूशनल ट्रांसफर का बड़ा रोल रहा है और मर्चेंट सर्विसेज़ छोटे रिटेल ट्रांजैक्शन साइजेज़ में भी लगातार बढ़ रहे हैं।

3 जुलाई, 2026 को International Holding Company, First Abu Dhabi Bank और Sirius International Holding द्वारा डिवेलप्ड UAE दिरहम-समर्थित स्टेबलकॉइन DDSC को UAE के सेंट्रल बैंक से approval मिला है जिससे वो Dubai की Virtual Assets Regulatory Authority द्वारा रेग्युलेटेड चुनिंदा exchange प्लेटफार्म्स के साथ पार्टनरशिप कर सकते हैं। 

यह approval DDSC को इंस्टीट्यूशनल सेटलमेंट से वाइडर मार्केट एक्सेस की रेग्युलेटेड राह देता है। इसकी मदद से यूज़र्स एक कंप्लायंट exchange चैनल के जरिए दिरहम-बैक्ड स्टेबलकॉइन को एक्सेस, खरीद और रिडीम कर सकते हैं।

UAE स्टेबलकॉइन एडॉप्शन आंकड़े
UAE स्टेबलकॉइन एडॉप्शन आंकड़े

डॉलर-डोमिनेटेड मार्केट के लिए दिरहम स्टेबलकॉइन

आज ज्यादातर स्टेबलकॉइन liquidity US डॉलर से जुड़ी हुई है। इससे ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट्स को गहरी liquidity और एक जानी-पहचानी settlement करंसी मिलती है, जबकि घरेलू पेमेंट उपयोग के लिए अभी भी conversion, exchange एक्सेस और बैंकिंग तालमेल की जरूरत पड़ती है।

DDSC यूएई की अपनी मौद्रिक प्रणाली में एक स्थानीय-करेंसी विकल्प लाता है। यह टोकन ADI Chain पर 1:1 यूएई दिरहम से पेग्ड है, जिससे यूज़र्स को एक डिजिटल एसेट AED में मिलती है और उन्हें लोकल कॉमर्स में डॉलर यूनिट्स का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है।

यह फर्क पेमेंट एडॉप्शन के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यूएई के शॉपर्स, मर्चेंट्स, सप्लायर्स और ट्रेजरी टीमें रोज़मर्रा की जरूरतों की प्राइस दिरहम में ही तय करती हैं।

AED में एक स्टेबल एसेट, कीमत और सेटलमेंट को बराबर बनाए रख सकता है, साथ ही ब्लॉकचेन सेटलमेंट की तेजी, प्रोग्रामेबल पेमेंट्स और 24/7 उपलब्धता भी जोड़ सकता है।

यूएई पहले ही इस कैटेगरी के लिए रेग्युलेटरी बेस तैयार कर चुका है:

  • सेंट्रल बैंक की पेमेंट टोकन सर्विसेज रेग्युलेशन ने एक फ्रेमवर्क बनाया है, जिसमें stablecoin से जुड़ी सर्विसेस जैसे इश्यू, कन्वर्शन, कस्टडी और ट्रांसफर शामिल हैं।
  • VARA दुबई में लाइसेंस प्राप्त वर्चुअल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स का पब्लिक रजिस्टर मेंटेन करता है, जिसमें एक्सचेंज सर्विसेस के लिए अधिकृत प्लेटफॉर्म्स भी मौजूद हैं।

DDSC इन दोनों रेग्युलेटरी चैनल्स को जोड़ता है। सेंट्रल बैंक की approval पेमेंट-टोकन साइड को कवर करती है, जबकि VARA-रेग्युलेटेड प्लेटफार्म्स से एक्सेस यूज़र्स को एक जान-पहचान वाला एक्सचेंज रूट देता है।

ट्रेजरी फ्लो से डेली पेमेंट्स तक

DDSC मार्केट में इंस्टिट्यूशनल फोकस के साथ आया था। लॉन्च के बाद से, IHC कहता है कि उसने 150 मिलियन AED से ज्यादा के ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए हैं। मई 2026 में, IHC ने 110 मिलियन AED का DDSC ट्रांजैक्शन ADI Chain पर किया, जिसे रीजन के सबसे बड़े डिस्क्लोज्ड स्टेबलकॉइन ट्रांजैक्शन्स में से एक माना गया।

DDSC हाई-वैल्यू सेटलमेंट को पूरी तरह सपोर्ट कर सकता है। नया approval डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ाता है, जिससे इंडिविजुअल्स, मर्चेंट्स और बिज़नेस रेग्युलेटेड एक्सचेंज प्लेटफॉर्म्स के जरिए इस एसेट को खरीद और रिडीम कर सकते हैं।

DDSC को अब एडॉप्शन का एक पूरा रास्ता मिल जाता है। बड़ी ट्रांजैक्शन्स से सेटलमेंट की क्षमता साबित होती है, जबकि एक्सचेंज उपलब्धता एसेट को डेली कमर्शियल यूज़ में ला सकती है। पहली फेज में सेटलमेंट रेडीनेस दिखाई गई थी, अब अगला फेज लाइसेंस प्राप्त चैनलों के जरिए उपलब्धता पर फोकस करेगा।

VARA-रेग्युलेटेड प्लेटफॉर्म्स और कंप्लायंस कंट्रोल

यह approval चुने गए VARA-रेग्युलेटेड एक्सचेंज प्लेटफार्म्स पर लागू होता है, जिससे DDSC का नियंत्रित rollout लाइसेंस प्राप्त चैनलों के जरिए होता है और एक्सेस UAE के कंप्लायंस फ्रेमवर्क के अनुसार रहता है।

संदर्भ के लिए, VARA दुबई में वर्चुअल एसेट गतिविधियों की निगरानी करता है, सिवाय दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर के। इसके पब्लिक रजिस्टर में लाइसेंस प्राप्त Virtual Asset Service Providers और वो सभी सेवाएं शामिल हैं जो प्रत्येक प्रोवाइडर ऑफर कर सकता है, जैसे कि exchange सर्विसेस, broker-dealer सर्विसेस, कस्टडी, लेंडिंग, और इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट।

वास्तव में, stablecoin पेमेंट्स में redemption कॉन्फिडेंस, merchant settlement, AML कंट्रोल्स, कस्टडी, यूजर एक्सेस और फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन की रिक्वायरमेंट्स जैसे कई पहलू जुड़े होते हैं। रेग्युलेटेड प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए exchange एक्सेस, यूजर्स के लिए इन सभी आवश्यकताओं को एक ऐसे मार्केट स्ट्रक्चर में एक साथ लाता है जिसे वे पहले से समझते हैं।

DDSC का लॉन्च यह भी दिखाता है कि यूएई रेग्युलेटेड पेमेंट टोकन को जनरल क्रिप्टो एसेट्स से अलग कर रहा है। Bitcoin, Ethereum जैसी और वोलाटाइल टोकन्स ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट के लिए बनी रहती हैं, जबकि DDSC जैसे stablecoins को पेमेंट वैल्यू, redemption और settlement के लिए डिज़ाइन किया गया है।

यह बिज़नेस को कीमत तय करने, इनवॉइस, सप्लायर ट्रांसफर और कस्टमर पेमेंट्स के लिए ज्यादा उपयुक्त साधन देता है।

मर्चेंट और बिज़नेस पेमेंट्स का नज़रिया

IHC ने कहा कि यह stablecoin रेग्युलेटेड प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए उपलब्ध होने के बाद रोज़मर्रा के पेमेंट्स को सपोर्ट कर सकता है, जिसमें शॉपर्स द्वारा मर्चेंट्स को पेमेंट, बिज़नेस द्वारा सप्लायर्स को सेटलमेंट और लोगों के बीच ट्रांसफर शामिल हैं।

रिटेल कस्टमर्स को तेज़ पेमेंट्स चाहिए, मर्चेंट्स को प्रिडिक्टेबल सेटलमेंट और बिज़नेस को इनवॉइस, ट्रेजरी, और क्रॉस-बॉर्डर काउंटरपार्टियों में कम ऑपरेशनल फ्रिक्शन चाहिए। इसमें कोई संदेह नहीं है कि stablecoins इन फ्लोज़ को सपोर्ट कर सकते हैं, जब इनमें प्राइस स्टेबिलिटी, भरोसेमंद redemption और रेग्युलेटरी एक्सेप्टेंस मिलता है।

DDSC को AED डिज़िग्नेशन होने से उसे लोकल एडवांटेज मिलता है। UAE का कोई मर्चेंट अगर $ stablecoin एक्सेप्ट करता है, तो अभी भी उसे अकाउंटिंग और FX कन्वर्जन करना पड़ता है। दिरहम-बैक्ड टोकन लोकल प्राइसिंग के लिए ज्यादा नेचरल है, वहीं ऑन-चेन सेटलमेंट बैंकिंग ऑवर्स और प्रोसेसिंग डिलेज को कम कर सकता है।

UAE डिजिटल इकोनॉमी के लिए लोकल करंसी एसेट

UAE पिछले कई सालों से अबू धाबी, दुबई और फेडरल अथॉरिटीज़ में एक रेग्युलेटेड डिजिटल एसेट इकोसिस्टम बना रहा है। DDSC इस इकोसिस्टम में एक लोकल-करेंसी पेमेंट एसेट जोड़ता है, जो बड़े UAE इंस्टिट्यूशंस द्वारा बैक्ड है और सेंट्रल बैंक के पेमेंट-टोकन फ्रेमवर्क के अनुरूप है।

DDSC की ग्रोथ आखिरकार प्लेटफॉर्म की उपलब्धता, मर्चेंट एक्सेप्टेंस, redemption एक्सपीरियंस और बिज़नेस इंटीग्रेशन पर निर्भर करेगी।

फिर भी, Central Bank की approval से, चुनिंदा VARA-रेग्युलेटेड exchange प्लेटफॉर्म्स के साथ पार्टनर होने से यूएई दिरहम को ऑन-चेन फाइनेंस में और आगे ले जाता है और देश के डिजिटल एसेट मार्केट को एक ऐसा रेग्युलेटेड पेमेंट टोकन देता है जो घरेलू इस्तेमाल और भविष्य के रीजनल सेटलमेंट्स के लिए डिज़ाइन किया गया है।


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