Palantir Technologies (PLTR) के CEO Alex Karp ने गुरुवार को CNBC से कहा कि AI सुरक्षा डिबेट में जो सबसे ज़्यादा आवाज़ उठा रहे हैं, वो चुपचाप नेशनलाइजेशन के लिए माहौल बना रहे हैं।
Karp ने कहा कि frontier labs, जैसे Anthropic, अपनी टेक्नोलॉजी के संभावित रिस्क्स को इस्तेमाल करते हुए यह तर्क दे रहे हैं कि गवर्नमेंट को, न कि कोर्ट्स को, इनका fallout संभालना चाहिए।
Karp ने सेफ्टी डिबेट को Liability से जोड़ा
CNBC के “Squawk on the Street” पर बात करते हुए Karp ने कहा कि AI रेग्युलेशन को लेकर जो पब्लिक डिबेट चल रही है, वह असली में oversight को लेकर नहीं है। उनका कहना था कि frontier labs का असली मकसद liability protection पाना है ताकि उनके मॉडल्स से जुड़ी हानि पर होने वाले lawsuits से बचा जा सके।
“मुझे लगता है कि उनका नजरिया है, इन बिज़नेस को नेशनलाइज करना जरूरी है क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया गया, तो मेरे हर क्लाइंट्स मुझे sue कर देंगे।”
Alex Karp, CNBC
Karp के अनुसार, AI builders पर दीवानी (civil) और आपराधिक (criminal) liability, voluntary सेफ्टी pledges से ज्यादा बड़ा कंट्रोलिंग फैक्टर है। उनका मानना है कि कंपनियों को पहले अपने actions की जवाबदेही देनी चाहिए, उसके बाद गवर्नमेंट्स को नए रूल्स लाने चाहिए।
Anthropic के लिए क्या दांव पर लगा है?
Anthropic, एक पब्लिक बेनिफिट कॉरपोरेशन (PBC) के रूप में बनी है। यह एक लीगल फॉर्म है जिसमें कंपनी एक घोषित सोशल मिशन और शेयरहोल्डर्स की अर्निंग दोनों को महत्व देती है। कंपनी ने $65 बिलियन जुटाए थे, जब इसका वैल्यूएशन करीब $965 बिलियन था, और अपनी पब्लिक लिस्टिंग की तैयारी को सीक्रेट रखा था। इससे यह सवाल उठता है कि ये स्ट्रक्चर नेशनलाइजेशन या बड़े लीगल केस में कैसे टिक पाएगा।
Karp की बातें ऐसे वक्त में आई हैं जब दूसरे AI लीडर्स, जिसमें Anthropic के CEO Dario Amodei भी शामिल हैं, frontier development को धीमा करने की मांग कर रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में आई AI स्लोडाउन चेतावनी से मार्केट्स हिल गई थीं।
ये टिप्पणियां President Trump के उस दावे के बाद भी आई हैं, जिसमें उन्होंने AI कंपनियों पर क्रिमिनल पावर रखने की बात कही थी। इससे यह बहस और तेज हो गई है कि जब frontier AI से नुकसान होगा, तो जिम्मेदारी किसकी होगी।
नेशनलाइजेशन कभी होगा या नहीं, यह अभी तय नहीं है। लेकिन Karp की यह राय Anthropic और उसके कंपटीटर्स में निवेश करने वालों के लिए एक अहम और चौंकाने वाला सवाल सामने लाती है, जिसका जवाब अभी मार्केट पूरी तरह तय नहीं कर पाया है।









