Citigroup ने Digital Depositary Receipts लॉन्च किया है, जो एक ब्लॉकचेन-बेस्ड प्रोडक्ट है। इसके जरिए इंस्टिट्यूशनल और अमीर निवेशकों को बैंक द्वारा जारी और संरक्षित सिक्योरिटीज के जरिए प्राइवेट स्टार्टअप शेयरों में निवेश करने का मौका मिलता है।
यह रिसीट्स स्विट्जरलैंड के SIX द्वारा ऑपरेट की जा रही रेग्युलेटेड ब्लॉकचेन इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सेटल होती हैं। Citi ने यह सिस्टम ऐसे डिजाइन किया है कि दूसरे वॉल स्ट्रीट बैंक्स भी इसे अपना सकें, जिससे प्राइवेट मार्केट्स में ट्रेड का तरीका बदल सकता है।
Citi के Digital Depositary Receipts कैसे काम करते हैं
अब तक डिपॉजिटरी रिसीट्स ने निवेशकों को बैंक द्वारा जारी सर्टिफिकेट्स के जरिए विदेशी स्टॉक्स होल्ड करने की सुविधा दी है।
WSJ की रिपोर्ट के अनुसार, Citi ने अब इस मॉडल को प्राइवेट मार्केट्स के लिए एडॉप्ट किया है। इसकी इश्यूअंस SIX Digital Exchange (SDX) प्लेटफॉर्म पर रिकॉर्ड की जाती है।
खरीदारों को सीधे इक्विटी की बजाय Citi द्वारा जारी की गई सिक्योरिटी मिलती है। वहीं, कई बार स्पेशल-पर्पस व्हीकल्स और ऑफशोर pre-IPO टोकन मॉडल्स में निवेशकों को यह विश्वास नहीं रहता कि वह असल में क्या होल्ड कर रहे हैं।
Artem Korenyuk, Citi के ग्लोबल डिजिटल एसेट्स क्लाइंट सॉल्यूशंस लीड, ने इन रिसीट्स को ज्यादा क्लियर रास्ता बताया।
“यह एक बहुत क्लियर अल्टरनेटिव मॉडल है।”
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पहला ट्रांजेक्शन Citi के वेल्थ क्लाइंट्स के जरिए हुआ, जिसमें उन्होंने Kaleido में इन्वेस्ट किया, जो Citi Ventures द्वारा सपोर्टेड एक टोकनाइजेशन प्लेटफॉर्म है।
शुरुआत में एक्सेस नॉन-US निवेशकों को ही मिलेगा, जिसमें ट्रांजेक्शन और मेंटेनेंस फीस शामिल हैं। US निवेशकों के लिए फ्यूचर में प्लान किया गया है।
इस बीच बैंक का कहना है कि वो कुछ बड़े प्राइवेट कंपनियों से बातचीत कर रहा है।
प्राइवेट स्टार्टअप शेयर मेनस्ट्रीम पोर्टफोलियोज़ के करीब पहुंचे
यह लॉन्च Citi की मई 2025 में SDX के साथ हुई पार्टनरशिप का विस्तार है, जिसमें बैंक late-stage pre-IPO इक्विटी के लिए कस्टोडियन और टोकनाइजेशन एजेंट बना था।
Sygnum और SBI Digital Markets इन एसेट्स को यूरोप और एशिया के क्लाइंट्स को डिस्ट्रीब्यूट करते हैं।
इसकी डिमांड का एक खास कारण है। SpaceX और Anthropic जैसी कंपनियां पब्लिक होने में देरी कर रही हैं, जिससे निवेशक टोकनाइज्ड SpaceX शेयर जैसे प्रोडक्ट्स में इन्वेस्ट कर रहे हैं।
Citi की खुद की रिसर्च के मुताबिक, 2030 तक प्राइवेट मार्केट्स में टोकनाइजेशन 80 गुना तक बढ़ने का अनुमान है।
Bitwise के Chief Investment Officer Matt Hougan का कहना है कि यह लॉन्च दिखाता है कि इन्वेस्टर्स पब्लिक होने की बाधाओं को बायपास कर रहे हैं।
“यह देखना कमाल का है कि कैपिटल मार्केट्स खुद को ठीक कर रहे हैं। रेग्युलेटर्स और वकीलों ने पब्लिक होना मुश्किल बना दिया, इसलिए कंपनियां अब ज्यादा समय तक प्राइवेट रह रही हैं। लेकिन इन्वेस्टर्स को हमेशा रोका नहीं जा सकता, और अब वो ब्लॉकचेन के जरिए सॉल्यूशन खोज रहे हैं,” Hougan ने कहा।
हालांकि, Chad Steingraber समेत कई कमेंटेटर्स ने इशारा किया कि फिलहाल एक्सेस सिर्फ अमीर और इंस्टीट्यूशनल क्लाइंट्स तक ही सीमित है, रिटेल इन्वेस्टर्स अभी भी बाहर हैं।
Citi, JPMorgan, और अन्य US बैंक भी 2027 के लिए एक साझा टोकनाइज्ड डिपॉज़िट नेटवर्क प्लान कर रहे हैं, जिससे यही सेटलमेंट पुश और गहरा होगा।
जो सबसे बड़े प्राइवेट इश्यूअर्स अपने शेयर्स को इस प्रोग्राम के लिए अधिकृत करेंगे, वे तय करेंगे कि RWA टोकनाइजेशन डिबेट पायलट से असली स्केल तक जाएगी या नहीं।









