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Google क्यों Florida में 32 मिलियन मच्छर छोड़ना चाहता है

  • Google की Debug प्रोग्राम फ्लोरिडा में 32 मिलियन bacteria-infected मच्छर छोड़ने की तैयारी
  • यह इनिशिएटिव AI sex-sorting और रोबोटिक्स की मदद से बाँझ male मच्छरों का प्रोडक्शन और डिप्लॉयमेंट करता है
  • EPA पर पब्लिक कमेंट्स की समय सीमा 5 जून, रेग्युलेटर्स के फैसले से पहले

Google की Debug पहल ने US Environmental Protection Agency से फ्लोरिडा में दो सालों के दौरान 32 मिलियन Wolbachia-ट्रीटेड मेल मच्छर छोड़ने की अनुमित मांगी है।

यह प्रस्ताव EPA डॉकेट EPA-HQ-OPP-2025-3951 के तहत है। पब्लिक कमेंट पीरियड 5 जून को बंद हो जाएगा, जिसके बाद एजेंसी तय करेगी कि इस टेस्ट को मंजूरी दी जाए, इनकार किया जाए, या कोई शर्तें लगाई जाएं।

यह एप्लिकेशन Google LLC की बड़े पैमाने की एक्सपेरिमेंटल-यूज़ रिक्वेस्ट का हिस्सा है। इसमें कैलिफ़ोर्निया के लिए भी इसी तरह की रिलीज़ प्लान शामिल है।

फ्लोरिडा में, Google पहले साल में 16 मिलियन मेल मच्छर छोड़ने की और दूसरे साल में भी 16 मिलियन मेल मच्छर रिलीज़ करने का प्रस्ताव रखता है। इसी एप्लिकेशन के तहत कैलिफ़ोर्निया में भी अधिकतम इतनी ही संख्या रिलीज़ की जाएगी।

2024 में मानव मौतों के हिसाब से दुनिया के सबसे घातक जानवर
2024 के अनुसार वार्षिक मानव मौतों के हिसाब से दुनियाभर में सबसे घातक जानवर। स्रोत: Statista

Google की EPA फाइलिंग में क्या शामिल है

EPA नोटिस ने जिन मच्छरों की पहचान की है वह मेल Culex quinquefasciatus हैं, जो Wolbachia pipientis wAlbB ले जाते हैं।

Culex quinquefasciatus, जिसे अक्सर southern house मच्छर भी कहते हैं, मच्छर जनित बीमारियों के फैलाव से जुड़ा है, जिसमें West Nile virus शामिल है। 

फ्लोरिडा टेस्ट से Google को फील्ड डेटा इकट्ठा करने में मदद मिलेगी, जिससे भविष्य में फेडरल कीटनाशक कानून के तहत प्रोडक्ट रजिस्ट्रेशन की संभावना बनेगी।

यहाँ “pesticide” शब्द थोड़ा कन्फ्यूज़िंग हो सकता है। इस मामले में EPA Wolbachia को बायोलॉजिकल कंट्रोल मैथड के रूप में रिव्यू कर रही है क्योंकि इसका इस्तेमाल कीट आबादी को कंट्रोल करने के लिए हो रहा है।

इसी वजह से यह प्रस्ताव रेग्युलेटेड फील्ड टेस्ट बन जाता है, भले ही इसमें पारंपरिक केमिकल स्प्रेइंग शामिल नहीं है।

Debug की Wolbachia टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है

Debug मेल मच्छरों का उपयोग करती है जिनके अंदर Wolbachia नामक बैक्टीरिया मौजूद होता है, जो कई कीट प्रजातियों में प्राकृतिक रूप से मिलता है।

जब ये ट्रीटेड मेल मच्छर जंगली फीमेल मच्छरों से मिलते हैं, जिनमें वही Wolbachia स्ट्रेन नहीं होता, तो उनके अंडे नहीं फूटते। बार-बार रिलीज़ करने से लोकल मच्छर आबादी धीरे-धीरे कम हो सकती है।

सिर्फ मेल मच्छर ही छोड़े जाते हैं। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि मेल मच्छर न काटते हैं और न ही बीमारियां फैलाते हैं।

सबसे मुश्किल हिस्सा है इंडस्ट्रियल लेवल पर मेल और फीमेल मच्छरों को अलग करना। Debug आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन की मदद से मच्छरों को लिंग के हिसाब से अलग करता है, बड़ी संख्या में उन्हें तैयार करता है और टारगेट एरियाज़ में छोड़ता है।

यहीं पर Google की भूमिका अहम हो जाती है। यह प्रोजेक्ट सिर्फ मच्छरों की बायोलॉजी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सॉफ्टवेयर, रोबोटिक्स, AI-बेस्ड सोर्टिंग और फील्ड लॉजिस्टिक्स की भी जरूरत होती है।

इस आइडिया का रियल-वर्ल्ड उदाहरण सिंगापुर में है

Debug का सबसे मजबूत रियल-वर्ल्ड रेफरेंस पॉइंट सिंगापुर है।

2018 से Debug, सिंगापुर की National Environment Agency के साथ मिलकर Project Wolbachia पर काम कर रहा है। इस प्रोग्राम में Wolbachia कैरी करने वाले मेल मच्छरों का इस्तेमाल होता है ताकि Aedes aegypti को कंट्रोल किया जा सके, जो सिंगापुर में डेंगू का मुख्य वाहक है।

सिंगापुर के नतीजे काफ़ी असरदार रहे हैं। प्रोग्राम के ऑफिशियल डाटा के मुताबिक, ट्रीटेड इलाकों में Aedes aegypti की आबादी में 80% से 90% तक गिरावट आई है और लगातार रिलीज के बाद निवासियों में डेंगू का रिस्क 70% से ज्यादा कम हुआ है।

Debug ने अपने Singapore साइट को पहला इंटरनेशनल रिसर्च और डेवलपमेंट हब भी बनाया है। यह फैसिलिटी अब AI-बेस्ड सेक्स सोर्टिंग, रोबोटिक्स और बड़े पैमाने पर मच्छर प्रोडक्शन को सपोर्ट करती है।

कंपनी के मुताबिक, सिंगापुर में हर हफ्ते 1 करोड़ से ज्यादा मेल Wolbachia मच्छर रिलीज किए जा रहे हैं।

AI अब पब्लिक हेल्थ फील्ड वर्क में भी आ रहा है

Florida की एप्लिकेशन यह दिखाती है कि AI अब सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स से आगे बढ़कर बायोलॉजिकल फील्ड ऑपरेशन्स में भी इस्तेमाल हो रहा है

Debug का सिस्टम AI का इस्तेमाल करता है ताकि एक प्रैक्टिकल समस्या सुलझाई जा सके: मच्छरों को सही और तेज़ी से अलग करना ताकि उनको बड़े पैमाने पर रिलीज किया जा सके। बिना इसके, Wolbachia प्रोग्राम्स को सुरक्षित तरीके से बड़े स्केल पर लागू नहीं किया जा सकता।

ऑटोमेशन से कंसिस्टेंसी भी मिलती है। बड़े मच्छर कंट्रोल प्रोग्राम्स के लिए जरूरी है प्रेडिक्टेबल प्रोडक्शन, भरोसेमंद सेक्स सेपरेशन और रेगुलर रिलीज पैटर्न नेबरहुड्स में।

यही वजह है कि यह प्रपोज़ल आज के एक बड़े ट्रेंड का हिस्सा है। अब AI का इस्तेमाल एग्रीकल्चर से लेकर पब्लिक हेल्थ तक फिजिकल-वर्ल्ड सिस्टम्स संभालने में किया जा रहा है।

आगे क्या होगा?

EPA, 5 जून की डेडलाइन के बाद पब्लिक कमेंट्स की समीक्षा करेगा।

अगर एजेंसी परमिट को मंजूरी देती है, तो Google को फ्लोरिडा और कैलिफोर्निया में फेडरल कंडीशंस के तहत दो साल का फील्ड टेस्ट शुरू करने की इजाजत मिल सकती है। अगर EPA रिक्वेस्ट को डिनाई करता है, तो कंपनी को ट्रायल को नया रूप देना या छोड़ना पड़ सकता है।

अगर फैसला पॉजिटिव हुआ तो Debug को इस तरह के मच्छर कंट्रोल प्रोग्राम के लिए US में पहली बार बड़े पैमाने की रेग्युलेटरी मंजूरी मिल सकती है।

यह फैसला यह भी तय करेगा कि US में भविष्य की बायोलॉजिकल इंटरवेंशन्स की समीक्षा कैसे होगी, खासकर जब मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है और शहर केमिकल कंट्रोल के विकल्प खोज रहे हैं।

फिलहाल, यह फैसला EPA के पास है।


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