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क्या AI अमेरिका की अगली 9/11-जैसी Blind Spot बन सकती है? House Intel को शक

  • House Intelligence रिपोर्ट ने AI को सबसे बड़ी नई चुनौतियों में बताया
  • गवाह Benjamin Buchanan बोले, AI जितनी तेजी से बढ़ रहा है, उतनी तेजी से US संस्थाएं खुद को ढाल नहीं पा रहीं
  • रिपोर्ट के मुताबिक, AI की ताकत बढ़ने से साइबरअटैक और तेज़ हो सकते हैं

हाउस इंटेलिजेंस कमिटी की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी के सामने उभरती सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियों में से एक है।

यह चेतावनी कमिटी की 9/11 कमीशन रिपोर्ट के 25 साल के रिव्यू में दी गई है, जिसे सालगिरह से पहले पोस्ट किया गया।

9/11 फ्रेमवर्क क्यों पुराना हो चुका है

2004 की कमीशन ने अपनी सिफारिशें विदेशी आतंकवादी नेटवर्क्स के इर्द-गिर्द बनाई थीं। इन्हीं सिफारिशों के कारण Office of the Director of National Intelligence और National Counterterrorism Center बनाए गए।

नई रिपोर्ट में कहा गया है कि अब इंटेलिजेंस चैलेंज सिर्फ काउंटरटेररिज्म कोऑर्डिनेशन तक सीमित नहीं रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अब खतरों का ओवरलैप हो रहा है, क्योंकि विरोधी साइबर ऑपरेशन, इन्फ्लूएंस कैंपेन और इकोनॉमिक प्रेशर को मिलाकर हमले करते हैं।

Benjamin Buchanan, Johns Hopkins School of Advanced International Studies में पढ़ाते हैं। अपनी गवाही में उन्होंने कहा कि AI एक जानी-पहचानी समस्या खड़ी करता है।

“9/11 कमीशन ने यह मशहूर कहा था कि उन हमलों ने imagination की कमी दिखाई। सरकार के लिए ऐसी धमकी को गंभीरता से लेना मुश्किल था, जो उनकी कैटेगरी में नहीं आती थी और जो जानकारियाँ अलग-अलग विभागों में बंटी हुई थीं, उन्हें जोड़ नहीं पाए जिससे बड़ा स्ट्रेटेजिक सरप्राइज़ मिला। 25 साल बाद, AI भी इसी तरह की एक चुनौती पेश करता है,” उन्होंने कहा

Buchanan ने यह भी जोड़ा कि टेक्नोलॉजिकल प्रगति इंस्टीट्यूशन की बदलाव की क्षमता से आगे निकल चुकी है।

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रिपोर्ट कहाँ देखती है AI खतरा

रिपोर्ट का कहना है कि जैसे-जैसे AI इम्प्रूव होगा, साइबरअटैक्स तेज़ होंगे। Buchanan ने बताया कि AI से साइबर टूल्स और तेज साथ ही पावरफुल बन गए हैं, चाहे वह डिफेंसिव हों या ऑफेंसिव।

प्राइवेट इंडस्ट्री ने भी कुछ दिन पहले ऐसी ही चेतावनी दी थी। OpenAI और 100 से ज्यादा कंपनियों ने एक ओपन लेटर साइन किया जिसमें चेताया गया कि AI से चलने वाले हमले कुछ महीनों में फैल सकते हैं। Five Eyes एजेंसियों ने भी जून स्टेटमेंट में यही बात कही

बायोटेक्नोलॉजी अपने आप में अलग चिंता का विषय है। पूर्व नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर H.R. McMaster ने चेताया कि बायोलॉजिकल रिसर्च के साथ AI के जुड़ने से ड्यूल-यूज़ रिस्क बढ़ता है।

फॉरेन इन्फ्लूएंस तीसरा बड़ा एरिया है। रिव्यू के को-चेयर Rep. Josh Gottheimer ने Iran, China और Russia का नाम लिया। उन्होंने कहा कि 2023 से ये देश अमेरिका के खिलाफ सीक्रेट ऑपरेशन चला रहे हैं।

“AI इन सभी को सुपरचार्ज कर देता है। अब एक विरोधी अकेला ही नकली आवाज़, नकली वीडियो और लाखों नकली मैसेज जनरेट कर सकता है,” उन्होंने जोड़ा।

इस रिपोर्ट में पब्लिक रिपोर्टिंग का हवाला भी दिया गया है, जिसमें AI डेटा सेंटर्स का जिक्र है। China और Russia अमेरिका में नए साइट्स को लेकर चल रही बहस को और ज़्यादा गर्माने की कोशिश कर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ये देश लागत को लेकर असली चिंता का फायदा उठा सकते हैं।

कमेटी चाहती है कि यूएस इंटेलिजेंस कम्युनिटी, यानी वो नेटवर्क जो इंटेलिजेंस इकट्ठा और एनालाइज करता है, अब खुद भी एडवांस्ड AI को अपनाए, क्योंकि विरोधी देश तो पहले से ऐसा कर रहे हैं।

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