भारत के इक्विटी कैपिटल मार्केट ने अगस्त में लगभग $10 बिलियन के डील्स को प्राइस किया है, जिससे यह अब तक के सबसे मजबूत महीनों में से एक बनने की राह पर है।
इसमें सबसे बड़ा योगदान Life Insurance Corp. of India में सरकार द्वारा $3.2 बिलियन के शेयरों की बिक्री का रहा। Manipal Health Enterprises ने भी अपने IPO के जरिए $958 मिलियन जुटाए, साथ ही कई ब्लॉक ट्रेड्स और इंस्टिट्यूशनल प्लेसमेंट्स भी हुईं।
इक्विटी डील्स की तेजी, गिरते Nifty 50 के बावजूद
यह तेजी भारत के $5.1 ट्रिलियन सेकेंडरी मार्केट के दौरान देखने को मिल रही है, जो कि इस साल एशिया के सबसे कमजोर मार्केट्स में से एक रहा है। NSE Nifty 50 इंडेक्स अगस्त में अब तक 2.21% गिर चुका है, वहीं BSE SENSEX में 1.51% की गिरावट आई है।
यह गिरावट इस साल की कठिनाइयों को और बढ़ाती है। Nifty 50 साल 2026 में 7.36% नीचे है और SENSEX में अब तक 9.08% की गिरावट आई है। दोनों बेंचमार्क्स ने 19 अगस्त को अपने अगस्त के निचले स्तर छुए, उसके बाद कुछ रिकवरी दर्ज की गई।
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इस बीच, डीलमेकिंग में तेजी भारत के घरेलू म्यूचुअल फंड्स और इंश्योरर्स की मजबूत भागीदारी, और रिटेल इनवेस्टर्स के सक्रिय निवेश से आई है। लंबे समय के बाद फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPIs) ने भी वापसी की है, जिन्होंने लगातार बिकवाली की थी।
FPIs ने अगस्त में अब तक भारतीय इक्विटीज में नेट 23,544 करोड़ रुपये ($2.5 बिलियन) की खरीदारी की है, जबकि जुलाई में यह आंकड़ा 20,200 करोड़ रुपये ($2.1 बिलियन) था। यह जानकारी डिपॉजिटरी डेटा के अनुसार है। हालांकि, 2026 में FPIs अब भी लगभग 2.3 ट्रिलियन रुपये के शुद्ध विक्रेता बने हुए हैं।
इस साल के अंत में National Stock Exchange of India और Jio Platforms की बड़ी पेशकशें आने की उम्मीद है। इन डील्स की प्राइसिंग इस बात पर निर्भर करेगी कि खरीदार मार्केट में बने रहते हैं या नहीं।
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