Hindi

INPUT Communications की Founder Mary Pedler: “आपका मैसेज तभी मजबूत होता है जब वो और ज्यादा ईमानदार हो जाता है”

  • Mary Pedler का कहना है कि मजबूत founders हमेशा लगातार कम्यूनिकेट करते हैं और कभी भी generic क्रिप्टो टर्मिनोलॉजी या बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावे पर भरोसा नहीं करते
  • संस्थागत निवेश बढ़ने से governance, disclosure discipline और पब्लिक चैनल्स पर सही communication पर ज्यादा जोर दिया जाता है
  • रेग्युलेटरी स्पष्टता से institutions को क्रिप्टो products पर विचार करने में आसानी होती है, जबकि एडॉप्शन आगे बढ़ेगा या नहीं, यह demand और product quality पर निर्भर करता है

Mary Pedler ने पिछले कई सालों में एक बुटीक ब्लॉकचेन PR फर्म को एक इंटरनेशनल कम्युनिकेशन्स एजेंसी में बदला है। 2021 में CryptoColumnist के रूप में शुरू हुई यह कंपनी बाद में INPUT Communications बन गई। यह एजेंसी Fintech, ब्लॉकचेन और AI इंडस्ट्री के ब्रांड्स के साथ काम कर चुकी है, जिसमें Tether, Bitget, Mansa और Brickken जैसे नाम शामिल हैं। 2024 में, Pedler ने BeInCrypto Excellence Awards की जूरी के रूप में भी काम किया।

उनकी एजेंसी का विकास ठीक उसी समय हुआ, जब क्रिप्टो सेक्टर को संस्थाओं, रेग्युलेटर्स और बड़ी कंपनियों की तरफ से ज्यादा जांच का सामना करना पड़ा। अब पार्टनरशिप और कैपिटल के लिए कंपनियों को सिर्फ टेक्नोलॉजी और ग्रोथ नहीं, बल्कि गवर्नेंस, लीगल सर्टेन्टी और कॉमर्शियल परफॉर्मेंस की भी गहरी चेकिंग से गुजरना पड़ रहा है।

BeInCrypto ने Pedler से लीडरशिप, कम्युनिकेशनस, महिलाओं की सीनियर भूमिकाओं और डिजिटल असेट्स में इंस्टिट्यूशनल पार्टिसिपेशन को लेकर बातचीत की।

फाउंडर्स जो अपनी कंपनी को सच में समझते हैं

Pedler मानती हैं कि मजबूत लीडरशिप की शुरुआत बिज़नेस को सही तरीके से समझने से होती है।

“वो फाउंडर्स जो लंबे समय तक चलने वाली कंपनियां बनाते हैं, उनका अपने खुद के स्टोरी के साथ बहुत साधारण रिश्ता होता है। वे आसानी से बता सकते हैं कि कंपनी क्या करती है और इससे कौन पैसा देता है, हर ऑडियंस के लिए एक सिंपल और कंसिस्टेंट स्टोरी होती है, और वे इंडस्ट्री के कॉमन फ्रेजेस का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते।”

मजबूत मार्केट्स में बडे़-बडे़ वादों वाली कम्युनिकेशन को बनाये रखना आसान होता है। मुश्किल समय में ही पता चलता है कि फाउंडर अपनी कंपनी को कितना अच्छे से समझता है।

“जब क्वार्टर अच्छा होता है तो कोई भी आकर्षक लग सकता है। असली टेस्ट तब आता है जब फंडिंग की दिक्कत होती है और फाउंडर को एक ही कंपनी को बैंक, रेग्युलेटर और शंका करने वाले रिपोर्टर के सामने समझाना पड़ता है। अगर हर जगह उनकी स्टोरी पूरी तरह बदल जाती है, तो मतलब शुरुआत से ही नींव कमजोर थी।”

Pedler के अनुसार, संयम (Restraint) भी एक जरूरी लीडरशिप क्वालिटी है। अक्सर क्रिप्टो फाउंडर्स पर हमेशा दिखने और अटेंशन पाने का दबाव रहता है।

“फाउंडर्स को थोड़ा बोरिंग दिखने से भी कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। हर वक्त चर्चाओं में रहने का प्रेशर कई बार ‘अटेंशन’ और ‘प्रोग्रेस’ में कन्फ्यूजन करवा देता है। मैंने कई स्ट्रॉन्ग प्रोडक्ट्स को पीछे होते देखा है, जबकि चुपचाप काम करने वाली टीमें मार्केट में आगे निकल जाती हैं।”

मजबूत लीडर्स के लिए कमजोर मार्केट्स और फंडिंग का दबाव झेलना बहुत जरूरी है। Pedler मानती हैं कि मजबूत लीडर वही होते हैं, जो फोकस्ड रहते हैं, जरूरत पड़ने पर एडजस्ट करते हैं और कंपनी को उसके कमर्शियल टारगेट्स के साथ सही दिशा में चलाते हैं।

अनिश्चितता में सटीकता बढ़िया रिटर्न देती है

पब्लिक का ध्यान तब ज्यादा बढ़ता है जब सिक्योरिटी इन्सिडेंट्स होते हैं, लॉन्च डिले होता है या मार्केट और रेग्युलेटरी अनिश्चितता बनी रहती है। Pedler ने कई बार देखा है कि कम्युनिकेशन की दिक्कतें तब शुरू होती हैं, जब फाउंडर्स कन्फर्म्ड फैक्ट्स और अपनी उम्मीदों के बीच का फर्क नहीं रखते।

“आप जो जानते हैं और जो आप उम्मीद करते हैं, उनमें फर्क रखना बहुत जरूरी है। ज्यादातर छवि को नुकसान तब होता है जब फाउंडर्स खराब सप्ताह में इन दोनों को मिला देते हैं। वे ऐसे डेडलाइन या टाइमलाइन बताते हैं, जो उनके कंट्रोल में नहीं होती, या किसी पार्टनरशिप को तय मानकर बताने लगते हैं जबकि बात अभी चल रही होती है। छह हफ्ते बाद जब उम्मीद की चीजें नहीं हो पातीं, तो उनकी अगली स्टेटमेंट पर भी लोग भरोसा कम करने लगते हैं, चाहे वह सच्ची ही क्यों न हो।”

Pedler रेग्युलर अपडेट्स को ही बेहतर मानती हैं, जो कन्फर्म्ड जानकारियों और रियलिस्टिक टाइमिंग पर आधारित हों।

“जो आप कर सकते हैं वही कहें, जो अब तक हल नहीं हुआ है उसे समझाएँ और अगला अपडेट तब ही दें जब आपने वादा किया था।”

किसी कंपनी का संवाद करने का तरीका सुनने वाले पर भी निर्भर करता है। इंस्टीट्यूशनल खरीदार आम तौर पर ज्यादा सबूत और सटीकता चाहते हैं, जबकि नीति निर्माता और जर्नलिस्ट्स कंपनी से आगे बढ़कर एक्यूरेसी, संयम और रिलिवेंस पर जोर देते हैं।

“रिटेल यूजर्स, इंस्टीट्यूशनल काउंटरपार्टीज़, जर्नलिस्ट्स और पॉलिसी मेकर्स के लिए एक ही मैसेज कहीं भी खास असर नहीं डालता,” Pedler ने कहा।

कंपनियां हर ऑडियंस के हिसाब से प्रेजेंटेशन एडजस्ट कर सकती हैं, साथ में फैक्ट्स एक जैसे ही रख सकती हैं।

ईमानदार मैसेज का महत्व

Pedler ने देखा है कि कई शुरुआती कंपनियां अपने बिजनेस के लिए पुराने क्रिप्टो टर्म्स का इस्तेमाल करती हैं, जबकि उन्हें अपने बनाए बिजनेस को अच्छे से डिफाइन करना चाहिए।

“‘Banking the unbanked’ इसका एक बड़ा उदाहरण है। टीमें इसे तब भी इस्तेमाल करती हैं जब असल में उनका काम सेटलमेंट सिस्टम्स, ट्रेज़री प्रोडक्ट्स या कंप्लायंस टेक्नोलॉजी से जुड़ा होता है।”

ज्यादा सटीक डिस्क्रिप्शन से ट्रस्ट और कमर्शियल कम्युनिकेशन बेहतर होता है।

“आपका मैसेज उतना ही मजबूत होता है जितना वह ईमानदार होता है। आप आसानी से फर्क महसूस करेंगे कि कोई टीम इंडस्ट्री की कहानियों पर चल रही है या उसने अपने रोल को गहराई से समझा है।”

ट्रस्ट के सोर्स भी बदल गए हैं क्योंकि डिजिटल एसेट कंपनियों को रेग्युलेटेड बिजनेस के साथ रिलेशनशिप्स बनानी होती है। एक समय पर ध्यान आकर्षित करके कंपनियां अपनी पहचान बनाती थीं। अब इंस्टीट्यूशनल काउंटरपार्टीज़ गवर्नेंस, लीगल सर्टेनटी और वेरिफायबल पार्टनरशिप्स पर ध्यान देती हैं।

“पहले अटेंशन अपने आप में प्रूफ था। लेकिन जैसे ही आपकी ऑडियंस में इंस्टिट्यूशंस और रेग्युलेटर्स आते हैं, तो वे गवर्नेंस, लीगल क्लैरिटी और नाम बताए गए पार्टनरशिप्स को देखते हैं और अटेंशन का महत्व कम हो जाता है।”

Pedler फाउंडर्स को यह सावधानी भी देती हैं कि वे प्रोडक्ट या सेल्स की कमजोरियों को कंम्युनिकेशन से ढंकने की उम्मीद न करें।

“ओन्ड चैनल्स को ओवर-वेट कर दिया जाता है, लेकिन अपने इको चेंबर के अंदर जाना और सही लोगों तक पहुंचना अलग बात है। पब्लिक रिलेशंस सबसे बेहतर तभी काम करता है जब सेल्स और प्रोडक्ट-मार्केट फिट मजबूत हो।”

महिलाओं को प्रतिनिधित्व के साथ अधिकार भी चाहिए

Pedler मानती हैं कि क्रिप्टो में महिलाओं के लिए लीडरशिप के मौके पारंपरिक फाइनेंस के मुकाबले ज्यादा मिल रहे हैं। इसका श्रेय यंग फाउंडर्स और सपाट हायरार्की को जाता है।

“मेरा मानना है कि क्रिप्टो हर साल बेहतर हो रहा है और पारंपरिक फाइनेंस के मुकाबले तेज़ी से बदल रहा है। यहां फाउंडर्स यंग हैं, हायरार्की फ्लैट है और यहां ज्यादा इंस्टीट्यूशनल मेमोरी नहीं जो यह तय करे कि किसे किस रूम में होना चाहिए।”

कैपिटल तक पहुंच आज भी सबसे बड़ा चैलेंज है। फंडरेजिंग कंपनी की ग्रोथ, एग्जिक्यूटिव मौके और अंत में बोर्ड सीट्स की क्रिएशन को प्रभावित करती है। प्रोफेशनल नेटवर्क भी यही ट्रेंड दिखाते हैं, क्योंकि नई पार्टनरशिप्स और डील्स अक्सर इंडस्ट्री इवेंट्स के अनौपचारिक माहौल में शुरू होती हैं।

“डील्स अक्सर साइड इवेंट्स और कॉन्फ्रेंस बार्स में बनती हैं, न कि औपचारिक प्रक्रियाओं के जरिए। पैनल्स उन्हीं लोगों को बुलाते हैं जो पहले ही पैनल्स पर आ चुके होते हैं, इससे विजिबिलिटी सर्कल भी पूरा हो जाता है।”

Pedler का मानना है कि कंपनियों के अंदर महिलाओं की सही रिप्रेजेंटेशन तब असली वैल्यू दिखाती है जब उन्हें बजट, हायरिंग और रेवेन्यू का कंट्रोल मिल जाता है।

“डिस्कशन को बजट और प्रॉफिट-एंड-लॉस की जिम्मेदारी तक ले जाना जरूरी है, क्योंकि किसी की अथॉरिटी ये तय करती है कि उसके पास क्या कंट्रोल है। रियल अथॉरिटी भी बजट, हायरिंग और रेवेन्यू कंट्रोल से ही आती है।”

वो मेंटरशिप और स्पॉन्सरशिप में फर्क भी बताती हैं।

“मेंटॉरशिप सिर्फ सलाह देती है। स्पॉन्सरशिप का मतलब है कि कोई सीनियर व्यक्ति अपनी क्रेडिबिलिटी से आपका नाम आगे बढ़ाता है, और वहीं दूसरी तरफ ये करियर को बदल सकता है।”

Pedler INPUT की अपनी टीम का उदाहरण देती हैं, जहां महिलाएं एम्पलॉईज में मैजोरिटी में हैं और कुछ क्लाइंट P&L की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं।

“टीम ऑर्गेनिकली इसी तरह ग्रो हुई है। हमने जिम्मेदारी हमेशा उसी को दी जो इसके लिए रेडी था।”

कम्युनिकेशन के लिए नया स्टैंडर्ड

ज्यादा इंस्टीट्यूशनल इनवॉल्वमेंट के चलते समय के साथ क्रिप्टो कंपनियों ने अपने पब्लिक स्टेटमेंट्स मैनेज करने का तरीका बदल लिया है।

“डिस्क्लोजर डिसिप्लिन सबसे पहले आता है। रेग्युलेटेड काउंटरपार्ट्स मानकर चलती हैं कि कंपनी ने जो भी पब्लिश किया है, वो ऑन द रिकॉर्ड है। तीन साल पहले के मार्केटिंग क्लेम्स या अधूरी घोषणाएं ड्यू डिलिजेंस के वक्त फिर सामने आ सकती हैं।”

Pedler के मुताबिक, लीगल और कम्युनिकेशन टीम्स के बीच मजबूत समन्वय जरूरी है, खासकर जब इंस्टीट्यूशनल डिस्कशंस एडवांस स्टेज पर पहुंचें।

रिस्क कम्युनिकेशन की भी अहमियत बढ़ गई है। बैंक और एसेट मैनेजर्स पार्टनरशिप में आने से पहले कस्टडी अरेंजमेंट्स, काउंटरपार्टी एक्सपोजर और रेग्युलेटरी सिनेरियोज अच्छे से जांचते हैं।

“अगर कोई कंपनी अपने ही रिस्क्स सही से समझा नहीं पाती, तो वो अनुभवहीन या टालमटोल करने वाली लग सकती है।”

गवर्नेंस पर भी ऐसी ही नजर रखी जाती है। काउंटरपार्ट्स सीनियर एक्जीक्यूटिव्स को पहचानना, उनकी जिम्मेदारियों को समझना और कंपनी की पॉलिसीज को बिना किसी अस्पष्टता के देखना चाहती हैं।

“ज़ोरदार और अनौपचारिक सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए ध्यान आकर्षित करने वाला इंसान संभवत: संस्था के साथ मीटिंग में कंपनी का सही प्रतिनिधि नहीं हो सकता।”

इंस्टीट्यूशनल एडॉप्शन अभी भी रूल्स और डिमांड पर निर्भर करता है

US डिजिटल एसेट पॉलिसी 2025 में आगे बढ़ी। GENIUS Act 18 जुलाई को कानून बना, जिससे पेमेंट स्टेबलकॉइन्स के लिए फेडरल फ्रेमवर्क तैयार हुआ। डिगिटल एसेट मार्केट क्लैरिटी एक्ट एक दिन पहले ही हाउस में पास हुआ, वहीं सीनेट में मार्केट-स्ट्रक्चर कानून पर काम चलता रहा।

Pedler का मानना है कि रेग्युलेटरी स्पष्टता और कमर्शियल डिमांड इंस्टीट्यूशनल एडॉप्शन प्रोसेस के अलग-अलग हिस्सों को सॉल्व करते हैं।

“स्पष्ट रेग्युलेशन मुख्य रुकावटों में से एक को दूर कर देता है। रेग्युलेटेड संस्था के अंदर, लीगल या कंप्लायंस टीम किसी प्रोजेक्ट को उस पर कमर्शियल सोचने से पहले ही रोक सकती है।”

जैसे ही कंप्लायंस से जुड़ी चिंताओं का समाधान हो जाता है, उसके बाद कमर्शियल कंसिडरेशन को प्राथमिकता मिलती है।

“बिजनेस साइड से पूछा जाएगा कि क्लाइंट इस प्रोडक्ट को चाहते हैं या नहीं, इससे कितनी मर्जिन बनेगी और इसे ऑपरेट करने की लागत कितनी होगी।”

Spot Bitcoin exchange-traded products इसका एक अच्छा उदाहरण हैं। US में approval से established securities प्लेटफॉर्म्स के जरिए एक्सेस मिल गया, जबकि इनवेस्टर्स की डिमांड ने प्रोडक्ट्स में आने वाली कैपिटल को तय किया।

“स्पष्ट रेग्युलेशन किसी प्रोडक्ट पर चर्चा करवाने में मदद करता है। एडॉप्शन डिमांड और प्रोडक्ट क्वालिटी पर निर्भर करता है।”

Pedler का मानना है कि इंस्टीट्यूशनल पार्टिसिपेशन के लिए रेग्युलेटरी कॉन्फिडेंस के साथ स्ट्रॉन्ग कमर्शियल केस होना जरूरी है।

“इंस्टिट्यूशंस को रेग्युलेटरी कॉन्फिडेंस और बिजनेस में हिस्सा लेने के लिए कोई ठोस कारण चाहिए।”


BeInCrypto से नवीनतम क्रिप्टोक्यूरेंसी बाजार विश्लेषण पढ़ने के लिए, यहाँ क्लिक करें

अस्वीकरण

हमारी वेबसाइट पर सभी जानकारी अच्छे इरादे से और केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से प्रकाशित की जाती है, ताकि पाठक जागरूक रह सकें। हमारी वेबसाइट पर दी गई जानकारी के आधार पर पाठक द्वारा की गई प्रत्येक कार्रवाई पूरी तरह से उनके अपने जोखिम पर होती है। कृपया हमारी नियम और शर्तें, गोपनीयता नीति और अस्वीकरण भी देखें।